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फैक्ट चेक: RBI ने बिना महात्मा गांधी की फोटो वाला प्लास्टिक का कोई नोट जारी नहीं किया है, ये तस्वीर AI से बनी है

सोशल मीडिया पर एक नोट की तस्वीर वायरल हो रही है. तस्वीर के साथ दावा किया जा रहा है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने हाल ही में जारी किया है. ये भी कहा जा रहा है कि 500 के कागज वाले नोट में महात्मा गांधी की जो तस्वीर होती है, उसे प्लास्टिक वाले नोट में हटा दिया गया है. इस वायरल तस्वीर का आजतक की टीम ने फैक्ट चेक किया है.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बिना महात्मा गांधी की तस्वीर वाला 500 रुपये का प्लास्टिक का नोट जारी किया है.
सोशल मीडिया यूजर्स
सच्चाई
आरबीआई ने अभी तक ऐसा कोई नोट जारी नहीं किया है. ये फोटो एआई जेनरेटेड है.

500 रुपये के एक नोट की तस्वीर शेयर करते हुए कुछ सोशल मीडिया यूजर्स कह रहे हैं कि ये एक प्लास्टिक का नोट है जिसे रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने हाल ही में जारी किया है. ये भी कहा जा रहा है कि 500 के कागज वाले नोट में महात्मा गांधी की जो तस्वीर होती है, उसे प्लास्टिक वाले नोट में हटा दिया गया है.

दरअसल, हाल ही में आई एक खबर के अनुसार, करंसी नोट की बढ़ती मांग को देखते हुए अब आरबीआई पॉलीमर यानी प्लास्टिक के नोट छापने के बारे में सोच रहा है. इन्हें छापने में कागज के नोटों की तुलना में कम लागत आती है और ये ​ज्यादा टिकाऊ भी होते हैं.

इसी संदर्भ में वायरल हो रही नोट की इस फोटो को शेयर करते हुए एक एक्स यूजर ने लिखा, "भारतीय रिजर्व बैंक ने प्लास्टिक की नई नोट जारी किया... नोट में से गांधी गायब करने का फार्मूला." 

पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.

आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि आरबीआई ने प्लास्टिक का ऐसा 500 रुपये का कोई नोट जारी नहीं किया है. ये फोटो AI से बनी है.

कैसे पता लगाई सच्चाई?

हमें आरबीआई की वेबसाइट और सोशल मीडिया हैंडल्स पर इस तरह के किसी नोट के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली. न ही इसके बारे में किसी भी विश्वसनीय न्यूज वेबसाइट पर कोई खबर मिली.

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नोट की असलियत जानने के लिए हमने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के एक प्रवक्ता से संपर्क किया. उन्होंने आजतक को बताया कि आरबीआई ने वायरल फोटो जैसा कोई भी प्लास्टिक का नोट नहीं जारी किया है. साथ ही, उन्होंने ये भी कहा कि वर्तमान में इस तरह का नोट जारी करने की कोई योजना भी नहीं है.

वायरल फोटो की क्या कहानी है?

वायरल नोट में ऐसी कई चीजें हैं जिनसे इसके फर्जी होने का पता चलता है. सबसे महत्वपूर्ण बात, इसमें ऊपर दाहिनी तरफ जहां 'भारतीय रिजर्व बैंक' लिखा है, वहां जूम करने पर दिखता है कि 'रिजर्व' शब्द ही गलत लिखा है. इसी तरह, इसमें एक पट्टी में 'पांच सौ रुपये' भी कई बार अजीब तरह से लिखा हुआ है. AI से बनी तस्वीरों में अक्सर इस तरह की कमियां पाई जाती हैं. जाहिर है, आरबीआई अगर कोई नोट जारी करेगा तो उसमें इस तरह की गलतियां नहीं होगी.

Sightengine नाम के एआई डिटेक्टर टूल ने इस तस्वीर के एआई से बने होने की 99 प्रतिशत संभावना जताई.

500 रुपये के और बाकी दूसरे सभी नोटों के बारे में आरबीआई की वेबसाइट पर काफी विस्तार से बताया गया है. यहां दी गई जानकारी के मुताबिक, नोट जिस कागज से बनता है, वो 100 प्रतिशत कॉटन का होता है.

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खबर लिखे जाने तक प्लास्टिक का कोई नोट आरबीआई ने जारी नहीं किया है. न ही 500 रुपये का ऐसा कोई नोट जारी हुआ है जिसमें महात्मा गांधी की तस्वीर गायब कर दी गई हो.

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