इंटरनेट यूजर्स एक ऐसे वीडियो को देखकर अभिभूत हैं जो प्रकृति का विचित्र नजारा दिखा रहा है. वीडियो में रेत समुद्र जैसा दिख रहा है जिसमें एक गोताखोर ऑक्सीजन का सिलेंडर बांधे हुए दिखाई देता है.
यह वीडियो फेसबुक पेज ' ' से शेयर किया गया है और इसके कैप्शन में लिखा है, 'लोकेशन सऊदी अरब सीमा के दक्षिण में...यह पानी नहीं है... यह रेत है... हां रेत. इसे एलेन अलखाई रेगिस्तान कहा जाता है.'
पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन देखा जा सकता है.
इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने अपनी पड़ताल में पाया कि यह दावा गलत है. यह एलेन अलखाई रेगिस्तान का दृश्य नहीं है. यह अर्जेंटीना की नहुएल हुआपी झील का दृश्य है जो 2011 में चिली के पुयेहुए ज्वालामुखी (Puyehue-Cordon Caulle volcano) की राख से भर गई थी.
यह वीडियो फेसबुक पेज 'All About Geography' से करीब डेढ़ लाख यूजर्स ने शेयर किया है. इसके अलावा दूसरे यूजर्स जैसे ' ' और ऐसे तमाम यूजर्स ने इसे ऐसे ही दावे के साथ शेयर किया है.
कई लोगों ने वायरल वीडियो के इस दावे से असहमति भी जताई है कि यह वीडियो सऊदी अरब के रेगिस्तान का नहीं है. उनका कहना है कि यह वीडियो अर्जेंटीना की नहुएल हुआपी झील का है. की-वर्ड सर्च की मदद से हमने पाया कि मुख्यधारा की मीडिया जैसे ' ' और '' ने भी यह वीडियो प्रकाशित किया है.
इन सभी लेखों के अलावा ने भी इस ज्वालामुखी के बारे में रिपोर्ट किया है कि चिली के पुयेहुए ज्वालामुखी से निकली राख फैली और चिली के बॉर्डर पर मौजूद अर्जेंटीना की नहुएल हुआपी झील में भर गई. यह घटना 12 जून, 2011 की है.
इस तथ्य से वायरल वीडियो के साथ किए गए उस दावे की हवा निकल जाती है कि यह वीडियो सऊदी अरब के रेगिस्तान का है. यह दावा गलत है. यह चिली के बॉर्डर पर मौजूद अर्जेंटीना की उस नहुएल हुआपी झील का वीडियो है जो ज्वालामुखी की राख से भर गई है.