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फैक्ट चेक: झूठे दावे के साथ लखनऊ का वीडियो वायरल

झारखंड में तबरेज अंसारी के साथ मॉब लिंचिंग की घटना के बाद सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक तनाव फैलाने वाली पोस्ट की तादाद कुछ बढ़ सी गई है. ऐसे में तरह-तरह के फेक वीडियो वायरल किए जा रहे हैं जिनकी पड़ताल हमारी टीम कर रही है.

झूठे दावे के साथ लखनऊ का वीडियो वायरल झूठे दावे के साथ लखनऊ का वीडियो वायरल

झारखंड में तबरेज अंसारी के साथ मॉब लिंचिंग की घटना के बाद सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक तनाव फैलाने वाली पोस्ट की तादाद कुछ बढ़ सी गई है. इसी तरह फेसबुक और ट्विटर पर एक वीडियो वायरल है, जिसमें एक जख्मी व्यक्ति एक महिला के साथ है.

महिला भी बुरी तरह घायल है. पोस्ट में भड़काऊ लहजे में दावा किया जा रहा है कि लखनऊ के इटौंजा इलाके में इस आदमी की बहन के साथ रेप करने की कोशिश की गई. जब भाई ने विरोध किया तो दोनों भाई बहन पर मुसलमानों ने हमला किया है.

इस पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि पुलिस ने कार्रवाई नहीं की और साथ ही हिंदुओं से जाग जाने का आह्वान किया गया है.

***(पाठकों को सावधान किया जाता है कि यह वीडियो काफी वीभत्स है.)

इस पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.

इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने अपनी पड़ताल में पाया कि इस पोस्ट में किया जा रहा दावा भ्रामक है. लखनऊ पुलिस ने कन्फर्म किया है कि हमलावर और पीड़ित दोनों ही मुस्लिम समुदाय के हैं.

फेसबुक पर यह पोस्ट पिछले 24 घंटे से वायरल है. इसी वीडियो को इसी दावे के साथ सैकड़ों लोगों ने शेयर किया है. इसका आर्काइव वर्जन  यहां देखा जा सकता है.

1_062719121454.jpgवायरल फर्जी दावा

यही पोस्ट ट्विटर पर भी तमाम लोगों ने शेयर की है.

twitter_062719121607.jpgट्विटर पर फर्जी दावा

वायरल हुए 45 सेकेंड के इस वीडियो में एक आदमी एक घायल महिला को साथ लिए हुए है और पुलिस से शिकायत दर्ज करने के लिए कह रहा है. उसे यह कहते हुए सुना जा सकता है कि 'यूनुस और इस्लाम' और कुछ अन्य लोगों ने उसकी बहन पर हमला किया है. पीछे से किसी और व्यक्ति की आवाज आती है जो उसे मेडिकल चेकअप पर जाने की सलाह दे रहा है.

पोस्ट में वीडियो के साथ कैप्शन लिखा गया है, “#लखनऊ. यह घटना #इंटोजा थाना क्षेत्र की कल की है, #शांतिप्रीय_कोम के #इस्लाम,और चार पांच लोग और, इसकी बहन का रेप करने आए इसने रेप नही करने दिया तो इसकी बहन और दोनों को बुरी तरह पीटा, #जागो_हिंदू_जागो आप लोगों का अंत निश्चित है, और इस घटना में क्या पुलिस वाले इन्हें अस्पताल पहुंचा सकते थे, पर दुर्भाग्य देखिए हमारे देश के शासन का।”

इस वीडियो को देखकर सोशल मीडिया पर लोग गुस्सा जता रहे हैं. पोस्ट पर  कमेंट में लोग पुलिस की लापरवाही पर और मुसलमानों को भला बुरा कह रहे हैं. सोशल मीडिया पर मचा बवाल देखकर उत्तर प्रदेश पुलिस ने ट्विटर पर मैसेज देकर मामले में सफाई पेश की.

ट्विटर हैंडल 'Lucknow police' से ट्वीट करके लखनऊ पुलिस ने कहा, 'थाना क्षेत्र इटौंजा में बच्चों के झगड़े में एक ही संप्रदाय (मुस्लिम) के दो पक्षों में मारपीट हुई. वीडियो में दिख रहा आदमी  शाहरुख और महिला का नाम शबनम है. पुलिस ने इस संबंध में अभियोग पंजीकृत कर लिया है. अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए तत्काल टीम गठित कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है.

luck_062719121813.jpgट्वीट का स्क्रीन शॉट

एक और ​ट्वीट में लखनऊ पुलिस ने कन्फर्म किया कि एसएसपी कलानिधि नथानी ने इटौंजा मामले का त्वरित संज्ञान लिया. सीओ से जानकारी की गई तो उपरोक्त चौकी पर तैनात कॉस्टेबल राहुल को अमानवीयता से पेश आने के लिए तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर किया गया है.

पुलिस ने ट्वीट करके यह भी सूचना दी कि इटौंजा की घटना में 4 नामजद आरोपियों- उस्मान, शकील, यूनुस और इस्लाम को गिरफ्तार कर लिया गया है. लखनऊ पुलिस के बयानों से यह साफ है कि मामला सांप्रदायिक नहीं है, न ही यह यह मारपीट हिंदू और मुस्लिम समुदाय के बीच है.

फैक्ट चेक

फेसबुक यूजर जैसे 'Shubham Tiwari' और 'R Madhu Sahu'

दावा

कुछ मु​सलमानों ने महिला का रेप करने की कोशिश की और विरोध करने पर महिला को और उसके भाई को पीटा. हिंदुओं को इस अवसर पर जाग जाना चाहिए.

निष्कर्ष

मुस्लिम समुदाय के ही दो पक्षों में झगड़ा और मारपीट हुई. मामला सांप्रदायिक नहीं है.

झूठ बोले कौआ काटे

जितने कौवे उतनी बड़ी झूठ

  • कौआ: आधा सच
  • कौवे: ज्यादातर झूठ
  • कौवे: पूरी तरह गलत
फेसबुक यूजर जैसे 'Shubham Tiwari' और 'R Madhu Sahu'
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