शवयात्रा के दौरान मुस्लिम टोपी पहने लोगों की भारी भीड़ का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर शेयर किया जा रहा है. दावा है कि यह वीडियो झारखंड में 18 जून को मॉब लिंचिंग का शिकार बने का है जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने श्रद्धांजलि दी.
इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पड़ताल की तो पाया कि वायरल हो रहा वीडियो तबरेज अंसारी का नहीं, बल्कि बिहार के शार्प शूटर तबरेज आलम के जनाजे का है. करीब आठ माह पहले कुछ लोगों ने तबरेज आलम की हत्या कर दी थी.
पोस्ट का देखा जा सकता है.
फेसबुक पेज " " ने यह वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा: "तबरेज अंसारी के नमाजे जनाजा में हजारों लोगों की शिरकत" खबर लिखे जाने तक इस वीडियो को करीब 3000 से ज्यादा बार शेयर किया जा चुका था.
यह वीडियो और पर काफी वायरल है.
वायरल वीडियो का सच जानने के लिए जब हमने इसे रिवर्स सर्च किया तो हमें ईटीवी भारत के यूट्यूब पेज पर यह वीडियो मिल गया.
यह वीडियो 22 सितंबर 2018 को अपलोड किया गया था. वीडियो पर "EenaduIndia" का वॉटरमार्क भी नजर आ रहा है. इसके साथ कैप्शन भी मौजूद है जिसमें लिखा है: "जहानाबाद: आरजेडी के पूर्व बाहूबली सांसद शहाबुद्दीन के शार्प शूटर तबरेज आलम उर्फ तब्बू का शव उसके पैतृक घर गरेड़िया खंड मोहल्ला पहुंचा. जहां ईदगाह में जनाजे की नमाज अदा की गई. तबरेज के जनाजे में हिस्सा लेने के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचे."
एक समय पर तबरेज आलम पूर्व सांसद शहाबुद्दीन अंसारी का शार्प शूटर रह चुका था. 21 सितंबर 2018 को जब वह मस्जिद से बाहर निकल रहा था तो बाइक सवार दो युवकों ने गोली मारकर उसकी हत्या कर दी थी. कई प्रतिष्ठित ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था.
इसी तरह पर एक और वीडियो भी मॉब लिंचिंग का शिकार हुए तबरेज अंसारी के जनाजे का बता कर शेयर किया जा रहा है. जब हमने इस वीडियो को रिवर्स सर्च किया तो पाया कि यह भी तबरेज आलम के जनाजे का ही वीडियो है जिसे अलग एंगल से शूट किया गया है. हमें यह वीडियो जहानाबाद न्यूज नाम के यूट्यूब चैनल पर मिला जिसे 23 सितंबर 2018 को अपलोड किया गया था.
पड़ताल में साफ हुआ कि वायरल वीडियो तबरेज अंसारी के जनाजे का नहीं बल्कि बिहार के शार्प शूटर तबरेज आलम के जनाजे का है.