छह जून की सुबह ट्विटर पर अचानक हैशटैग #JyotiradityaScindia टॉप ट्रेंड में आ गया. इस हैशटैग के साथ ट्विटर यूजर्स दावा करने लगे कि हाल ही में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने ट्विटर अकाउंट के बायो से ‘बीजेपी’ शब्द हटा दिया है. लोगों का दावा है कि इसी साल मार्च में कांग्रेस छोड़ने वाले सिंधिया अब बीजेपी भी छोड़ सकते हैं.

सिंधिया के मौजूदा ट्विटर प्रोफाइल में लिखा है कि वे एक ‘जनसेवक और क्रिकेट प्रेमी’ हैं. बहुत सारे ट्विटर यूजर्स, जैसे First India ने ज्योतिरादित्य सिंधिया के अकाउंट के बायो का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा, “राजनेता ज्योतिरादित्य सिंधिया, जिन्होंने हाल ही में कांग्रेस पार्टी छोड़कर बीजेपी ज्वाइन की थी, अपने 'ट्विटर' अकाउंट से बीजेपी शब्द हटा दिया है.”
कुछ अन्य लोगों ने दावा किया है कि सिंधिया अब फिर से कांग्रेस में घर वापसी की तैयारी कर रहे हैं. इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि सिंधिया के ट्विटर अकाउंट के बायो से बीजेपी शब्द हटाए जाने का दावा भ्रामक है. सिंधिया ने मार्च में बीजेपी ज्वाइन की थी, लेकिन अपने ट्विटर अकाउंट के में ‘बीजेपी’ कभी नहीं जोड़ा था.
लोगों की ट्विटर प्रोफाइल में हुए परिवर्तन का पता लगाने वाले ऑनलाइन टूल Spoonbill के मुताबिक, सिंधिया ने आखिरी बार अपने ट्विटर का बायो 17 नवंबर, 2019 को बदला था. तब वे कांग्रेस में ही थे.

उस समय सिंधिया ने अपने अकाउंट के परिचय में 'पूर्व सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री' हटाकर, ‘जनसेवक और क्रिकेट प्रेमी’ लिख दिया था. इसके बाद सिंधिया के ट्विटर बायो में कोई बदलाव नहीं किया गया है. मार्च में जब उन्होंने बीजेपी ज्वाइन की, तब अपनी प्रोफाइल फोटो जरूर बदली थी. इसके अलावा, AFWA को सिंधिया के ट्विटर प्रोफाइल का एक आर्काइव मिला, जो डिजिटल आर्काइव टूल वेबैक मशीन में 17 मई को सेव किया गया था.

इस आर्काइव में भी देखा जा सकता है कि सिंधिया के बायो में ‘जनसेवक और क्रिकेट प्रेमी’ ही लिखा है. इससे साबित होता है कि भाजपा में शामिल होने के बाद सिंधिया ने अपने ट्विटर बायो में कोई बदलाव नहीं किया. ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी ट्विटर पर इसकी पुष्टि की.

सोशल मीडिया पर वायरल इन भ्रामक पोस्टों के आधार पर सिंधिया के भाजपा छोड़ने की अटकलें ऐसे समय लगाई जा रही हैं, जब कांग्रेस और भाजपा ने मध्य प्रदेश की 24 विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं.
कुछ दिनों पहले भी 'इंडिया टीवी' के एक पैरोडी अकाउंट के स्क्रीनशॉट का इस्तेमाल करते हुए दावा किया जा रहा था कि सिंधिया भाजपा छोड़ने वाले हैं. इंडिया टुडे इस दावे की सच्चाई सामने रखी थी.
सिंधिया, कांग्रेस और बीजेपी
मध्य प्रदेश के गुना के पूर्व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 11 मार्च, 2020 को कांग्रेस छोड़कर बीजेपी ज्वाइन कर ली थी. इसके पहले सिंधिया करीब 18 साल तक कांग्रेस पार्टी में रहे. सिंधिया यूपीए की अगुवाई वाली मनमोहन सिंह सरकार में केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं.
ग्वालियर के शाही परिवार से ताल्लुक रखने वाले सिंधिया के इस कदम से मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार गिर गई थी, क्योंकि सिंधिया के वफादार 22 विधायकों ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया और बीजेपी में शामिल हो गए. सिंधिया के इस कदम ने शिवराज सिंह चौहान को एक बार फिर से मुख्यमंत्री बना दिया जो करीब 15 साल के शासन के बाद सत्ता से बाहर हुए थे.