दो दशकों से ज्यादा समय तक बॉलीवुड पर राज करने वाली एक्ट्रेस वैजयंतीमाला ने अपनी फिल्म 'देवदास' के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का फिल्मफेयर अवार्ड लौटा दिया था. उनका मानना था कि उनका किरदार पारो के बराबर ही था ना कि वह किसी सपोर्टिंग एक्ट्रेस की भूमिका में थीं. वैजयंती के जन्मदिन पर हम आपको बताने जा रहे हैं इनके जीवन से जुड़े कुछ ऐसे ही दिलचस्प वाकए.
अपने फैन से ही करली शादी
वैजयंती माला का नाम वैसे तो कभी राज कपूर तो कभी किसी दूसरे एक्टर के साथ जोड़ा जाता रहा लेकिन वैजयंती के शादी की कहानी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है. दरअसल एक बार वैजयंती को निमोनिया हो गया था जिसकी वजह से उन्हें राज कपूर के डॉक्टर बाली के पास इलाज के लिए जाना पड़ा. इलाज के दौरान ही डॉक्टर बाली से वैजयंती को प्यार हो गया और बाद में दोनों ने शादी कर ली थी. मजेदार बात यह थी कि डॉक्टर बाली वैजयंती के बहुत बड़े फैन थे.
परिवार था सबसे महत्वपूर्ण
वैजयंतीमाला को शादी के बाद बेटा सुचीन्द्र बाली हुआ. जिसके बाद वैजयंती ने अपने करियर की परवाह किए बगैर परिवार संभालने पर ध्यान देना शुरू कर दिया. वैजयंती को फिल्म 'दीवार' में मां का रोल ऑफर किया गया था लेकिन उन्होंने मना कर दिया और इस तरह परिवार की खातिर वैजंतीमाला ने अपना करियर त्याग दिया.
राजनीतिक करियर
वैजयंती माला कांग्रेसी विचारधारा की थी. उन्होंने कांग्रेस पार्टी ज्वाइन की और राजनीती में कदम रखा. वैजयंती इंदिरा गांधी की काफी करीबी मानी जाती थीं. वैजयंती का चुनाव 2 बार लोकसभा के लिए हुआ था लेकिन साल 1999 में उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया क्योंकि वैजंतीमाला को लगने लगा था कि राजीव गांधी की मृत्यु के बाद पार्टी अपने सिद्धांतो से भटक रही थी.
उम्दा डांसर थीं वैजयंती
वैजयंती ने अपने क्लासिकल डांस से न केवल इस डांस फॉर्म को पहचान दिलाई बल्कि इंडस्ट्री में खुद को स्थापित भी किया. वैजयंती ने अपनी फिल्म 'लीडर' और 'संगम' के गानों को खुद कोरियोग्राफ किया था.