एक हफ्ते पहले 'स्टापू' और 'म्यूजिकल चेयर' जैसे पिकनिक टाइमपास और पार्टी गेम्स को महाराष्ट्र में ऑफिशियल स्पोर्ट्स घोषित कर दिया गया. चौंकिए मत. ऐसा हुआ नहीं है.
अगर ऐसा होता है तो फिर अंताक्षरी जैसे आपके भी कई ऐसे पसंदीदा खेल होंगे जिन्हें आप ऑफिशियल स्पोर्ट्स की लिस्ट में देखना चाहते होंगे. हिंदी फिल्मों का खेलों से काफी पुराना रिश्ता रहा है और यहां स्पोर्ट्स को हमेशा सराहा गया है. लेकिन मेनस्ट्रीम स्पोर्ट्स के अलावा भी कई टाइमपास गेम्स या पार्टी गेम्स ऐसे रहे जिन्होंने दर्शकों को फिल्म से बांधे रखा. ऐसे खेलों में से भी कुछ को ऑफिशियल स्पोर्ट्स का खिताब मिलना चाहिए. ये रहे कुछ खास टाइमपास खेल...
1. अंताक्षरी: बचपन के इस पॉपुलर खेल को पर्दे पर पहचान मिली राजश्री फिल्म्स से. यहां नौकर और नौकरानी भी साथ बैठकर अंताक्षरी का लुत्फ लेते थे. यह सिलसिला 'मैंने प्यार किया' से लेकर 'डीडीएलजे' तक खूब चला, और आज भी घर-घर में पॉपुलर है.

2. डम्ब शराड्स: बिना बोले फिल्म के नाम की एक्टिंग करने का यह मजेदार खेल 'कुछ कुछ होता है' से लेकर 'कृष्णा कॉटेज' तक और उसके बाद भी काफी पॉपुलर रहा.
3. ट्रेन से रेस: एडवेंचर पसंद लोगों का भी भरपूर ध्यान रखा गया है बॉलीवुड फिल्मों में. 'गुलाम' में आमिर खान और दीपक तिजोरी ट्रेन की तरफ जान की बाजी लगा कर भागे, तो फिल्म 'अपने' में बॉबी देओल ने अपनी ट्रेनिंग में ट्रेन से रेस ही लगा डाली.

4. मुर्गे के खेल: दुनिया के कुछ देशों में मुर्गों की लड़ाई और मुर्गों की रेस जैसे खेल काफी पॉपुलर हैं. ऐसी ही एक कोशिश 'तेरे बिन लादेन' में भी की गई. उसके अलावा 'सिंह इ़ज किंग' में भी अक्षय पाजी मुर्गा पकड़ते देखे गए.
5. पासिंग द पार्सल: हैप्पी और ज्वाइंट फैमेली के लिए एक और बेहतरीन खेल है 'पासिंग द पार्सल'. फिल्म 'हम आपके हैं कौन' ने अपने जमाने में इस खेल को एक नई पहचान दी थी.
6. पतंग टूर्नामेंट: 'हम दिल दे चुके सनम', 'काई पो छे' , 'फुकरे', 'गट्टू', 'यह खुला आसमान', 'पतंग' और 'एकलव्य' जैसी कई फिल्में हैं जिनमें आपको पतंगबाजी के सीन देखने को मिलेंगे. फिर ऐसे खेल को तो ऑफिशियल बनाया ही जा सकता है.

इसके अलावा फिल्म 'बॉस' में अक्षय कुमार का ट्रकों पर जॉगिंग करना या 'दम लगा के हईशा' में आयुष्मान खुराना का अपनी बीवी को पीठ पर लादे भागना भी कुछ रोमांचक खेल हो सकते हैं. बॉलीवुड में ऐसे खेलों की बहुत वैरायटी है.