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अब पद्मावती पर गुजरात में ग्रहण, रूपाणी बोले- फिल्म में जनभावनाओं से खिलवाड़

संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती को अभी सेंसर ने कोई सर्टिफिकेट नहीं दिया है लेकिन उसकी बैन को लेकर घोषणाएं जारी है. इस कड़ी में गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा कि आपत्तिजनक सीन हटाए जाने से पहले राज्य में फिल्म का प्रदर्शन नहीं हो सकता.

दीपिका पादुकोण दीपिका पादुकोण

संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती को अभी सेंसर ने कोई सर्टिफिकेट नहीं दिया है लेकिन उसकी बैन को लेकर घोषणाएं जारी है. इस कड़ी में गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा कि आपत्तिजनक सीन हटाने से पहले राज्य में फिल्म का प्रदर्शन नहीं हो सकता.

रूपाणी ने बुधवार को कहा, फैसला क्षत्रीय और दूसरे संगठनों से बातचीत के बाद लिया गया है. तय हुआ है कि जब तक आपत्तियों का समाधान नहीं होगा, क़ानून-व्यवस्था को देखते हुए गुजरात में फिल्म रिलीज नहीं की जा सकती. इस फिल्म से माहौल बिगड़ सकता है. चुनाव के मद्देनजर किसी तरह की प्रतिक्रया में हिंसा से अशांति फ़ैल सकती है. गृह मंत्रालय की इस पर नजर है. रूपाणी ने कहा, 'मैं इस फिल्म को नहीं देखना चाहता. जिनकी भावनाएं आहत हुई हैं (फिल्म से) वो अपने मुद्दे लेकर मेरे साथ आए. चुनाव के बाद हम फिल्म की रिलीज के बारे में विचार करेंगे.'

गुजरात में बैन हो चुकी है जोधा-अकबर

इससे पहले आशुतोष गोवारिकर के निर्देशन में बनी फिल्म 'जोधा-अकबर' का प्रदर्शन गुजरात में रोक दिया गया था. राजपूत समाज ने फिल्म में जोधाबाई को अकबर की पत्नी दिखाने पर आपत्ति की थी. फिल्म में रितिक रोशन और ऐश्वर्या राय ने मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं.

बीजेपी सीएम खट्टर की राह अलग

उधर, पद्मावती पर जारी राजनीतिक घमासान के बीच बीजेपी के एक दूसरे सीएम मनोहरलाल खट्टर ने अलग राह पकड़ ली है. एक मामले में तो उनकी राय यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ से ठीक उलट है. हरियाणा में फिल्म बैन करने की मांग पर कहा, 'सेंसर से क्लियरेंस से पहले किसी फिल्म को बैन करना ठीक नहीं होगा.' खट्टर ने सिर काटने पर इनाम की घोषणा करने वालों से जवाब मांगने की भी बात कही.

एक-एक स्क्रीन जलाने की ताकत रखते हैं हम: पद्मावती पर बीजेपी नेता

हरियाणा कैबिनेट के दो मंत्रियों की मांग पर बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में खट्टर ने कहा, 'पद्मावती को लेकर हम सेंसर बोर्ड के क्लियरेंस के बाद ही कोई फैसला लेंगे. लेकिन फिल्म के नाम पर जनभावनाओं के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं है. किसी को भी ऐसा करने का हक़ नहीं है.'  उन्होंने कहा, 'मेरा मानना है कि सेंसर बोर्ड की ओर से क्लियरेंस से पहले किसी फिल्म को बैन करना ठीक नहीं है.' दीपिका पादुकोण और संजय लीला भंसाली का सिर काटने पर 10 करोड़ इनाम देने वाले बीजेपी नेता के बयान को खट्टर ने निजी राय बताया.

वाहियात घोषणा पर खट्टर मांगेंगे जवाब

उन्होंने कहा, 'ये उनकी निजी राय है. सरकार का इससे कोई मतलब नहीं है. हम उन्हें बयान के लिए कारण बताओ नोटिस जारी करेंगे.' बताते चलें कि इसी तरह के बयान पर एक सवाल के जवाब में यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा था, 'किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है. मेरा मानना है कि अगर धमकी देने वाले दोषी हैं तो भंसाली भी कम दोषी नहीं हैं. इस आधार पर अगर धमकी देने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए तो भंसाली के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए.'

दो मंत्रियों ने की थी मांग

रिपोर्ट्स के मुताबिक़ बुधवार को सीएम खट्टर की मौजूदगी में हरियाणा कैबिनेट की एक बैठक हुई. इसमें दो मंत्रियों ने ऐतिहासिक तथ्यों के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए फिल्म के कंटेंट पर आपत्ति जाहिर की. मंत्रियों ने कहा, 'अगर फिल्म से विवादित कंटेंट नहीं हटाए जा रहे हैं तो उसका प्रदर्शन राज्य में प्रतिबंधित कर देना चाहिए'

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इन राज्यों में प्रदर्शन रोकने की हो चुकी है बात

यूपी में विवादित कंटेंट के साथ फिल्म रिलीज नहीं करने की बात सामने आ चुकी है. एमपी की शिवराज सिंह चौहान और राजस्थान की वसुंधरा राजे की सरकार ने भी फिल्म का प्रदर्शन रोकने की बात कही है. पंजाब में कांग्रेस सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी विवादित कंटेंट पर आपत्ति जताई है.

68 दिन से पहले नहीं होगी रिलीज

पद्मावती 1 दिसंबर को रिलीज की जानी थी पर कागजात में कमी की वजह से सेंसर ने निर्माताओं को फिल्म लौटा दी है. IFFI में प्रसून ने बताया कि फिल्म की वर्तमान स्थिति को देखते हुए सर्टिफिकेट देने में 68 दिन लग सकते हैं.

उनका यह बयान आजतक की उन रिपोर्ट्स को कंफर्म करता दिखा जिसमें कहा गया था कि सेंसर बोर्ड ने फिल्म के मेकर्स द्वारा सर्टिफिकेट देने की प्रक्रिया को जल्दी करने की अर्जी ठुकरा दी है. पहले इस फिल्म को 1 दिसंबर के दिन रिलीज किया जाना था.

प्रसून ने फिल्म को सेंसर बोर्ड में सबमिट करने से पहले कुछ मीडियापर्सन्स को दिखाने पर अपनी निराशा भी जाहिर की. उन्होंने कहा, अगर लोग चाहते हैं कि सेंसर बोर्ड फिल्म पर कोई फैसला ले तो उन्हें बोर्ड को समय, स्वतंत्रता और मानसिक स्पेस देना होगा.

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