जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद नवजोत सिंह सिद्धू के दिए बयान पर जमकर विवाद हुआ. सोशल मीडिया पर सिद्धू को बायकॉट करने का हैशटैग ट्रेंड करने लगा. मामले ने तूल पकड़ा और नवजोत सिंह सिद्धू को कपिल शर्मा शो से किनारा करना पड़ा. उन्होंने शो से पूरी तरह किनारा किया है या फिर ब्रेक लिया है इस पर अभी सवाल बरकरार है. खबरों के मुताबिक सलमान खान ने ये फैसला होल्ड पर रखा हुआ है.
सामने आ रही रिपोर्ट के मुताबिक, कपिल शर्मा शो के प्रोड्यूसर सलमान खान ने शो से सिद्धू को किनारा करने के लिए कहा है. लेकिन चैनल और प्रोड्यूसर के बीच फाइनल क्या हुआ है, इसकी सूचना आना बाकी है. डीबी पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक सलमान खान शो के प्रोड्यूसर है, शो बीते हफ्ते से टीआपी के टॉप चार्ट में चल रहा है. ऐसे में सलमान खान कोई रिस्क नहीं उठाना चाहते हैं. सलमान खान ने मेकर्स से मामले के ठंडा होने तक फैसला नहीं सुनाने को कहा है. लेकिन शो से सिद्धू को दूर रहने के लिए कहा गया है.
कपिल शर्मा शो में इन दिनों नवजोत सिंह सिद्धू की जगह बतौर जज अर्चना पूरन सिंह ने जगह ले ली है. हाल ही में सोनी टीवी के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से जारी किए गए वीडियो में कपिल शर्मा पूरे जोश के साथ अर्चना पूरन सिंह का स्वागत करते नजर आ रहे हैं.
सिद्धू के सपोर्ट में कपिल शर्मा
कपिल शर्मा से बीते दिनों एक इंटरव्यू में नवजोत सिंह सिद्धू से जुड़े विवाद पर सिद्धू का सपोर्ट किया था. इस वजह से सिद्धू के बाद सोशल मीडिया पर कपिल शर्मा को बायकॉट करने की मांग तेज हो गई थी. कपिल ने कहा था, ''ये बहुत छोटी चीजें हैं और ये सब किसी प्रोपगेंडा का हिस्सा भी हो सकते हैं. मुझे लगता है कि किसी को बैन करना और सिद्धू को शो से हटाना हल नहीं है. हमें स्थायी हल को ओर देखना होगा.''
— Navjot Singh Sidhu (@sherryontopp)
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सिद्धू ने क्या कहा था...
नवजोत सिंह सिद्धू पुलवामा हमले पर दिए अपने बयान की वजह से विवादों में घिरे हुए हैं. उन्होंने आतंकी हमले पर कहा था, ''कुछ लोगों की करतूत के लिए पूरे देश को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है. ये एक बेहद कायराना हमला था. मैं इस हमले की कड़ी निंदा करता हूं. हिंसा को किसी भी तरीके से जायज नहीं ठहराया जा सकता. जिन्होंने ऐसा किया है, उन्हें इसकी सजा मिलनी ही चाहिए. भारत-पाकिस्तान के बीच मुद्दों का स्थायी समाधान खोजने की जरूरत है. इस तरह के लोगों (आतंकवादियों) का कोई देश, धर्म और जाति नहीं होती है. चंद लोगों की वजह से पूरे राष्ट्र (पाकिस्तान) को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता.''