साउथ की फिल्म मर्सल को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ता ही जा रहा है. फिल्म को कमल हासन का सपोर्ट मिलने के बाद अब कांग्रेस के वाइस प्रेसिडेंट राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर तीखा निशाना साधा.
शनिवार को राहुल ने ट्वीट कर पीएम मोदी को कहा- 'मिस्टर मोदी सिनेमा तमिल संस्कृति और भाषा की गहरी अभिव्यक्ति है. तमिलों के गर्व मर्सल में दखल देकर इसे दबाने की कोशिश नहीं करें.' दरअसल, फिल्म में जीएसटी और नोटबंदी को लेकर कुछ सीन्स पर बीजेपी ने आपत्ति की थी. इसके बाद खबरें आईं कि प्रोड्यूसर्स फिल्म से सम्बंधित सीन हटाने पर राजी हो गए हैं.
Mr. Modi, Cinema is a deep expression of Tamil culture and language. Don't try to demon-etise Tamil pride by interfering in Mersal
— Office of RG (@OfficeOfRG)
राहुल को निर्देशक ने दिया जवाब
राहुल के ट्वीट के बाद इस मसले पर राजनीति गर्म हो गई. राहुल का ये ट्वीट एक निर्देशक को पसंद नहीं आया. निर्देशक मधुर भंडारकर ने राहुल के ट्वीट पर जवाब देते हुए लिखा, 'सर, मैं किसी भी फिल्म के बैन के खिलाफ हूं. मैं उस समय आपके समर्थन की उम्मीद कर रहा था जब आपके कार्यकर्ता मेरी फिल्म इंदु सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन आप शांत रहे.'
Sir I m against ban on any film I had expected ur support while ur workers wr demonising but u chose 2 remain silent
— Madhur Bhandarkar (@imbhandarkar)
पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम ने क्या कहा ?
'मर्सल' के कुछ डायलॉग हटाने की मांग पर कटाक्ष करते हुए चिदंबरम ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'ऐसा कानून बनाना चाहिए, जिसमें वृत्तचित्रों (डॉक्यूमेंटरी) में सिर्फ सरकार की नीतियों की सराहना की जाए.' ट्वीट में लिखा, 'भाजपा मर्सल के डायलॉग हटाने की मांग कर रही है. आप कल्पना कीजिए, आज की परिस्थिति में अगर 'पराशक्ति' जैसी फिल्म रिलीज हुई होती तो क्या होता.' एक दूसरे ट्वीट में उन्होंने कहा, 'फिल्म निर्माताओं के लिए सूचना : कानून आने वाला है, अब आप केवल वही वृत्तचित्र बना सकते हैं, जिसमें सरकार की सराहना की जाए.'
Notice to film makers: Law is coming, you can only make documentaries praising government's policies.
— P. Chidambaram (@PChidambaram_IN)
बीजेपी ने फिल्म को राजनीतिक बताया
बीजेपी ने राजनीति से प्रेरित फिल्म बताया.दरअसल, तमिलनाडु बीजेपी के अध्यक्ष तमिलसाई सुंदरराजन ने फिल्म के कुछ सीन्स पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि जीएसटी और डिजिटल मीडिया पर फिल्म में मौजूद सीन से लोगों को गलत जानकारी दी जा रही है. ऐसा विजय की राजनीतिक महत्वाकांक्षा के लिए किया गया है. ये फिल्म तमिलनाडु में शुक्रवार को रिलीज हुई है. तमिलनाडु में हर तरफ विजय के बड़े-बड़े बैनर और कट-आउट्स लगाए गए हैं.
कटआउट घूरने पर विजय के फैन्स ने पीटा
इसी दौरान स्थानीय व्यक्ति राधाकृष्ण थियेटर में लगे एक एक कट-आउट के पास से गुजरा, तो विजय के फैंस ने उसकी पिटाई कर दी. कन्नड़ रक्षक वेदिक (केआरवी ) एक्टिविस्ट्स के मुताबिक उस स्थानीय व्यक्ति को विजय के फैंस ने बुरी तरह पीटा है. पिटाई का कारण ये था कि वह व्यक्ति कट-आउट को घूर-घूरकर देख रहा था. इस पर विजय के फैंस को गुस्सा आ गया. इसी पर कन्नड़ रक्षक वेदिक एक्टिविस्ट्स ने राधाकृष्ण थियेटर में इस फिल्म को न चलने देने की धमकी भी दी थी. अब ये फिल्म राजनीतिक वजहों से विवादों में है.
क्या है फिल्म की कहानी ?
देश के मेडिकल माफिया पर आधारित विजय स्टारर फिल्म में GST और नाटबंदी से संबंधित कुछ दृश्य दिखाए गए थे. बीजेपी ने फिल्म के सीन्स का विरोध करते हुए इन्हें हटाने की मांग की थी. एक स्थानीय स्थानीय चैनल की रिपोर्ट के मुताबिक आपत्ति के बाद मेकर्स कुछ सीन्स हटाने के लिए राजी हो गए हैं. एटली के निर्देशन में बनी इस फिल्म में मेडिकल माफिया के खिलाफ लड़ाई दिखाई गई है. इसे मिले-जुले रिव्यूज मिले हैं, लेकिन सुपरस्टार विजय के एक्शन सीन को काफी सराहा गया है. फिल्म में काजल अग्रवाल, नित्या मेनन और समंथा भी नजर आई हैं.