आरुषि और हेमराज मर्डर केस में आरोपी राजेश और नुपुर तलवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुरुवार को बरी कर दिया है. इस केस पर बॉलीवुड में 2015 में 'तलवार' फिल्म भी बनी थी. फिल्म में इरफान खान ने सीआईडी के ऑफिसर अश्विनी कुमार की भूमिका निभाई थी. इस फैसले पर उन्होंने कहा- कोर्ट ने इस केस में न्याय किया है. सच्चाई ने तलवार फैमिली का साथ दिया और उनके साथ न्याय हुआ.
फिल्म में नुपूर तलवार के रोल में दिखीं कोंकणा सेनशर्मा ने कोर्ट के फैसले का स्वागत किया लेकिन कहा कि यह शर्मनाक है कि असली कातिलों का अभी भी पता नहीं है.
फिल्म 'तलवार' की स्क्रिप्ट लिखने वाले डायरेक्टर विशाल भारद्वाज ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए ट्वीट किया- न्याय में देरी का मतलब न्याय से इंकार नहीं है. बरी किए जाने की खबर सुनने के बाद खुश और मुक्त महसूस कर रहा हूं.
Justice delayed is NOT justice denied. Overwhelmed and deeply relieved upon hearing the news of the acquittal.
— Vishal Bhardwaj (@VishalBhardwaj)
इस मामले में विशाल भारद्वाज के अलावा कबीर बेदी, दीया मिर्जा, शेखर कपूर, विक्रम भट्ट, अतुल कास्बेकर ने अपनी प्रतिक्रिया दी.
The thought of what this family has endured is heartbreaking... thank goodness for all those who pursued justice in this case!
— Dia Mirza (@deespeak)
Nothing worse than parents accused of their own daughters murder. And then horrible sordid made up stories lapped up by media
— Shekhar Kapur (@shekharkapur)
पूरे देश को सदमे में डाल देने वाले इस मसले को लेकर बॉलीवुड में फिल्में भी बनी हैं. ताजा फैसला इस घटना के नौ साल बाद आया है. इस दौरान फिल्ममेकर्स अपने तरीके से इस पूरे मामले की पड़ताल करने में पीछे नहीं रहे. इनमें सबसे मशहूर रहीं दो फिल्में. 'तलवार' नाम से बनी एक फिल्म आई थी साल 2015 के अक्टूबर में. दूसरी फिल्म थी 'रहस्य', जो जनवरी 2015 में रिलीज हुई थी.
बता दें कि विशेष सीबीआई अदालत ने आरुषि और हेमराज की हत्या के मामले में तलवार दंपति को 26 नवंबर, 2013 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. अदालत ने कहा कि परिस्थितियों और रिकार्ड में दर्ज साक्ष्यों के मुताबिक तलवार दंपति को दोषी नहीं ठहराया जा सकता. इस तरह से उसने तलवार दंपति को सीबीआई अदालत द्वारा सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा को रद्द कर दिया.
तलवार दंपति की अपील स्वीकार करते हुए अदालत ने कहा कि न तो परिस्थितियों और न ही रिकार्ड में दर्ज साक्ष्यों से आरुषि और हेमराज की हत्या में तलवार दंपति के शामिल होने की बात साबित हो रही है. अदालत ने कहा कि परिस्थितिजन्य साक्ष्य के अभाव में यह एक ऐसा दुरुस्त मामला है जहां अपीलकर्ता को संदेह का लाभ दिया जा सकता है.
अदालत ने इस तरह से दोनों अपीलकर्ताओं को संदेह का लाभ देते हुए विशेष सीबीआई अदालत का 26 नवंबर, 2013 का फैसला निरस्त कर दिया. अदालत ने तलवार दंपति की अपील स्वीकार करते हुए उन्हें तत्काल रिहा करने का निर्देश दिया. शुक्रवार को तलवार दंपति की जेल से रिहाई हो जाएगी. तलवार दंपति इस समय गाजियाबाद के डासना जेल में सजा काट रहे हैं.