सोशल मीडिया पर एक सरकारी कागज खूब शेयर किया जा रहा है, ये कहते हुए की कांग्रेस विधायक अमित देशमुख और उनके भाई, अभिनेता रितेश देशमुख ने 4,70,64,195 रुपए का कर्ज लिया था. महाराष्ट्र में अब कांग्रेस सत्ता की भागीदार है तो इन सबको कर्जमाफी मिलने वाली है.
वायरल हो रही फोटो में एक सरकारी कागज नजर आ रहा है जिसमें कई लोगों के नाम और जमीन का ब्योरा लिखा हुआ है. साथ ही इस कागज पर ये भी लिखा है कि इन लोगों ने किस बैंक से कितना कर्ज लिया हुआ है. इस कागज पर सबसे ऊपर लिखा है विधायक अमित देशमुख का नाम और उसके थोड़ा नीचे रितेश देशमुख का नाम. कागज़ के दाईं ओर लिखा है “ला जी मा स बैंक” और उसके आगे लोन का बड़ा आंकड़ा दिख रहा है. वायरल फोटो पर लाल रंग से मार्किंग की गई है तो वहीं पीले रंग से मराठी में लिखा है, “कर्ज़ माफी कैसे हो, ये बताओ.”
ट्विटर यूज़र मधुकिश्वर ने भी ये वायरल फोटो ट्वीट किया था जिसका जवाब अभिनेता रितेश देशमुख ने ये लिख कर दिया कि “उक्त कागज़ात गलत इरादों के साथ शेयर किया जा रहा है. न मैंने, न मेरे भाई अमित देशमुख ने ऐसा कोई भी ऋण लिया है जिसका उल्लेख आपके कागज़ में है. इसलिए, किसी भी ऋण माफी का कोई सवाल ही नहीं है. कृपया गुमराह न हों.” इसके बाद मधुकिश्वर ने वायरल फोटो के साथ वाला ट्वीट तुरंत ही हटा दिया.
Dear @madhukishwar Ji, The said paper in circulation is with malafide motive. Neither me nor my brother @AmitV_Deshmukh have availed any loan as mentioned in the paper posted by you. Hence, there is no question of any loan waiver whatsoever. Please don’t be misled. Thank you. https://t.co/yCfxNt2ZRm
— Riteish Deshmukh (@Riteishd) December 3, 2019
वहीं लातूर जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के अधिकारियों ने बताया कि दरअसल देशमुख परिवार एक चीनी मिल और कई एकड़ गन्ने के खेतों के मालिक है. इसी सिलसिले में परिवार के कुछ सदस्यों ने गन्ने की कटाई के लिए यंत्र खरीदने के लिए लोन की अर्ज़ी की थी. ये यंत्र काफी महंगे होते हैं और बैंक से लोन के लिए कुछ शर्तें हैं जैसे कि पच्चीस एकड़ ज़मीन का होना इत्यादी ज़रूरी है. देशमुख परिवार का लोन मंजूर भी हो गया था. परिवार के कुछ लोग जैसे कि अमित और रितेश की मां ने लोन लिया तो वहीं इन दोनों भाइयों ने लोन नहीं लिया.@Riteishd ji, an otherwise reliable Mumbai friend sent me that info. Knowingly,I never publish misleading info even against someone I may hate.Sorry,in this case I was misled. From now on, won't trust even good friends on SM matters. Sincere apologies.BTW I admire your acting https://t.co/30aa2DTqvb
— MadhuPurnima Kishwar (@madhukishwar) December 3, 2019
बैंक के चेयरमैन श्रीपथ राव काकडे ने कहा, “परिवार के कुछ लोगों ने लोन के लिए अप्लाई किया था. अमित और रितेश की मां ने सबसे पहले लोन लिया था लेकिन उसके बाद इन लोगों ने लोन नहीं लिया क्योंकि इन लोगों ने बोला कि ये लोन बहुत भारी पड़ रहा था. क्योंकि ये लोन बैंक से सैंक्शन हो गया था इसलिए लैंड रिकॉर्ड में ये दिख रहा था. अमित और रितेश की मां ने अपना कर्ज़ पूरा वापस कर दिया और इन लोगों ने लोन नहीं लिया.” बैंक की तरफ से जो चिट्ठी उस समय तहसीलदार के दफ्तर को लिखी गई थी, वो आजतक के पास है. तहसीलदार के दफ्तर ने भी नए लैंड रिकॉर्ड में बदलाव हो जाने की बात कही है लेकिन ये अब तक ऑनलाइन में दिख नहीं रहा है.
अमित देशमुख ने इस मुद्दे पर कहा, “ये जो कर्जा है ये हमने लिया ही नहीं तो इसकी चर्चा क्यों हो रही है. ये गलत है.” तो ज़ाहिर है कि कर्ज है नहीं, तो कर्ज माफी भी होने नहीं वाली.