मिस इंडिया अर्थ 2019 की विनर और मशहूर मॉडल सायली सुर्वे ने अपनी निजी जिंदगी के खुलासे कर सनसनी फैला दी है. उन्होंने अपने पति आतिफ तासे पर गंभीर आरोप लगाए हैं. सायली ने बताया कि वो उनके साथ बदसलूकी करते थे. वो शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का शिकार हुई हैं. इसके बाद उन्होंने हिंदू संगठनों की मदद ली और एक अनुष्ठान कर घर वापसी की.
अतेजा से आद्या बनीं सायली
इसका वीडियो सामने आया, जहां सायली कई लोगों से भरे एक हॉल में हवन कुंड के आगे बैठीं, मंत्रोच्चारण करती दिख रही हैं. उनके माथे पर टीका लगा है, गले में माला पहनी है. पंडित और हिंदू धर्म से जुड़े लोगों के बीच वो नए नाम आद्या सुर्वे को अपनाती नजर आईं. सायली ने धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कर अपना पुराना नाम बदलकर आद्या सर्वे रख लिया है. उनके साथ इस अनुष्ठान में एक महिला हैं जो एक बच्चे को गोद में लिए हुए हैं, बताया जा रहा है कि वो उन्हीं का बेटा है.
(ये वीडियो एक हिंदू संगठन- भारत हिंदू एकता के पेज पर शेयर किया गया है. आजतक इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
प्यार के लिए अपनाया था इस्लाम
सायली ने आतिफ से निकाह करने के लिए इस्लाम कुबूल किया था. उनकी शादी को 10 साल हो चुके हैं, लेकिन सायली के मुताबिक इतने सालों में वो खुशी के पल नहीं जी पाई.
सायली ने साल 2019 में मीरा भायंदर के मशहूर व्यवसायी आतिफ तासे से शादी की. शादी के समय सायली ने अपने परिवार के विरोध को दरकिनार कर ये कदम उठाया था. क्योंकि आतिफ से प्यार करती थीं. इसलिए परिवार के खिलाफ जाकर उन्होंने निकाह किया, जिसके बाद उनका नाम 'अतेजा तासे' रखा गया. लेकिन उनकी शादी ज्यादा समय तक नहीं चली.
यातना और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोप
सायली ने मीडिया से बात करते हुए सनसनीखेज आरोप लगाए. उन्होंने कहा- आतिफ तासे से शादी करना मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती थी. उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि शादी के तुरंत बाद उन्हें प्रताड़ित किया गया और उनका धर्म परिवर्तन कराया गया. उन्होंने इस उत्पीड़न के बारे में पुलिस में बार-बार शिकायत दर्ज कराई, लेकिन उन्हें पुलिस से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली, इस पर उन्होंने खेद व्यक्त किया.
हिंदुत्व संगठनों की ली मदद
कई महीनों तक उत्पीड़न सहने के बाद, सायली ने हिंदू संगठनों से संपर्क किया. उनके समर्थन और मार्गदर्शन से सायली ने अपने मूल धर्म में लौटने का फैसला किया. पिंपरी-चिंचवाड़ में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां हवन और मंत्रोच्चार के माध्यम से सायली की शुद्धि प्रक्रिया पूरी की गई.
सायली ने कहा- जो भी लड़कियां ऐसी बातें सह रही हैं, कृपया इन्हें सहन न करें. भगवान ने हमें जीवन ऐसे रावणों के सामने हारने के लिए नहीं दिया है. हिम्मत मत हारो. मैं 10 साल तक वहां रही, क्योंकि मेरे चार बच्चे हैं. जब मैं अपने बच्चों को देखती हूं, तो कभी नहीं सोचती कि मेरा घर टूट जाए या बच्चों को अपने माता-पिता का सहारा न मिले. मैंने इतने साल यही सोचते हुए बिताए. लेकिन एक इंसान होने के नाते, मेरा सब्र टूट गया. मुझे अपने बच्चों के लिए बाहर आना ही पड़ा.