मशहूर एक्टर सलीम कुमार का निधन हो गया है. वे सिर्फ 56 साल के थे. दुनिया से उनका जाना मलयालम फिल्म इंडस्ट्री के लिए बड़े झटके जैसा है. एक्टर की तबीयत कुछ समय से ठीक नहीं थी. शनिवार को तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें कोच्चि के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था. उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था.
सलीम कुमार को 2010 में समीक्षकों द्वारा सराही गई फिल्म 'अदमिंते मकान अबू' के लिए बेस्ट एक्टर का नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला था. उन्हें चार बार केरल राज्य फिल्म पुरस्कार से भी नवाजा जा चुका था. उनके बेटे चंदू सलीम कुमार भी एक एक्टर हैं.
कॉमेडी रोल्स के किंग थे सलीम कुमार
सलीम मुख्य रूप से कॉमेडी एक्टर थे और उन्होंने मलयालम की कुछ सबसे बड़ी कॉमेडी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में काम किया था. उनके कॉमेडी डायलॉग्स का इस्तेमाल मलयाली लोग आज भी रोजमर्रा की बातचीत में अक्सर करते हैं.
सलीम कुमार ने फिल्मों में आने से पहले ड्रामा और मिमिक्री भी की. इसके बाद 1997 में फिल्मी करियर शुरू किया. वे मलयालम सिनेमा में कई तरह के कॉमेडी और कैरेक्टर रोल निभाने के लिए जाने जाते रहे.
एक्टर सलीम की C.I.D. Moosa, Pulival Kalyanam जैसी फिल्में काफी हिट रहीं. उनकी ये फिल्में हिंदी डबिंग, यूट्यूब और टीवी के जरिए उत्तर भारत के दर्शकों तक भी पहुंचीं. Achanurangatha Veedu में उन्होंने कॉमेडी अभिनेता की छवि से बाहर निकलकर दमदार अभिनय दिखाया था.
कांग्रेस पार्टी के कट्टर समर्थक
सलीम कुमार कांग्रेस पार्टी के मुखर समर्थक थे, खराब सेहत के बावजूद उन्होंने पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF के लिए सक्रिय रूप से प्रचार किया था. वे कई मौकों पर इसके नेताओं के साथ दिखे और LDF नेतृत्व की आलोचना भी की.