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The Great Grand Superhero Review: हंसी-खुशी में बड़ी बात सिखा जाती है जैकी श्रॉफ की सुपरहीरो फिल्म, दिलाएगी मजा मगर नहीं परफेक्ट

थिएटर्स में एक नई सुपरहीरो फिल्म लगी है, जो किड्स फ्रेंडली तो है ही मगर साथ ही साथ इसमें हम बड़ों के लिए भी एक अहम सीख छिपी है. जैकी श्रॉफ फिल्म द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो में एक बूढ़े सुपरहीरो बने हैं, जिसमें उनके साथ मिहिर गोडबोले, शिवांश चोरगे जैसे दमदार चाइल्ड आर्टिस्ट भी शामिल हैं. कैसी है ये फिल्म? पढ़िए हमारा रिव्यू.

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जैकी श्रॉफ ने फिल्म में किया कमाल (Photo: Instagram/@apnabhidu)
जैकी श्रॉफ ने फिल्म में किया कमाल (Photo: Instagram/@apnabhidu)
फिल्म:द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो
3/5
  • कलाकार : जैकी श्रॉफ, मिहिर गोडबोले, शिवांश चोरगे, भाग्यश्री, शरत सक्सेना
  • निर्देशक :मनीष सैनी

बचपन में ना जाने हमने कितनी ऐसी फिल्में देखी हैं, जो हमारे मनोरंजन के लिए सबसे बेस्ट होती थीं. टार्जन द वंडर कार, भूतनाथ, भूत अंकल, चैन कुली की मैन कुली, माई फ्रेंड गणेशा, तारे जमीन पर, चिल्लर पार्टी- ये वो फिल्में हैं जो हंसाने के साथ-साथ अंत में एक बेहद अहम मैसेज देकर चली जाती हैं. पिछले काफी समय से बॉलीवुड की तरफ से ऐसी फिल्में नहीं आ रही थीं. 

मगर अब बॉलीवुड के बिंदास एक्टर माने जाने वाले जैकी श्रॉफ इस ट्रेंड को वापस लेकर आए हैं. उनकी नई फिल्म द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो 29 मई को थिएटर्स में रिलीज हो गई है. इस फिल्म का ट्रेलर जब आया, तो इसका कंटेंट काफी फ्रेश सी फीलिंग दे रहा था. ऐसा माना गया कि इसे देख बचपन की यादें ताजा होने वाली हैं. जैकी श्रॉफ पहले भी किड्स फ्रेंडली फिल्में बनाकर छा चुके हैं. अब क्या उनकी इस नई सुपरहीरो फिल्म ने भी वो कारनामा किया है? आइए, आपको बताते हैं.

क्या है इस नए ग्रेंड ग्रैंड सुपरहीरो की कहानी?

फिल्म की कहानी दिपू (मिहिर गोडबोले) की है, जो अपने पिता के ट्रांसफर की वजह से अलग-अलग स्कूलों में पढ़ने के लिए मजबूर है. इस वजह से उसका कोई पक्का दोस्त नहीं है. पढ़ाई में होशियार दिपू से स्कूल में कोई बात नहीं करता. अब ऐसे में उसे स्कूल में अच्छे दोस्त बनने के लिए अपने दादा जगदीश (जैकी श्रॉफ) को सुपरहीरो बनाना पड़ता है. दिपू अपने दादा को पृथ्वी का सबसे ताकतवर सुपरहीरो बताता है, जो बाहर की दुनिया से आने वाले एलियंस का खात्मा आसानी से कर देता है. 

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लेकिन असल में दिपू का दादा एक मामूली सा बूढ़ा इंसान है, जो बाल्टी उठाने जाता है तो उसकी कमर में मोच आ जाती है. उसे छिपकली, ऊंचाई और सुई से डर लगता है. अब दिपू के झूठ में उसका दादा फंस जाता है, और बाकी बच्चों को ये साबित करने कि वो सुपरहीरो है इस कोशिश में लग जाता है. अब क्या दिपू और उसका दादा जगदीश इस झूठ के चंगुल से बच पाएंगे, या वो इसी झूठ की वजह से एक बड़ी मुसीबत में फंसेंगे? ये तो जब आप फिल्म देखेंगे, तो खुद समझ जाएंगे. 

हंसी-मजाक में बड़ा इम्पैक्ट छोड़ जाती है फिल्म

जैकी श्रॉफ की सुपरहीरो फिल्म काफी रिलेटेबल सी लगती है. फिल्म में बच्चों के अंदर जो हर छोटी-छोटी चीज जानने की इच्छा होती है, उसे बड़े अच्छे तरीके से पेश किया गया है. जितने भी चाइल्ड आर्टिस्ट्स इसमें कास्ट किए गए हैं, वो सभी की एक्टिंग और कॉमिक टाइमिंग जबरदस्त है. खासतौर से फिल्म में दिखा लड्डू जिसे शिवांश चोरगे ने प्ले किया है. उन्हें आप ट्रेलर में देखकर अंदाजा लगा सकते हैं कि इतनी छोटी उम्र में उन्होंने कैसा काम किया है. 

फिल्म के अंदर कॉमेडी एकदम सिंपल और नेचुरल रखी गई है, कहीं जबरदस्ती नहीं महसूस होती. जैकी श्रॉफ ने भी काफी बेहतरीन काम किया है. एक बूढ़े सुपरहीरो के रोल में वो खूब जंचे हैं, उनका कॉस्ट्यूम भी जबरदस्त है. इसके साथ-साथ द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो फिल्म पर्यावरण से जुड़ा एक बेहद अहम मैसेज भी छोड़कर जाती है, जो इस फील-गुड मूवी को और खास बनाता है. 

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कम रनटाइम के बावजूद धीमी लगती है फिल्म

वैसे तो पूरी फिल्म अगर देखी जाए, तो काफी अच्छे तरीके से बनाई गई है. मगर इसकी सबसे बड़ी कमजोरी स्क्रीनप्ले में नजर आई. कई-कई जगहों पर फिल्म की रफ्तार धीमी पड़ती नजर आई. ये फिल्म 2 घंटे से भी कम समय की है, लेकिन तब भी कुछ जगहों पर पेसिंग की कमी दिखी है. साथ ही इसका वीएफएक्स भी उतना खास नहीं है, जो आपको कई जगहों पर आराम से नोटिस भी हो जाएगा. 

हालांकि इसका बजट भी उतना बड़ा नहीं है. रिपोर्ट्स की मानी जाए, तो इसे सिर्फ 25 करोड़ रुपये में बनाया गया है. अधिकतर फिल्म की शूटिंग असली लोकेशन पर हुई है, जिससे ये अपना वीएफएक्स वाला पार्ट कुछ हद तक कवर भी कर लेती है. 

यहां देखें फिल्म का ट्रेलर:

कुल मिलाकर अगर देखा जाए, तो आप जैकी श्रॉफ की सुपरहीरो फिल्म को आराम से जाकर देख सकते हैं. अगर आपकी फैमिली है, तो इसे अपने बच्चों के साथ देखना मिस ना करें. बहुत समय बाद बॉलीवुड में एक ऐसा एक्सपेरिमेंट होता देखा गया है, जो सच कहा जाए तो बुरा नहीं है लेकिन परफेक्ट भी नहीं है. अंत में जैकी श्रॉफ के अंदाज में कहा जाए, तो 'भिडू एकदम झकास फिल्म है. फुल टाइमपास होगा.'

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