बॉलीवुड एक्ट्रेस अनन्या पांडे स्टारर 'कॉल मी बे' सीरीज अमेजन प्राइम पर स्ट्रीम हो रही हैं. इस सीरीज के प्रोड्यूसर करण जौहर भी हैं. 35 से 40 मिनट के ड्यूरेशन वाले इन 8 एपिसोड्स की सीरीज में साउथ दिल्ली की 'Bella Chowdhury' की कहानी किस तरह से बयां की गई है, चलिए हम आपको बता ही देते हैं.
BAE की कहानी जान लीजिए
कहानी बड़ी सिंपल सी है. साउथ दिल्ली की बेला चौधरी जो एक बेहद अमीर खानदान में बड़ी हुई है, और बचपन से ही ट्रॉफी वाइफ बनने की ट्रेनिंग की दी गई है, वो अपनी एक गलती की वजह से घर से बाहर कर दी जाती है. रातों रात फैशन परेड में चलने वाली एक लड़की मुंबई की सड़कों पर खुद का वजूद तलाशते हुए जर्नलिस्ट बन जाती है. (हां, जैसे वजूद तलाशने का जिम्मा तो इसी प्रोफेशन ने उठाया है.) वो भी एक वायरल वीडियो की वजह से, कमाल है ना!
खैर, इस दौरान उसे तश्तरी में सजाई हुई एक स्टोरी मिलती है, जिस पर काम करने में वो दोस्तों के साथ जुट जाती है. अब आप सोचेंगे कि मैं लिखूंगी कि फिर आते हैं ट्विस्ट और टर्न्स और कैसे बेला फिर से अमीर हो जाती है. तो जवाब है ना! ऐसा कुछ तो नहीं होता है लेकिन हां, कन्फ्यूजन के बीच जेन ज़ी की लाइफस्टाइल का नमूना और करारी दोस्ती मजेदार तरीके से देखने को जरूर देखने को मिलती है. जिस पर आप हंसते हुए कह सकेंगे- अरे यार क्या ही चल रहा है!!
अब आते हैं मेरी सो कॉल्ड टिप्पणी पर... इसी के लिए तो घंटों आंखों को कष्ट दिया है, काजल की जरूरत ही नहीं, डार्क सर्कल्स ने काम कर दिया है. और इस सीरीज में भर भर के मिलेगा आपको ड्रामा... ड्रामा... और सिर्फ ड्रामा! सीरीज में दीपिका पादुकोण के लेक कोमो से लेकर कियारा आडवाणी की शादी का वीडियो तक अनन्या स्टाइल में दिखा दिया गया है. फिर स्ट्रगल वाली लाइन तो आप ट्रेलर में देख ही चुके हैं तो मैं क्या ही बोलूं...!
वो तो रियल लाइफ BAE है!
तो... सबसे पहली बात अनन्या लगीं तो मजेदार हैं. क्योंकि लगा ही नहीं मैं Bae को देख रही हूं. वो तो रियल लाइफ की अनन्या पांडे ही हैं. ऊबर कूल ब्रांडेड कपड़े, टिप-टॉप वाला मेकअप, परफेक्टली स्टाइल किए बाल और क्लासी एक्सेंट. Bae कहती है वो गोल्डन स्पून के साथ पैदा हुई थी- मैं कहती हूं गोल्डन नहीं बहन कोहीनूर. वो अकेलापन दूर करने पेरिस, मिलान, न्यू यॉर्क जाती है और एक महीने का क्रैश कोर्स करती है.
Bae के कैरेक्टर की एक अच्छी बात है, वो भटकी हुई नहीं है. उसे पता है वो टैलेंटेड है. उसे एक्सेप्टेंस का सही मतलब पता है. वो अकेले भी सब कुछ हैंडल कर सकती है, लेकिन उसकी फैमिली को इस पर भरोसा नहीं है. इसलिए जब बेला की मां (मिनी माथुर) उसे सेफ रखने के लिए लॉस एंजेलिस भेजने का फैसला करती है तो Bae अपना फैसला लेती है मुंबई निकल जाती है. Bae के पास बहुत पैसा है लेकिन उसे घमंड नहीं है, वो गरीबी में भी गुची का बैग गिफ्ट कर देती है. जेल में बैठी है, लेकिन साथ वाले को छुड़ाने के लिए सारे पैसे दे देती है. सीरीज की कहानी भी अनन्या से शुरू अनन्या पर खत्म है. भटकी नहीं लगी, लेकिन हां इतनी भी अच्छी नहीं कि आप इसकी सीरीज बना डालें.
करण जी फिल्म ही बना लेते!
मैं इसे किसी हॉलीवुड सीरीज से कम्पेयर नहीं करूंगी, क्योंकि ये करण जौहर के बैनर तले बनी है. जहां गरीब होकर भी Bae के पास इतने पैसे हैं कि वो रोज दारू पार्टी कर रही है. कैसे बहन कैसे? ये कौन सा बहन कोड है? बताओ हमें भी...!! उसके लिए मुंबई में बेहद साफ-सुथरे गद्दे वाले ऑटो कैसे चल रहे हैं? मुंबई की गर्मी में वो फुली स्टाइल्ड बालों को बिना पसीना बहाए कैसे मेनटेन कर रही है, वो भी ऑटो में ट्रैवल कर के? हम तो मंजुलिका बन जाते हैं. जिस फ्लैट में वो रह रही है उसकी छत से पानी टपक रहा है लेकिन नीचे ही रैक में ओपन सजे उसके डिजाइनर कपड़े खराब नहीं कर रहा है. एम जेलस!!
एक सवाल है, हो पाए तो बता दीजिएगा... मुंबई में बेला 1BHK फ्लैट के बाहर गलियों में अगस्त्य चौधरी को चौपर लैंड करने की जगह कहां मिली?
कॉमेडियन वीर दास ने सोच से घटिया एंकर सत्यजीत का कैरेक्टर बहुत अच्छे से निभाया है. आप देखकर समझ जाएंगे वो किसे कॉपी कर रहे हैं. एक अलग से शाउट आउट मुस्कान जाफरी के लिए, बड़ी ही नैचुरल और स्वीट लगी हैं. नील नायर के रोल में गुरफतेह पीरजादा को ज्यादा मौका नहीं मिला है, मिलता तो अच्छा लगता. Bae के इग्नोरेंट हसबैंड अगस्त्य चौधरी बने विहान सम्राट क्यूट लगते हैं, लेकिन खुशी है कि Bae के जिम ट्रेनर बने वरुण सूद को उनके पीछे भागते-भागते अपना असली प्यार मिल जाता है. सीरीज में कई गेस्ट अपीयरेंस हैं जो अटपटे नहीं लगते.
तो अब अगर मैं कहूं कि अनन्या का 'कॉल मी बे' का सीजन 1 सोनम कपूर की 'आयशा' की याद दिलाती है तो गलत नहीं होगा.