
अगर बोरियत की वजह से आपका वीकेंड खराब हो रहा है, तो रिमोट उठाइए और जी5 की इन 5 सस्पेंस-थ्रिलर कहानियों पर तुरंत धावा बोल दीजिए. यहां यूपी के 'लौंडा डांस' के खूनी बदले से लेकर कोरियन ड्रामे के ऐसे देसी ट्विस्ट हैं, जिन्हें देखकर आपका दिमाग हिल जाएगा. फिर देर किस बात की पॉपकॉर्न का डिब्बा लेकर बैठिए और इन सीरीज-फिल्मों का लुत्फ उठाइए.
सतरंगी: बदले का खेल (Satrangi - Badle Ka Khel)
यह उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाके की एक तीखी क्राइम-थ्रिलर सीरीज है. कहानी 'बबलू' नाम के लड़के की है, जिसके पिता 'लौंडा डांस' (पारंपरिक डांस) करते थे और उनकी हत्या हो जाती है. हालात बबलू को इसी पेशे में आने पर मजबूर कर देते हैं, लेकिन उसका असली मकसद अपने पिता की मौत का बदला लेना है. अगर आपको जमीनी और सच्ची कहानियां पसंद हैं, तो इसे जरूर देखें. यह सीरीज सामाजिक बुराइयों को बहुत ही संजीदगी से दिखाती है.
कास्ट: अंशुमान पुष्कर, महवश और कुमुद मिश्रा

दुरंगा सीजन 2 (Duranga Season 2)
यह मशहूर कोरियन ड्रामा 'फ्लावर ऑफ एविल' का रीमेक है. दूसरे सीजन में कहानी और ज्यादा सस्पेंस से भर जाती है. 'समित' (अमित साध) सालों बाद कोमा से जागता है और अपनी पहचान वापस मांगता है, जिसे 'अभिषेक' (गुलशन देवैया) चुराकर रह रहा था. अब दोनों के बीच शह और मात का खेल शुरू होता है. अमित साध की एंट्री इस सीजन को बहुत थ्रिलिंग बनाती है. हर एपिसोड में आने वाले साइकोलॉजिकल ट्विस्ट्स आपको अंत तक बांधकर रखेंगे.
कास्ट: गुलशन देवैया, दृष्टि धामी और अमित साध
IMDb रेटिंग- 7.4

नक्सलबारी (Naxalbari)
यह एक धमाकेदार एक्शन-पॉलिटिकल थ्रिलर सीरीज है. कहानी एसटीएफ एजेंट राघव जोशी की है, जिसे गढ़चिरौली में हुए नक्सली हमले की जांच का जिम्मा मिलता है. राघव जब इस मिशन पर निकलता है, तो उसे पता चलता है कि इस लड़ाई के पीछे सिर्फ नक्सली नहीं, बल्कि बड़े कॉर्पोरेट और खनन माफिया भी शामिल हैं. यह सीरीज नक्सलवाद के मुद्दे को किसी एक नजरिए से नहीं, बल्कि पुलिस, सरकार और नक्सलियों समेत तीनों के पक्ष से दिखाती है. राजीव खंडेलवाल का एक्शन और कड़क अंदाज देखने लायक है.
कास्ट: राजीव खंडेलवाल, टीना दत्ता, सत्यदीप मिश्रा और आमिर अली
IMDb रेटिंग- 7.0

वॉरंट: फ्रॉम द वर्ल्ड ऑफ विलांगु (Warrant)
यह तमिल की सुपरहिट सीरीज 'विलंगु' का हिंदी डब वर्जन है. कहानी एक सीधे-साधे और डरपोक पुलिस कॉन्स्टेबल की है, जिसे पुलिस महकमे के लोग हमेशा परेशान और बेइज्जत करते हैं. जब उसके बर्दाश्त की हद पार हो जाती है, तो वो सिस्टम के खिलाफ खड़ा होता है और एक खतरनाक रूप ले लेता है. यह कोई आम एक्शन ड्रामा नहीं है. यह पुलिस विभाग के अंदर के तनाव और एक लाचार इंसान के हिंसक बदलाव को बहुत ही असल ढंग से पेश करती है.
कास्ट: प्रशांत पांडियाराज और बालाजी शक्तिवेल

दीवाने की दीवानियत (Deewane Ki Deewaniyat)
यह एक डार्क और इंटेंस रोमांटिक-थ्रिलर फिल्म है. कहानी एक ताकतवर राजनेता और एक उभरती हुई एक्ट्रेस की है. राजनेता को एक्ट्रेस से प्यार हो जाता है, लेकिन धीरे-धीरे यह प्यार एक खतरनाक सनक और जुनून में बदल जाता है. वो एक्ट्रेस की जिंदगी को पूरी तरह कंट्रोल करने की कोशिश करता है, जिससे चीजें हिंसक हो जाती हैं. 'प्यार और सनक' के बीच के अंतर को यह फिल्म बखूबी दिखाती है. हर्षवर्धन राणे का जुनूनी किरदार और सोनम बाजवा की दमदार एक्टिंग इस फिल्म की सबसे बड़ी यूएसपी है.

कास्ट: हर्षवर्धन राणे और सोनम बाजवा
IMDb रेटिंग- 4.7