साउथ सुपरस्टार यश के फैंस के लिए बीते कुछ दिन काफी उतार-चढ़ाव भरे रहे हैं. जिस फिल्म 'टॉक्सिक' का दुनिया भर में बेसब्री से इंतजार हो रहा है, उसकी रिलीज डेट को लेकर सस्पेंस खत्म होने का नाम नहीं ले रहा. पहले यह फिल्म मार्च में आने वाली थी, फिर इसे जून तक टाला गया और अब खबर है कि मेकर्स इसे एक बार फिर आगे बढ़ा रहे हैं. हालांकि, इस बार फिल्म को टालने के पीछे एक बड़ी रणनीति छिपी हुई नजर आ रही है.
मेकर्स अब किसी ऐसी तारीख की तलाश में हैं जो न केवल भारत, बल्कि ग्लोबल मार्केट में भी फिल्म को ब्लॉकबस्टर बनाने में मदद करे. यही वजह है कि अब 'टॉक्सिक' की टीम की नजरें साल के सबसे बड़े वीकेंड यानी 'स्वतंत्रता दिवस' पर टिकी हुई हैं.
बार-बार क्यों टल रही है यश की 'टॉक्सिक'?
यश की इस एक्शन एंटरटेनर फिल्म को लेकर शुरुआत में काफी तगड़ी प्लानिंग थी. फिल्म पहले 19 मार्च को पर्दे पर आने वाली थी, लेकिन मिडिल ईस्ट (खाड़ी देशों) में चल रहे युद्ध और तनावपूर्ण हालातों ने मेकर्स के इरादों पर पानी फेर दिया. सुरक्षा और बिजनेस को ध्यान में रखते हुए रिलीज को 4 जून तक बढ़ाया गया. लेकिन 29 अप्रैल की सुबह एक बार फिर यह खबर आई कि फिल्म पोस्टपोन हो गई है. खास बात यह है कि इस बार मेकर्स ने नई तारीख का ऐलान नहीं किया, जिससे फैंस थोड़े मायूस जरूर हुए, लेकिन पर्दे के पीछे कुछ बड़ा पक रहा है.
15 अगस्त का वीकेंड और मेकर्स की प्लानिंग
फिल्म जगत के गलियारों से छनकर आ रही खबरों की मानें तो 'टॉक्सिक' के मेकर्स अब 13 या 14 अगस्त की तारीख पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं. बॉलीवुड हंगामा की एक रिपोर्ट के अनुसार, मेकर्स को लगता है कि आजादी के जश्न वाला यह हफ्ता फिल्म के लिए सबसे अच्छा रहेगा.
इसके पीछे एक बड़ी वजह यह भी है कि उस दौरान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई बड़ी हॉलीवुड फिल्म रिलीज नहीं हो रही है. चूंकि यश अब एक ग्लोबल स्टार बनकर उभरे हैं, इसलिए उनकी टीम चाहती है कि फिल्म को दुनिया भर के सिनेमाघरों में बिना किसी बड़ी टक्कर के बड़े पैमाने पर उतारा जाए.
बॉक्स ऑफिस पर होगा महा-मुकाबला
अगर 'टॉक्सिक' अगस्त के इस हफ्ते में रिलीज होती है, तो हिंदी बेल्ट में इसे कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा. दरअसल, 13 अगस्त को सनी देओल की मचअवेटेड फिल्म 'बंटवारा 1947' (लाहौर 1947) रिलीज हो रही है, जिसे राजकुमार संतोषी डायरेक्ट कर रहे हैं और आमिर खान प्रोड्यूस कर रहे हैं.
वहीं, 14 अगस्त को इमरान हाशमी और दिशा पटानी की 'आवारापन 2' भी दस्तक देने वाली है. इन दोनों ही फिल्मों को लेकर मार्केट में जबरदस्त माहौल बना हुआ है. ऐसे में अगर यश की फिल्म भी इसी बीच आती है, तो मुकाबला 'त्रिकोणीय' और बेहद दिलचस्प हो जाएगा.
क्या 'टॉक्सिक' का दांव सही पड़ेगा?
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या स्वतंत्रता दिवस पर रिलीज का फैसला 'टॉक्सिक' के लिए फायदेमंद होगा या नुकसानदेह? एक तरफ सनी देओल का 'गदर' वाला चार्म और दूसरी तरफ इमरान हाशमी की 'आवारापन' का क्रेज है. अगर इन दो बड़ी फिल्मों के बीच यश अपनी फिल्म उतारते हैं, तो स्क्रीन शेयरिंग को लेकर मारामारी होना तय है. हालांकि, यश की फैन फॉलोइंग इतनी तगड़ी है कि वह किसी भी फिल्म का खेल बिगाड़ने का दम रखते हैं.
अब देखना यह होगा कि अगस्त के इस महा-संग्राम में बाजी किसके हाथ लगती है और क्या मेकर्स जल्द ही इस तारीख पर अपनी आधिकारिक मुहर लगाते हैं. इस पर भी नजर रहेगी कि 'आवरापन 2' या 'बंटवारा 1947' में से तो कोई पीछे न हट जाए.