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श्रीदेवी के घर किया काम, किस हाल में जाह्नवी को गोद में खिलाने वालीं 'दादी'? रुला देगी कहानी

श्रीदेवी के घर काम करने वाली 70 वर्ष से अधिक उम्र की शोभा रामचंद्र ठाकुर अब वृद्धा आश्रम में रह रही हैं. उन्होंने कई बड़े घरों में काम किया और जाह्नवी-खुशी की देखभाल की. बेटी के निधन और नातियों से खराब रिश्तों के कारण वे अकेली पड़ गईं हैं.

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किस हाल में श्रीदेवी की हाउस हेल्पर (Photo: Screengrab)
किस हाल में श्रीदेवी की हाउस हेल्पर (Photo: Screengrab)

बॉलीवुड एक्टर्स अक्सर अपने बच्चों को पालने और उनका ध्यान रखने के लिए नैनी या हाउस हेल्प रखते हैं. कहा जाता है कि उन्हें इसके अच्छे पैसे भी मिलते हैं. लेकिन बाद में उनका क्या होता है, वो किस हाल में होते हैं? कुछ तो दूसरी नौकरी कर लेते हैं, लेकिन कुछ बुरे हाल से गुजरते हैं. ऐसी ही एक दादी की हकीकत सामने आई है, जो कभी बॉलीवुड की दिवंगत एक्ट्रेस श्रीदेवी के घर काम किया करती थीं. लेकिन आज वो वृद्धा आश्रम में अपनी बची हुई जिंदगी बिताने को मजबूर हैं. 

अकेली पड़ीं दादी... 

इन दादी का नाम है- शोभा रामचंद्र ठाकुर.वो घरों में काम करती थीं, लेकिन अब हिम्मत नहीं रही कि काम करके अपना पेट पाल सकें. उनकी उम्र 70 पार है. उनके घर में भी अब कोई नहीं है, जो उनकी देखभाल कर सके. शोभा बताती हैं कि उनकी एक बेटी थी, जिनके साथ वो रहती थीं. लेकिन बेटी के निधन के बाद वो उनके घर नहीं रहीं. उनके नातियों के साथ संबंध अच्छे नहीं हैं. शोभा कहती हैं कि- मैं उनका मुंह तक देखना पसंद नहीं करती.

शोभा बताती हैं कि उन्होंने कई बड़े सेठ लोगों के घर काम किया है. वो पेशेंट्स की नर्स की तरह देखभाल भी करती थीं. उनके साथ कई बार विदेश घूम चुकी हैं. उन्होंने श्रीदेवी के घर भी काम किया है. शोभा बताती हैं कि जब जाह्नवी और खुशी छोटी थीं. तब वो उनके घर पर काम करती थीं. उन्होंने दोनों बच्चों की देखभाल की है. 

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शोभा ने कहा- जब मेरी शादी भी नहीं हुई थी तब मैंने श्रीदेवी के घर काम किया था. जाह्नवी तो मेरे हाथ की है. जाह्ववी जब तक 3 साल की हुई तब तक देखभाल किया. वो लोग छुट्टी नहीं देते थे. कोई मरा-जिया, क्या हुआ क्या नहीं. तो दिक्कत होती थी. वैसे मैं सिर्फ जाह्नवी को देखती थी. काम सब सिस्टर लोग करती थी. मेरा काम सिर्फ देखभाल करना था. वो बहुत प्यारी थी. मैं आज भी वहां जाऊंगी ना तो कोई रोकेगा नहीं, सब लोग पहचानते हैं मुझे वहां पर. बोनी कपूर भी जानते हैं. खुशी भी है ना- वो मिलकर गले भी लगाती है. 

दादी को मिली 'छत'

हेल्प ड्राइव फाउंडेशन की मदद से शोभा को अब रहने के लिए ठिकाना मिल गया है. वो बाकी वृद्धाओं के साथ एक आश्रम में रहेंगी. उन्होंने अपनी चाहत बताते हुए आगे कहा कि- अब काम नहीं हो पाता. मेरी उम्र हो गई है. 6 महीने से खाली बैठी हूं, कोई और काम मिल भी नहीं रहा है. मुझे बस मेरी दवाई टाइम से मिल जाए, लोगों का प्यार मिल जाए. और कुछ नहीं चाहिए. मैं यहीं लोगों की हेल्प कर दूंगी.

इसी फाउंडेशन से बातचीत में शोभा ने अपनी पूरी कहानी बयां की है. 

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