लॉकडाउन में प्रवासी मजदूरों के लिए मसीहा बनकर सामने आए बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद ने तमाम लोगों को उनके घर वापस लौटने में मदद की. उन्होंने बसों से लेकर हवाई जहाज तक का बंदोबस्त किया और इन बेबस लोगों को उनके घरों तक वापस लौटाया. लॉकडाउन अब गुजर चुका है लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि सोनू ने अपना काम बंद कर दिया है.
सोनू सूद अब भी जरूरतमंद लोगों की किसी न किसी तरह से मदद करते रहते हैं. लॉकडाउन में शुरू हुआ से सिलसिला लगातार जारी है लोग सोनू सूद ने सोशल मीडिया या डाक के जरिए संपर्क करते हैं और इनमें से जितनों के लिए भी संभव हो पाता है सोनू मदद करने की पूरी कोशिश करते हैं.
हाल ही में सोनू सूद ने अपने ट्विटर हैंडल से एक तस्वीर शेयर की है जिसमें बेहिसाब चिट्ठियां फर्श पर फैली नजर आ रही हैं. इन तस्वीरों के कैप्शन में सोनू सूद ने लिखा, "हर दिन की कहानी. जीत तब होगी जब मदद की चिट्ठियां आनी बंद होंगी और हर परिवार खुशहाल होगा." सोनू का ये ट्वीट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
हर दिन की कहानी।
— sonu sood (@SonuSood)
जीत तब होगी जब मदद की चिट्ठियाँ आनी बंद होंगी।
और हर परिवार खुशहाल होगा।
बेहिसाब लोगों ने इसे लाइक और रीट्वीट किया है. एक यूजर ने इस ट्वीट के जवाब में लिखा, "ये बता रहा है कि देश में लोगों को सरकारों पर नहीं सोनू जैसे लोगों पर ज्यादा भरोसा है. लोकतंत्र के सॉफ्टवेयर में बड़ा वायरस है. जब तक हम गुड गवर्नेंन्स पर फोकस नहीं करेंगे तब तक ये सब मदद बेकार जाएगी. आज ये चिट्ठी लिख रहे हैं कल कोई और."
ये बता रहा है कि देश में लोगों को सरकारों पर नहीं सोनू जैसे लोगों पर ज्यादा भरोसा है...लोकतंत्र के साफ्टवेयर में बड़ा वायरस है...जब तक हम गुड गवर्नेंन्स पर फोकस नहीं करेंगे तब तक ये सब मदद बेकाम जाएगी.आज ये चिट्ठी लिख रहे हैं कल कोई और.
— Abhishek Sharma (@abhishek_sh78)
काश! हर अमीर जैसा महान जनसेवक होता तो आज हिंदुस्तान में कोई भुखा, बेरोजगार और गरीब न होता
— Durgesh (@Durgesh86677949)
और चिठ्ठी ना भी बंद हो जाता ,पैसा वाला मरेगा एक दिन पर सारा पैसा ले नहीं जा पायेगा ,सोनू सूद जी जैसा नाम इतिहास के पन्नो पर होगा माता की जय#
इसी तरह तमाम लोगों ने कमेंट करके सोनू के काम की तारीफें की हैं और कहा है कि जो काम असल में सरकार को करना चाहिए वो सोनू सूद कर रहे हैं. एक यूजर ने लिखा, "काश! हर अमीर सोनू सूद जैसा महान जनसेवक होता तो आज हिंदुस्तान में कोई भूखा, बेरोजगार और गरीब न होता."
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