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सोनू सूद की दरियादिली, इंटरनेशनल शूटर कोनिका को भेजी ढाई लाख की जर्मन राइफल

सोनू सूद लोगों की मदद को हमेशा तत्पर रहते हैं. इसी कड़ी में उन्होंने धनबाद निवासी अंतराष्ट्रीय शूटर कोनिका लायक को ढाई लाख रुपए की जर्मन राइफल भेजी है. खुद की राइफल नहीं होने की वजह से कोनिका को दोस्तों से उधार मांगकर टूर्नामेंट खेलना पड़ता था. लेकिन अब कोनिका खुद की राइफल से खेल सकेंगी.

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कोनिका लायक, सोनू सूद
कोनिका लायक, सोनू सूद
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सोनू सूद ने शूटर को दी राइफल
  • जर्मनी से मंगाई गई राइफल
  • फिर दिखी सोनू सूद की दरियादिली

फिल्मी पर्दे पर खलनायक की भूमिका निभाने वाले अभिनेता सोनू सूद अपने असल जीवन में कई लोगों के मसीहा और मददगार बन कर पूरे भारतवर्ष का दिल जीत लिया है. इसी कड़ी में धनबाद निवासी अंतरराष्ट्रीय शूटर कोनिका लायक को ढाई लाख रुपए की जर्मन राइफल भेजी है. खुद की राइफल नहीं होने की वजह से कोनिका को दोस्तों से उधार मांगकर टूर्नामेंट खेलना पड़ता था. लेकिन अब कोनिका खुद की राइफल से खेल सकेंगी.

जर्मनी से मंगाई राइफल

धनबाद की राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी कोनिका लायक की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वह खुद की राइफल खरीद सके. कभी दोस्तों से मांगकर वह टूर्नामेंट में भाग लेती थी. 10 मार्च को सोनू सूद ने कोनिका को ट्वीट कर राइफल देने का वादा किया था. यह राइफल जर्मनी से आई है इस वजह से धनबाद पहुंचने में देर हुई. कोनिका ने बताया कि 24 जून को यह राइफल उनके पास पहुंच गई. कोनिका ने कहा कि सोनू सूद ने खुद वीडियो कॉल कर उनसे बात भी की थी. अब वह मन लगाकर प्रैक्टिस कर पाएंगी.

राइफल की तस्वीर
राइफल की तस्वीर

जिला प्रशासन ने नहीं की मदद

कोनिका ने बताया कि उसने राइफल खरीदने के लिए कई  मंत्री से लेकर स्थानीय सांसद और जिला प्रशासन तक से मिलकर गुहार लगाई. लेकिन किसी ने मदद नहीं की.  टीवी पर सोनू सूद द्वारा लगातार लोगों की जा रही मदद को देखते हुए उन्होंने ट्वीट कर मदद मांगी. कोनिका ने राज्य स्तर पर एक दर्जन से अधिक मेडल जीते हैं. 2017 में नेशनल टूर्नामेंट में झारखंड की ओर से सबसे अधिक प्वाइंट कोनिका ने बनाए थे.

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मददगार सोनू सूद

बता दें कि सोनू सूद ने जिस तरह से लोगों की मदद पिछले 1 सालों में की है उससे वे देश के रियल हीरो बन गए हैं. सोनू ने कोरोना की पहली लहर में प्रवासियों को उनके घरों तक पहुंचाया वहीं दूसरी लहर में उन्होंने लोगों तक ऑक्सीजन सिलेंडर्स पहुंचाए. इसके अलावा वे सोशल मीडिया के जरिए लोगों की सुनते हैं और उनकी मदद करने की अपनी तरफ से पूरी कोशिश करते हैं. 

 

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