एक्टर राजपाल यादव के लिए इस साल की शुरुआत काफी मुश्किल भरी थी. उन्हें अपने पुराने चेक बाउंस केस में जेल की हवा खानी पड़ी. राजपाल के जेल जाने के बाद कई सितारों ने उनकी मदद की और उनके लिए पैसों का बंदोबस्त किया. बाद में उन्हें जमानत मिल गई और वो जेल से बाहर आ गए. अब एक्टर का कहना है कि उनका पुनर्जन्म हुआ है.
इन दिनों राजपाल यादव अपनी नई फिल्म 'भूत बंगला' का प्रमोशन कर रहे हैं. ऐसे में उन्होंने एक इंटरव्यू में जेल में बिताए वक्त को याद किया. हिंदुस्तान टाइम्स संग बातचीत में एक्टर से पूछा गया कि क्या अब वो ठीक हैं, उनकी कानूनी मुश्किलें पीछे छूट गई हैं. राजपाल यादव ने जवाब में कहा, 'राहत ही है जिंदगी में. आप सब यहां हैं, आप लोग देश और दुनिया के अलग-अलग कोने से आए हैं.'
इमोशनल हुए राजपाल यादव
फरवरी 2026 में राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में जेल हो गई थी. उनके ऊपर 9 करोड़ रुपये का कर्ज था, जिसे न चुकाने के चलते उन्हें ये दिन देखना पड़ा था. ऐसे में फिल्म इंडस्ट्री उनकी मदद के लिए आगे आई और कई सितारों ने उन्हें पैसे भेजे. राजपाल का कर्ज कुछ हद तक भरने के बाद कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी थी. इंडस्ट्री के इस सपोर्ट के बारे में बात करते हुए राजपाल यादव भावुक हो गए.
उन्होंने कहा, 'जब आप एक पचड़े में फंसे होते हैं, और उस वक्त जिन लोगों के साथ आप 20 सालों से काम कर रहे हैं, आपके सपोर्ट में आते हैं तो अच्छा लगता है. भले ही वो बच्चा हो या बूढ़ा, फर्क नहीं पड़ता. लोगों ने मेरे लिए दुआ मांगी, दूसरों ने मेरा तन, मन, धन, जिससे भी वो कर सकते थे, सपोर्ट किया. उन्होंने मुझे 100 साल जवान बना दिया.'
राजपाल यादव ने अपने नए कर्ज को लेकर मजाक भी किया. ये कर्ज उन लोगों का है जिन्होंने अपने घर पर बैठे हुए उनकी सलामती की दुआ मांगी थी. उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, 'ये जो कर्ज हुआ है पूरी दुनिया का मेरे ऊपर, इस कर्ज में मैं डूबना चाहता हूं.'
मौत का सामना कर चुके हैं एक्टर
जेल के अनुभव ने उन्हें बदल दिया है. इस बात को मानते हुए एक्टर ने कहा, '14 साल की उम्र से मैंने थिएटर करना शुरू कर दिया था, तब से बीते 40 सालों में मैंने 500 जिंदगियां जी होंगी. लेकिन अब मुझे लगता है कि मेरा दोबारा जन्म हुआ है. मुझे दोबारा एक बच्चे जैसा महसूस हो रहा है.'
लंबे वक्त से चल रही कानूनी लड़ाई और जेल में दिन बिताना किसी को भी तोड़ सकता है. लेकिन राजपाल यादव किसी और ही मिट्टी के बने हैं. बचपन में उन्होंने एक ऐसा दिन भी जिया था जब वो मरते-मरते बचे थे. उसे याद करते हुए एक्टर ने बताया, 'मैंने मौत को पास से देखा है. मैंने गंगा में डूबते-डूबते बचा था. उस वक्त मैंने खुद से लड़ते रहने को कहा था, जब तक मैं सतह पर न आ जाऊं. आप पानी के दबाव से लड़ते हैं, जो आपको नीचे खींच रहा होता है. आपकी आधी जान निकल जाती है.'
राजपाल ने कहा कि उनका जेल में वक्त उसी दिन की तरह था. एक्टर ने आगे कहा, 'मैं फाइटर हूं. मेरी जिंदगी में मुझे अपने परिवार और दुनिया के कई दूसरे परिवारों से संवेदनाएं मिली हैं. दुनिया और भारतीय सिनेमा ने मुझे बहुत कुछ दिया है. यही मुझे लड़ने की ताकत देता है. मैं अब अपनी जिंदगी का हर पल शांति से बिताना चाहता हूं. राहत की सांस चाहिए. तभी हंस पाऊंगा और हंसा पाऊंगा.'