scorecardresearch
 

अजय देवगन की 'भोला' ओरिजिनल फिल्म 'कैथी' से कितनी अलग? एक्शन और बजट ही नहीं, किरदारों भी बदले!

अजय देवगन की फिल्म 'भोला' का ट्रेलर आ गया है. अजय के विस्फोटक एक्शन से भरी 'भोला', तमिल फिल्म 'कैथी' का हिंदी रीमेक है. ऑरिजिनल फिल्म के मुकाबले, 'भोला' में कुछ बड़े बदलाव नजर आ रहे हैं. आइए आपको बताते हैं कि दोनों फिल्मों में क्या कुछ अलग नजर आ रहा है.

Advertisement
X
अजय देवगन, कार्थी
अजय देवगन, कार्थी

अजय देवगन के फैन्स को आखिरकार वो चीज मिल गई जिसका इंतजार वो पिछले काफी समय से टकटकी लगाए कर रहे थे. 'भोला' का ट्रेलर आ गया है. पिछले साल नवंबर में जब अजय ने 'भोला' का टीजर शेयर किया था, तब उनका भौकाली लुक देखकर जनता का मुंह खुला रह गया था. उसके बाद से अजय 'भोला' के शूट का एक वीडयो और फिल्म का दूसरा टीजर भी शेयर कर चुके हैं. इस फिल्म से सामने आ रहे हर नए मैटेरियल के साथ, 90s से ही अजय की पक्की फैन रही जनता का एक्साइटमेंट लेवल लगातार बढ़ता रहा. 30 मार्च को 'भोला' रिलीज होनी है और इस महीने की पहली ही तारीख से लोग ट्रेलर का इंतजार कर रहे थे. 

अजय देवगन की 'भोला', तमिल फिल्म 'कैथी' का हिंदी रीमेक है. 'कैथी' के हीरो तमिल स्टार कार्थी थे, जिन्हें हिंदी की जनता ने पिछले साल 'पोन्नियिन सेल्वन- 1' में खूब पसंद किया. 'कैथी' की एक खासियत ये भी है कि ये तमिल डायरेक्टर लोकेश कनगराज के 'लोकी यूनिवर्स' की पहली फिल्म थी, जिसमें दूसरी फिल्म कमल हासन, फहाद फाजिल और विजय सेतुपति स्टारर 'विक्रम' है. पिछले साल 'विक्रम' का खूब जलवा रहा और हिंदी जनता ने भी इस फिल्म को खूब पसंद किया.

कार्थी, अजय देवगन

'विक्रम' देखने के बाद, जिन लोगों ने 'कैथी' नहीं भी देखी, उन्होंने भी खोजकर ये फिल्म देखी. तो अब 'भोला' के सामने एक नई चुनौती है. इसे अजय देवगन की फिल्म होने के नाते सिर्फ धांसू ही नहीं होना होगा, बल्कि 'कैथी' से डिफरेंट भी होना होगा. 'भोला' के दो टीजर, कुछ बिहाइंड द सीन वीडियो, गाने और ट्रेलर अब आ चुके हैं. आइए बताते हैं कि इन्हें देखने के बाद 'भोला' और 'कैथी' में क्या डिफरेंट नजर आ रहा है.    

Advertisement

लव स्टोरी की एंट्री
'भोला' का गाना 'नजर लग जाएगी' आ चुका है. इस गाने में अजय देवगन के साथ अमाला पॉल भी नजर आ रही हैं. दोनों एक्टर्स के किरदारों के बीच लव स्टोरी बनती नजर आ रही है. 'भोला' के टीजर-ट्रेलर में एक बच्ची है. अजय देवगन 'बच्ची को एक गुड़िया नहीं दे पाया' के पछतावे में नजर आ रहे हैं. अभी तक 'भोला' से सामने आए सारे कंटेंट को जोड़कर देखें तो शायद अजय और अमाला के किरदार प्यार में पड़ते हैं, शादी करते हैं (फैमिली ऑडियंस भी तो चाहिए न!) और उन्हें एक बेटी होती है. मगर तभी अजय के गुंडागर्दी वाले दिनों के प्रेत उनके जीवन में लौट आते हैं और अमाला के किरदार को कुछ न कुछ हो जाता है. अजय जेल पहुंच जाते हैं और बच्ची अनाथालय. 

'भोला' में अजय देवगन, अमाला पॉल (क्रेडिट: सोशल मीडिया)

'कैथी' में कार्थी के किरदार की बेटी का अनाथालय में होना तो दिखा था, लेकिन उसकी लव स्टोरी नहीं थी. लेकिन 'कैथी' का सीक्वल भी बन रहा है और लोकेश के यूनिवर्स में कार्थी का किरदार और कहानियों का भी हिस्सा हो सकता है. तो शायद उसकी लव स्टोरी आगे की फिल्मों दिखे.

कॉप का किरदार
'कैथी' में कॉप का नाम इंस्पेक्टर बिजॉय था और वो पुरुष था. जाने माने साउथ एक्टर नारायण (ऑरिजिनल नाम सुनील कुमार) इस रोल में नजर आए थे. जबकि 'भोला' में कॉप का रोल तब्बू कर रही हैं. ये एक दिलचस्प बदलाव है. पुलिसवाले की जगह 'पुलिसवाली' के आ जाने से राइटर्स को कहानी में खेलने के लिए एक नया एंगल मिला होगा. जैसे- पूरी फिल्म में विलेन और गुंडे उसे कमजोर आंकते रहेंगे और वो जब भी कुछ एक्शन या दमदार करेगी, तो जनता के चेहरे पर हैरानी का स्केल बढ़ जाएगा. 

Advertisement
भोला और कैथी के कॉप किरदार (क्रेडिट: सोशल मीडिया)

  
बड़े बजट का कमाल
रिपोर्ट्स बताती हैं कि 100 करोड़ रुपये से ज्यादा कमाने वाली 'कैथी' लगभग 25 करोड़ में बनी थी. इसके मुकाबले 'भोला' का बजट बहुत बड़ा नजर आ रहा है. फिल्म में प्रोड्यूसर और डायरेक्टर की कुर्सी खुद संभाल रहे अजय ने अगर खुद की फीस नहीं भी जोड़ी हो तो भी ट्रेलर देखकर समझ आ रहा है कि 'भोला' का बजट अच्छा खासा है. ऊपर से फिल्म 3डी में शूट हुई है और बतौर डायरेक्टर अजय का पिछला रिकॉर्ड दिखाता है कि वो टेक्निकल पहलू से बिल्कुल समझौता नहीं करते. यानी CGI, विजुअल इफेक्ट्स वगैरह में खर्चा काफी हुआ होगा और एक्शन पर तो यकीनन, हुआ ही है. 

'भोला' के बड़े बजट का कमाल (क्रेडिट: सोशल मीडिया)

भारी बजट होने का सबसे बड़ा असर देखना हो तो 'कैथी' और 'भोला' के ट्रक ही देख लीजिए. 'कैथी' वाला ट्रक, सड़क पर नजर आने वाले आम ट्रक जैसा ही था. जबकि 'भोला' का ट्रक कुछ वैसे टाइप का है जैसे दिल्ली-अमृतसर हाइवे के फैंसी ढाबों पर सजावट के लिए रखे जाते हैं. उसपर बल्ब वगैरह लगे हैं और उसका अपना नाम भी है- दुलारी! 

एक्शन का स्केल 
बजट बढ़ा है तो एक्शन तो बड़ा होना ही था. 'कैथी' और 'भोला' में एक्शन का स्टाइल ही बिल्कुल अलग है. 'कैथी' का एक्शन रॉ था. उसमें हाथ-लात-मुक्के चलाने वाला हिसाब ज्यादा था. इस तरह का एक्शन शूट करने में होता ये है कि रियल सेटिंग में एक्शन होता है. फिल्म में जहां गोलियां भी चलीं वो बहुत जबरदस्त था. 'भोला' में एक्शन स्टाइलिश और ग्राफिक बेस्ड ज्यादा है. यानी एक्शन शूट ही CGI के साथ होगा. 3डी में देखने पर 'भोला' में ग्रुरुत्वाकर्षण को 'चल बे, साइड हो!' बोलकर एक्शन में नजर आते अजय भौकाली बहुत लगेंगे. 

Advertisement
'भोला' में एक्शन के बीच अजय देवगन (क्रेडिट: सोशल मीडिया)

स्केल का फर्क ये है कि 'कैथी' में हीरो को खुद जमीन पर उतरकर गुंडों से भिड़ता नजर आ रहा था. जबकि 'भोला' में हीरो गुंडे, गुंडों की बाइक... सब जमीन से कुछेक फुट ऊपर ही नजर आएंगे. आखिर मामला स्वैग का है! 'भोला' का स्केल और बजट भले 'कैथी' के मुकाबले बहुत बड़ा हो, लेकिन दोनों फिल्मों के फील में एक अंतर तो दिख रहा है.

'कैथी' के कलर टोन में येलो को ज्यादा यूज किया गया है, और लाइट्स मद्धम इंटेंसिटी की हैं. जबकि 'भोला' में ब्लू कलर को बहुत ब्राइट टोन में यूज किया गया है. अजय की डायरेक्ट की हुई फिल्मों में कलर्स की इंटेंसिटी कई बार,आंख में चुभने तक शार्प पहुंच जाती है. टेक्निकली बात करें तो तीखे कलर्स, ग्राफिक्स में आ रहे झोल को अच्छा कवर कर देते हैं. इसलिए भी मेकर्स शार्प ब्लू में विजुल्स प्लान करते हैं. 

ऊपर से 'भोला' में अजय का एक एक्शन सीक्वेंस पूरी तरह सेट पर फिल्माया हुआ साफ़ नजर आ रहा है. मसाला फिल्म देखकर सीटियां-तालियां मारने थिएटर गया एक आम दर्शक इन सब बातों पर गौर भले न करता हो, लेकिन फिल्म का ओवरऑल फील इन्हीं सब छोटी-छोटी बातों से तैयार होता है. 

Advertisement

'भोला' में 'कैथी' की कहानी को उत्तर भारत के हिंदी भाषी दर्शकों के हिसाब से एडाप्ट करने की कोशिश तो साफ़ नजर आ रही है. जैसे अजय देवगन का किरदार बनारस से आता है. इस एडाप्टेशन और के साथ कहानी का सेटअप, बजट, स्केल बढ़ना और इसमें अजय का हीरो बनना बड़ी स्क्रीन पर कमाल तो कर सकता है. अब आगे क्या होगा, ये तो थिएटर्स में ही पता चलेगा. 

 

Advertisement
Advertisement