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हीरोइन थीं 'धुरंधर' रणवीर सिंह की दादी, 'डांसिंग लिली ऑफ पंजाब' कहलाईं, पोते को दी एक्टिंग की विरासत

एक्टर रणवीर सिंह के पेरेंट्स और बहन का फिल्म इंडस्ट्री से कोई लेना-देना नहीं है. लेकिन क्या आप जानते हैं रणवीर की दादी मशहूर एक्ट्रेस रही थीं. उनका नाम चांद बर्क था. रणवीर को एक्टिंग का ये टैलेंट उनकी दादी से ही विरासत में मिला है.

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मशहूर एक्ट्रेस थीं रणवीर सिंह की दादी (Photos: Social Media)
मशहूर एक्ट्रेस थीं रणवीर सिंह की दादी (Photos: Social Media)

बॉलीवुड के पावर हाउस रणवीर सिंह अपने करियर के पीक पर हैं. धुरंधर से उनकी किस्मत ऐसी चमकी कि वो मोस्ट डिमांडिंग एक्टर्स में शुमार हो गए हैं. मूवी के हर एक सीन में वो चमके हैं. एक्टिंग के महारथी बन चुके रणवीर ने इससे पहले भी अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाया है. लेकिन क्या आप जानते हैं रणवीर का एक्टिंग को लेकर जुनून कहां से आया है? इसके पीछे उनकी दादी है. अपनी दादी से ही रणवीर को एक्टिंग का टैलेंट विरासत में मिला है. 

कम लोग जानते होंगे कि रणवीर की दादी चांद बर्क भी पेशे से एक्ट्रेस थीं. एक वक्त इंडस्ट्री में उनका बड़ा नाम था. चांद का पाकिस्तान से खास कनेक्शन रहा था. डिटेल में जानते हैं रणवीर की दादी चांद बर्क के बारे में...

कौन थीं चांद बर्क?

चांद बर्क का जन्म 1932 में पाकिस्तान के पंजाब प्रांत लायलपुर (जो कि अब फैसलाबाद के नाम से जाना जाता है) में हुआ था. वो पंजाबी क्रिश्चियन फैमिली में पली बढ़ी थीं. वो कुल 12 भाई-बहन थे. उनके दादा चौधरी अल्लाह डिट्टा ने क्रिश्चियन धर्म को अपनाया था. जबकि उनके पिता जनाब खैरूद्दीन स्कूल में हेडमास्टर थे. वो उर्दू शायरी लिखते थे.

1946 में चांद ने पंजाबी फिल्म से अपना करियर शुरू किया था. इसे डायरेक्टर निरंजन ने लिखा था. फिल्म के सेट पर ही उनका और निरंजन का प्यार परवान चढ़ा था. वो पंजाबी सिनेमा की बड़ी स्टार बनी थीं. वो एक्टिंग में तो कमाल थीं, मगर डांसिंग में उनका जलवा देखने लायक था. तभी तो चांद बर्क को 'डांसिंग लिली ऑफ पंजाब' भी कहा जाता था. पंजाबी सिनेमा में लोकप्रियता हासिल कर चुकीं चांद को बॉलीवुड में राज कपूर ने बड़ा ब्रेक दिया था. वो राज कपूर की फिल्म बूट पॉलिश में नजर आई थीं.

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चांद ने 1946 में फिल्म 'कहां गए' से डेब्यू किया था. वो लाहौर में बनी कई फिल्मों में दिखीं. लेकिन भारत-पाकिस्तान के बंटवारे के बाद वो मुंबई में शिफ्ट हुई थीं. इससे उनके करियर पर भी फर्क पड़ा था. एक तरह से कहें तो चांद के करियर पर ब्रेक लग गया था. कहते हैं मुंबई आने के करीब 5 साल तक वो गुमनाम रही थीं. आखिरकार शोमैन राज कपूर ने उनके हुनर को पहचाना. उन्होंने बूट पॉलिश में अहम रोल प्ले किया था. इस फिल्म में उनका निभाया गया किरदार दर्शकों के बीच आज भी जिंदा है. 28 दिसंबर 2008 को चांद ने दुनिया को अलविदा कहा. 

पर्सनल लाइफ की बात करें, तो चांद ने फिल्म राइटर-डायरेक्टर निरंजन से शादी की थी. मगर 1954 में उनका तलाक हो गया था. इसके बाद चांद ने बिजनेसमैन सुंदर सिंह भावनानी से शादी की. इस रिश्ते से उनके दो बच्चे हुए. बेटी टोन्या और बेटा जगजीत. जगजीत एक्टर रणवीर सिंह के पिता हैं. चांद हमेशा से चाहती थीं कि उनका बेटा एक्टर बने. लेकिन जगजीत पिता के नक्शेकदम पर चले और बिजनेसमैन बने. 

लेकिन बेटा नहीं तो क्या हुआ सालों बाद चांद के पोते रणवीर सिंह ने अपनी दादी के सपने को पूरा किया है. वो इतने सक्सेसफुल एक्टर बने कि उनकी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर ताबड़तोड़ कलेक्शन कर रही है. धुरंधर एक्टर के करियर में मील का पत्थर साबित हुई है. जिसकी सक्सेस का दशकों तक याद रखा जाएगा. रणवीर की इस सफलता पर उनकी स्वर्गीय दादी चांद बर्क को गर्व होगा. 

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