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देओल परिवार के लिए संकटमोचक हैं डायरेक्टर अनिल शर्मा, सनी देओल से पहले धर्मेंद्र का भी करवाया कमबैक

सनी देओल की 'गदर' इंडिया की सबसे ज्यादा देखी गई फिल्मों में से एक है. अब सनी और अनिल 'गदर 2' लेकर आ रहे हैं, जिसका ब्लॉकबस्टर बनना तय दिख रहा है. सनी का फिसलते करियर को अनिल शर्मा ने खूब संभाला है. और अनिल का ये रिश्ता सिर्फ सनी ही नहीं, उनके पापा धर्मेंद्र के साथ भी ऐसा ही रहा है. 

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सनी देओल, धर्मेंद्र, डायरेक्टर अनिल शर्मा
सनी देओल, धर्मेंद्र, डायरेक्टर अनिल शर्मा

इस शुक्रवार से तारा सिंह अपना ट्रक और तुम्बा लेकर फिर से बड़े पर्दे पर मैजिक क्रिएट करने के लिए तैयार है. 'गदर' फिल्म और सनी का ये किरदार, 22 साल बाद भी ऑडियंस के दिलों में ऐसे बसा हुआ है, जैसे ये फिल्म अभी पिछले हफ्ते ही रिलीज हुई थी. अब 'गदर 2' को एडवांस बुकिंग में मिल रहा शानदार रिस्पॉन्स इस बात की गवाही दे रहा है. 

'गदर 2' का ट्रेलर, नई फिल्म के बारे में ज्यादा कुछ बताने की बजाय, पहली फिल्म के कई यादगार मोमेंट्स को एक बार फिर याद दिलाने पर ज्यादा फोकस करता है. कुछ साल पहले, सनी देओल को तारा सिंह के रोल में कास्ट करने के बारे में अनिल ने कहा था, 'मैं जब गदर स्क्रिप्ट कर रहा था तो इस किरदार में या तो यंग धर्मेंद्र को इमेजिन कर रहा था, 'मेरा गांव मेरा देश' से, या फिर सनी देओल को.' उन्होंने बताया था कि इस रोल में वो किसी तीसरे एक्टर को इमेजिन ही नहीं कर पा रहे थे. 

'गदर 2' में सनी देओल (क्रेडिट: सोशल मीडिया)

अनिल शर्मा ऐसे समय पर 'गदर 2' लेकर आ रहे हैं, जब 90s में सनी देओल के बाद आई शाहरुख-सलमान-आमिर की तिकड़ी फिल्म बिजनेस के टॉप पर है. सनी के बेस्ट दौर के समय ही आए अजय देवगन और अक्षय कुमार भी हिंदी फिल्म बिजनेस के पिलर हैं. लेकिन खुद सनी इन सबके बीच कहीं खोते से चले गए. 

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एक्टिंग से कहीं ज्यादा राजनीती में एक्टिव नजर आने वाले सनी के लिए 'गदर 2' वो बड़ा कमबैक बन सकती है, जिसका इंतजार उनकी कई साल से है. लेकिन ये पहली बार नहीं होगा जब डायरेक्टर अनिल शर्मा सनी की वापसी के पीछे होंगे. इससे पहले भी उनकी फिल्मों ने दर्शकों के सामने सनी को फिर से दमदार अंदाज में पेश किया है. और सिर्फ सनी ही नहीं, बल्कि उनके पापा धर्मेंद्र के साथ भी अनिल शर्मा का रिश्ता ऐसा ही है. 

अनिल शर्मा और सनी देओल का 'गदर' कॉम्बिनेशन 
90s में हर साल बॉक्स ऑफिस पर कामयाबी देखते आ रहे सनी देओल ने 1997-98 में 'जिद्दी' 'बॉर्डर' और 'सलाखें' जैसी बड़ी हिट्स दीं. लेकिन 1999 और 2000 में उनकी कई फिल्में लाइन से फ्लॉप हुईं. इसमें सनी की खुद का डायरेक्टर के तौर पर डेब्यू कराने वाली 'दिल्लगी', 'प्यार कोई खेल नहीं' और 'चैंपियन' जैसी फिल्में शामिल थीं. लेकिन 2001 में अनिल शर्मा की 'गदर' ने सनी को कामयाबी के उस शिखर पर पहुंचाया, जो एक दशक से ज्यादा लंबे करियर वाले स्टार को मिलना चाहिए. 

फेल होते सनी को फिर बनाया 'हीरो' 
'गदर' के बाद सनी का करियर नीचे की तरफ फिसलता चला गया. आने वाले सालों में सनी की 'इंडियन', 'मां तुझे सलाम' और 'कर्ज' जैसी कई फिल्में लाइन से फ्लॉप होती चली गईं. सबसे कामयाब लीडिंग हीरोज में से एक सनी, अब कई मल्टीस्टारर फिल्मों में दिखने लगे.  मगर एक बार फिर अनिल ने सनी को अपनी फिल्म में लीडिंग रोल दिया. उस समय इंडिया की सबसे महंगी फिल्मों में से एक 'द हीरो' में, सनी ने एक स्पाई का किरदार निभाया. 

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'द हीरो' में सनी देओल (क्रेडिट: सोशल मीडिया)

एक बार फिर से सनी के किरदार में दमदार एक्शन के साथ देशभक्ति वाला एंगल काम आया और ये फिल्म 2003 की तीसरी सबसे बड़ी बॉलीवुड फिल्म बनी. हालांकि इसके बाद एक बार फिर से सनी की फिल्में लाइन से फ्लॉप होती चली गईं. 2007 में अनिल शर्मा 'अपने' में एक ऐसी कहानी लेकर आए कि सनी ही नहीं, साथ में धर्मेंद्र और बॉबी देओल का भी कमबैक हुआ. चार साल बाद जब सनी और अनिल शर्मा 'सिंह साहब द ग्रेट' में साथ आए, तब तक सनी 'काफिला' और 'फॉक्स' जैसी कई फ्लॉप दे चुके थे. 'सिंह साहब' बहुत बड़ी हिट तो नहीं हुई. मगर एक औसत कमाई कर गई. 

इस बार अनिल और सनी 10 साल बाद आ रहे हैं. सनी देओल इस बीच 'ब्लैंक' और 'चुप' से कमबैक की कोशिश भी कर चुके हैं. लेकिन शायद बिना एक अनिल शर्मा फिल्म के उनका काम नहीं बनने वाला था. अब 'गदर 2' ब्लॉकबस्टर बनने के लिए तैयार नजर आ रही है. 

सनी से पहले धर्मेंद्र को मिला था अनिल का साथ 
धर्मेंद्र ने 1960 में फिल्मों में कदम रखा था. 70 और 80 के दशक में उन्होंने जमकर थिएटर्स में राज किया. इस दौर में धर्मेंद्र के खाते में इतनी हिट्स हैं कि गिनने लग जाएं तो थकान हो जाएगी. लेकिन 80 का दशक ढलते-ढलते धर्मेंद्र और कामयाबी का रिश्ता थोड़ा सा ख़राब होने लगा था. 1987 में अनिल शर्मा ने अपनी तीसरी फिल्म के लिए धर्मेंद्र को कास्ट किया. 

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'हुकूमत' फिल्म पोस्टर (क्रेडिट: सोशल मीडिया)

भरपूर मसालेदार एंटरटेनमेंट के साथ एक्शन और फाइट सीन मिलाकर अनिल की कोशिश हमेशा ऐसी फिल्म बनाने की रही जो थिएटर्स में खूब तालियां-सीटियां बटोरे. धर्मेंद्र के साथ उनकी पहली फिल्म 'हुकूमत' ने यही किया. बॉक्स ऑफिस पर स्ट्रगल कर रहे धर्मेंद्र की ये फिल्म, 1987 की सबसे बड़ी हिंदी फिल्म बनी. दो साल बाद अनिल ने धर्मेंद्र और जया प्रदा को लेकर 'एलान-ए-जंग' बनाई. एक बार फिर ये जोड़ी बॉक्स ऑफिस पर हिट रही. 

1991 में धर्मेंद्र और रजनीकांत के साथ अनिल 'फ़रिश्ते' लेकर आए. इस बार फिल्म बहुत बड़ी हिट तो नहीं हुई, लेकिन नाकाम भी नहीं हुई. मामला एवरेज से थोड़ा ऊपर छूट गया. 90s में डायरेक्टर और एक्टर की इस जोड़ी ने आखिरी बार 'तहलका' में साथ काम किया था. ये बॉक्स ऑफिस पर 1992 की टॉप बॉलीवुड फिल्म्स में से एक थी.  

'फ़रिश्ते' फिल्म पोस्टर (क्रेडिट: सोशल मीडिया)

देओल परिवार के बिना अनिल हुए नाकाम 
सनी और धर्मेंद्र को छोड़कर अनिल की फिल्म का हाल भी बॉक्स ऑफिस पर अच्छा नहीं रहा. 1998 में अनिल ने गोविंदा को लीड रोल में लेकर 'महाराजा' बनाई. बड़े बजट की ये फिल्म बुरी तरह फ्लॉप हुई. सलमान खान को लेकर जब अनिल ने 2008 में 'वीर' बनाई, तब भी हाल ऐसा ही रहा. यहां तक कि 2018 में उन्होंने अपने बेटे, 'गदर' में सनी के बेटे का रोल कर चुके, उत्कर्ष शर्मा को लीड रोल में लेकर भी फिल्म बनाई. लेकिन ये फिल्म 'जीनियस' भी बुरी तरह फ्लॉप हो गई. 

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सलमान खान, उत्कर्ष शर्मा, गोविंदा (क्रेडिट: सोशल मीडिया)

'गदर 2' न सिर्फ सनी देओल, बल्कि अनिल शर्मा के लिए भी एक बड़ा कमबैक होगा. कुछ समय पहले ऐसी भी रिपोर्ट्स आई थीं कि अनिल अब 'अपने 3' की स्क्रिप्ट पर भी काम कर रहे हैं और फिर से तीनों देओल्स को बड़े पर्दे पर साथ लेकर आने वाले हैं.

 

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