संजय दत्त की फिल्म 'आखिरी सवाल' का ट्रेलर रिलीज हो गया है. यह फिल्म राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ी ऐतिहासिक घटनाओं पर गंभीर सवाल उठाकर पहले ही चर्चा छेड़ चुकी है. अब इसका ट्रेलर देशभर को और हिला देने के लिए आ गया है. ये सीधा सिस्टम पर प्रहार करता है और वो कड़े सवाल पूछने की हिम्मत रखता है, जो देश ने कभी नहीं पूछे. दमदार डायलॉग्स और एक जबरदस्त नैरेटिव के साथ, यह बिना किसी शक इस साल के सबसे प्रभावशाली ट्रेलर्स में से एक माना जाने लगा है.
रिलीज हुआ आखिरी सवाल का ट्रेलर
फिल्म महात्मा गांधी की हत्या में RSS के कथित रूप से मिले होने, बाबरी मस्जिद विध्वंस और आपातकाल (The Emergency) जैसे संवेदनशील विषयों को छूती है, जिसने दर्शकों के बीच पहले ही तीखी बहस शुरू कर दी है. ट्रेलर अब इन घटनाओं से जुड़ी कथित साजिशों और जवाब न मिलने वाले सवालों की गहराई में जाकर छिपे हुए सच को सामने लाने की कोशिश करता है. निडर और बेबाक, यह ट्रेलर एक ऐसी गहन बहस का दरवाजा खोलता है जो दर्शकों के सामने अनसुने पहलुओं को लाने का वादा करती है.
संजय दत्त इस पूरी कहानी के केंद्र में हैं. वो अपने दमदार डायलॉग्स के साथ RSS पर लगे आरोपों का जवाब देते हुए बहस को आगे बढ़ा रहे हैं. यह फिल्म समीरा रेड्डी की वापसी की भी गवाह है, जो अपनी परफॉरमेंस से एक गहरा असर छोड़ती हैं. नमाशी चक्रवर्ती, अमित साध, नीतू चंद्रा और त्रिधा चौधरी जैसे कलाकार इस रोमांचक ट्रेलर की इंटेंसिटी को और बढ़ा रहे हैं. इसके अलावा नेशनल अवार्ड विनर फिल्ममेकर अभिजीत मोहन वारंग का शानदार निर्देशन ट्रेलर में साफ झलकता है. अभिजीत ने इस कहानी को पूरी ईमानदारी, निडरता और भरोसे के साथ पेश किया है.
दमदार सीन्स, पावरफुल डायलॉग्स, बेहतरीन परफॉरमेंस और भारत के इतिहास से जुड़ी सच्चाई की तलाश करती इस कहानी के साथ, 'आखिरी सवाल' का ट्रेलर एक गहरा प्रभाव छोड़ता है. यह फिल्म एक बड़ी बाधा को तोड़ते हुए पहली ऐसी हिंदी फिल्म बन गई है, जो बधिर (deaf) लोगों के लिए इंडियन साइन लैंग्वेज (ISL) के साथ रिलीज हो रही है. साथ ही यह दृष्टिबाधित (visually challenged) दर्शकों के लिए भी समावेशी पहुंच का लक्ष्य रखती है. फिल्म को लेकर उत्सुकता बढ़ाते हुए, इसने निश्चित रूप से पूरे देश को कुछ गंभीर सवाल पूछने पर मजबूर कर दिया है.
'आखिरी सवाल' का निर्देशन अभिजीत मोहन वारंग ने किया है. निखिल नंदा द्वारा प्रस्तुत इस फिल्म के प्रोड्यूसर निखिल नंदा और संजय दत्त हैं, जबकि पुनीत नंदा, डॉ. दीपक सिंह, गौरव दुबे और उज्ज्वल आनंद इसके को-प्रोड्यूसर हैं. फिल्म की कहानी, स्क्रीनप्ले और डायलॉग उत्कर्ष नैथानी ने लिखे हैं. यह फिल्म 15 मई 2026 को हिंदी, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम भाषाओं में सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है.