महादेव एंड सन्स शो फेम आसिम खान 28 साल के हैं और पिछले कई साल से मुंबई में रह रहे हैं. वो आज की जेनरेशन के हार्टथ्रॉब माने जाते हैं. इसके लिए उन्होंने बहुत स्ट्रगल किया है.
लेकिन बावजूद इसके उनके जिंदगी से संघर्ष कम नहीं हुआ है. उनके लिए सबसे बड़ी मुसीबत फिलहाल घर किराए पर लेना है. क्योंकि मुंबई की सोसायटीज में मुस्लिम्स को जल्दी घर नहीं मिलता. वहीं अगर वो बैचलर एक्टर हो तो सोने पर सुहागा वाली बात हो जाती है.
टेली मसाला से आसिम ने अपना दर्द शेयर किया और कहा- मैं जबसे मुंबई आया हूं, 5 अलग-अलग घरों में रहा हूं. जिसमें से सिर्फ एक लोखंडवाला घर मेरे नाम पर था. वो घर मैं छोड़ता नहीं अगर मेरे दोस्त की शादी न हुई होती तो. बस वही मेरे नाम हो पाया था.
आसिम ने बताया कि वो दोस्तों के नाम पर घरों के कॉन्ट्रैक्ट कराकर रहते आए हैं. वो बोले- मेरे नाम पर कोई घर देना ही नहीं चाहता. मैं अपने दोस्तों की मदद से उनके नाम पर कॉन्ट्रैक्ट कराता हूं, फिर रहता हूं. ये ऐसा है जैसे मैं किसी दोस्त के घर पर कुछ दिन के लिए रह रहा हूं, अपने नहीं.
आसिम ने शेयर किया कि लोग कैसे मुंह पर मना करते हैं. वो बोले- आप यकीन मानें कि अगर 100 घरों के ऑप्शन हैं तो सिर्फ 10 मेरे नाम पर हो पाएंगे. ऐसा कोई बदतमीजी नहीं करता या ये नहीं कहता है कि तुम मुस्लिम हो तुम्हें घर नहीं मिलेगा.
'वो पोलाइटली बोलते हैं, और वो क्या ब्रोकर ही बोल देते हैं कि इस सोसायटी में मुस्लिम अलाउड नहीं हैं. ये घर मुस्लिम के लिए नहीं है. ये सुनकर बुरा बहुत लगता है, लेकिन क्या कर सकते हैं.'
आसिम ने बताया कि इस तरह की बातें दिल को चुभती जरूर हैं. वो बोले- लगता है कि क्यों नहीं दे सकते यार, अभी भी इस तरह की बातें क्यों हैं. लेकिन मुझे यकीन है कि अभी भी ऐसा भी कहीं होगा जहां मुस्लिम सोसायटी में हिंदुओं को घर नहीं मिलता होगा.
आसिम ने इसी के साथ इंडस्ट्री में धर्म के नाम पर होने वाले भेदभाव पर बात की और कहा कि ऐसा मेरे साथ कभी नहीं हुआ है. मैंने जिनके साथ भी काम किया है सब बहुत ही अच्छे रहे हैं. किसी ने कभी पैसों की भी गड़बड़ नहीं की है, तो धर्म की तो बात ही अलग है.
आसिम ने साथ ही हैरानी जताते हुए बताया कि यहां बिल्डिंग में पानी तक नहीं होता कि लेकिन किराया बहुत ज्यादा होता है. और सिर्फ मुस्लिम की बात नहीं, बैचलर हो, नॉन वेज खाते हो, एक्टर हो तो भी घर मिलना मुश्किल होता है. कितना ही झेले इंसान.
आसिम ने बताया कि काम को लेकर कोई दिक्कत नहीं है. लेकिन घर के लिए मैं बहुत परेशान हूं. मेरे घरवाले भी कहते हैं कि दर दर की ठोकरे खाना बंद करो और अपना घर लेने के बारे में सोचो. तो मैं अब इसी कोशिश में हूं.