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सपा-RLD के गठबंधन में दलबदलुओं को मिली जगह, एक दिन पहले आए अवतार भड़ाना को जेवर से टिकट

समाजवादी पार्टी और आरएलडी के गठबंधन में गुरुवार को पार्टी की तरफ से यूपी चुनाव में उतरने वाले प्रत्याशियों के नामों का ऐलान कर दिया है. पार्टी की तरफ से शेयर की गयी पहली लिस्ट में दलबदलू नेताओं को खास तरजीह दी गयी है. ऐसे में किस उम्मीदवार को कौन सी विधानसभा से मिला मौका, जानिये...

सपा के मुखिया अखिलेश यादव और RLD अध्यक्ष जयंत सिंह (फाइल फोटो) सपा के मुखिया अखिलेश यादव और RLD अध्यक्ष जयंत सिंह (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सपा ने हापुड़ के धौलाना सीट से असलम चौधरी को प्रत्याशी बनाया
  • बागपत सीट से जयंत चौधरी ने अहमद हमीद को प्रत्याशी बनाया
  • सपा ने हापुड़ के धौलाना सीट से असलम चौधरी को प्रत्याशी बनाया

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल गठबंधन ने गुरुवार को अपने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है. सपा-आरएलडी गठबंधन ने 29 कैंडिडेट के नामों का ऐलान किया है, जिनमें आरएलडी के 20 और सपा के 9 प्रत्याशी शामिल हैं. सपा और आरएलडी दोनों ही पार्टियों ने दलबदल कर आए नेताओं को खास तरजीह दी है. 

आरएलडी प्रमुख जयंत चौधरी ने हापुड़ सीट से गजराज सिंह को टिकट दिया है, जिन्होंने गुरुवार को ही दोपहर में पार्टी का दामन थामा है. हापुड़ सदर सीट से कांग्रेस से चार बार के विधायक रहे हैं, लेकिन सियासी माहौल को देखते हुए उन्होंने पार्टी छोड़कर आरएलडी की सदस्यता ग्रहण कर ली है. पांच घंटे के बाद ही जयंत चौधरी ने गजराज सिंह को पार्टी का कैंडिडेट घोषित कर दिया. 

अवतार भड़ाना को जेवर से टिकट

ऐसे ही जयंत चौधरी ने अवतार भड़ाना को बुधवार आरएलडी की सदस्यता दिलाई और दूसरे दिन नोएडा की जेवर सीट से प्रत्याशी घोषित कर दिया. अवतार भड़ाना मुजफ्फरनगर की मीरापुर सीट से 2017 में बीजेपी के टिकट पर विधायक चुने गए थे, जिसके बाद उन्होंने पार्टी छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया था. लेकिन, 2022 के चुनाव में आरएलडी में एंट्री कर टिकट ले लिया है. भड़ाना गुर्जर समाज के दिग्गज नेता माने जाते हैं. 

आरएलडी ने बुलंदशहर जिले में भी कई दलबदलू नेताओं को टिकट दिए हैं. बुलंदशहर सीट से हाजी युनूस को टिकट दिया है, जिन्होंने पिछले दिनों बसपा छोड़कर आरएलडी की सदस्यता ग्रहण की है. हाजी युनूस पूर्व विधायक हाजी अलीम के भाई हैं. ऐसे ही बुलंदशहर की स्याना विधानसभा सीट से आरएलडी ने दिलनवाज खान को प्रत्याशी बनाया है, जो कांग्रेस छोड़कर आरएलडी में आए हैं. दिलनवाज खान 2012 में कांग्रेस से विधायक रहे हैं. 

बागपत सीट से जयंत चौधरी ने अहमद हमीद को प्रत्याशी बनाया है, जो बसपा से आरएलडी में आए हैं. हालांकि, अहमद हमीद के पिता नवाब कोकब हमीद बागपत सीट से आरएलडी के विधायक रह चुके हैं. मुलायम सिंह की सरकार में हमीद मंत्री भी रहे हैं, लेकिन पिछले चुनाव में अहमद हमीद ने बसपा का दामन थाम लिया था. इसके बावजूद जीत नहीं सके और अब 2022 के चुनाव में आरएलडी के टिकट पर किस्मत आजमाएंगे. 

पंकज मलिक को चरथावल से प्रत्याशी बनाया गया

जयंत चौधरी की तरह अखिलेश यादव ने भी दलबदलू नेताओं को खास तवज्जो दी है. पिछले दिनों कांग्रेस छोड़कर सपा में आने वाले पंकज मलिक को चरथावल से प्रत्याशी बनाया है. पकंज मलिक कांग्रेस के टिकट पर दो बार विधायक रह चुके हैं और पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक के बेटे हैं. जाट समुदाय के मुजफ्फरनगर में बड़े नेता माने जाते हैं. 

सपा ने हापुड़ के धौलाना सीट से असलम चौधरी को प्रत्याशी बनाया है. असलम चौधरी पिछले साल राज्यसभा चुनाव के दौरान बसपा से बगावत कर सपा के करीब आए थे और दिसंबर में पार्टी की सदस्यता ग्राहण की है. 2017 में बसपा के टिकट पर विधायक चुने गए थे. 

वहीं, प्रत्याशियों का ऐलान करने के बाद आरएलडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी ने ट्वीट कर लिखा, 'मुझे विश्वास है सपा और आरएलडी गठबंधन के सभी कार्यकर्ता, एकजुट होकर इन प्रत्याशियों के चुनाव में पूरी निष्ठा से महनत करेंगे!  एक-एक विधायक से बनेगी आपकी विधानसभा, आपकी सरकार. साथ ही कैंडिडेट के साथ आरएलडी ने लिखा है कि उत्तर प्रदेश में लाएगा परिवर्तन' युवा, किसान के विकास का मंत्र आ रहे हैं अखिलेश और जयन्त!
 

 

 

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