scorecardresearch
 

लालू का सहयोग, ममता को शुभकामनाएं, यूपी चुनाव में बाहरी दलों पर ये बोले अखिलेश

यूपी से बाहर की तमाम क्षेत्रीय पार्टियां भी अगले साल सूबे में होने वाले विधानसभा चुनाव में किस्मत आजमाने की तैयारी में है. ऐसे में सपा प्रमुख अखिलेश ने आरजेडी लालू प्रसाद यादव से सहयोग मांगा है तो टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को शुभकामनाएं देते हुए बंगाल की जनता को धन्यवाद दिया.

लालू यादव और अखिलेश यादव (फाइल) लालू यादव और अखिलेश यादव (फाइल)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • अखिलेश का 2022 चुनाव में छोटे दलों से गठबंधन की कोशिश
  • अखिलेश ने लालू प्रसाद यादव से मांगा चुनाव में सहयोग
  • जीत पर ममता बनर्जी को अखिलेश ने दी शुभकामनाएं

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने बसपा-कांग्रेस जैसे बड़े दलों के बजाए छोटे दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ने का फैसला किया है. ऐसे में यूपी से बाहर की तमाम क्षेत्रीय पार्टियां भी सूबे में किस्मत आजमाने की तैयारी में है. अखिलेश यादव ने राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता लालू प्रसाद यादव से सहयोग मांगा है तो टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को शुभकामनाएं देते हुए बंगाल की जनता को धन्यवाद दिया.

अखिलेश यादव ने आजतक से बातचीत करते हुए कहा कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव से मुलाकात की. हम तो यही चाहते हैं कि उनका आशीर्वाद मिले और चुनाव में उनकी पार्टी का सहयोग मिले. यह हमारे के लिए बेहतर होगा.

बता दें कि सपा ने इस बार बिहार विधानसभा चुनाव में आरजेडी को समर्थन किया था और एक भी कैंडिडेट नहीं उतारा था जबकि इससे पहले सपा बिहार में चुनावी किस्मत आजमती रही है. वहीं, आरजेडी भी यूपी में अभी तक चुनाव लड़ती रही है, लेकिन अब अखिलेश चाहते हैं कि इस बार के चुनाव में आरजेडी उन्हें सहयोग करे.

बीजेपी के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के द्वारा विपक्षी दलों के एकजुटता किए जाने के मुहिम के सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि ममता बनर्जी को तीसरी बार चुने जाने के लिए बंगाल की जनता का धन्यवाद. बंगाल में जिस प्रकार का चुनाव हुआ है, वैसा नहीं देखा गया. ऐसे में ममता ने जिस तरह से बीजेपी को हराया उसके लिए शुभकामनाएं. अभी राष्ट्रीय स्तर पर चुनाव नहीं होने जा रहे हैं बल्कि यूपी में चुनाव होने जा रहे हैं.

'UP के चुनाव पर देश की निगाहें'

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के चुनाव पर देश की निगाहें है. बीजेपी ने जिस तरह से बंगाल चुनाव से पहले टीएमसी में तोड़फोड़ की है वैसे ही यूपी के 2017 चुनाव में भी किया था. बीजेपी की यह चुनावी रणनीति है, लेकिन न तो बंगाल चुनाव में काम आई है और न ही अब यूपी में काम आएगी. अखिलेश ने कहा कि यूपी की जनता बीजेपी को सबक सिखाने के लिए तैयार बैठी है. पंचायत चुनाव के नतीजे से साफ जाहिर होता है कि जनता बीजेपी से ऊब चुकी है. 

इसे भी क्लिक करें --- Akhilesh Yadav Exclusive: राम मंदिर जमीन विवाद पर सपा प्रमुख बोले- इस्तीफा दें ट्रस्ट के सदस्य

बता दें कि पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में सपा ने (तृणमूल कांग्रेस) टीएमसी को समर्थन किया था और चुनाव मैदान में अपने प्रत्याशी नहीं उतारे थे. इतना ही नहीं सपा सांसद जयाबच्चन ने बंगाल जाकर कई दिनों तक टीएमसी प्रत्याशी के समर्थन में चुनावी जनसभाएं भी की थी. इसके अलावा प्रेस कॉफ्रेंस करके टीएमसी को वोट देने की अपील भी की थी. इसके अलावा बंगाल के सपा नेताओं ने भी टीएमसी के पक्ष में प्रचार करने का काम किया था. ऐसे में सपा भी टीएमसी से उम्मीद लगाए हुए है कि यूपी में टीएमसी उसका समर्थन करे. हालांकि, अखिलेश यादव ने यह बात खुलकर नहीं कही. 

लालू यादव से सहयोग और ममता की जीत के लिए बंगाल की जनता का धन्यवाद अदा करने वाले अखिलेश यादव ने इस बार यूपी चुनाव में तमाम छोटे दलों के साथ गठबंधन करने का फैसला किया है. इसी कड़ी में उन्होंने अपने चाचा शिवपाल यादव की पार्टी के साथ भी गठबंधन करने के संकेत दिए हैं.

अखिलेश ने कहा कि शिववाल यादव की जसवंतनगर सीट पर सपा अपना कोई प्रत्याशी नहीं उतारेगी और बाकी उनकी पार्टी नेता अगर कहीं जीतने की स्थिति में होंगे तो पार्टी जरूर उन्हें भी चुनाव लड़ाएगी. 

 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें