scorecardresearch
 

यूपी: चुनाव से पहले गठबंधन की जोर आजमाइश! अमित शाह से अनुप्रिया पटेल तो छोटी बहन अखिलेश से मिलीं

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन को लेकर जोर आजमाइश शुरू हो चुकी है. गुरुवार को दिल्ली में अनुप्रिया पटेल ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की तो उनकी छोटी बहन पल्लवी लखनऊ में अखिलेश यादव से मिलीं.

पल्लवी पटेल (फोटो-फेसबुक) पल्लवी पटेल (फोटो-फेसबुक)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पल्लवी पटेल ने की अखिलेश से मुलाकात
  • अखिलेश के साथ आ सकतीं हैं पल्लवी

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव में अब कुछ ही महीने बचे हैं. ऐसे में यहां गठबंधन की जोर आजमाइश भी शुरू हो गई है. गुरुवार को अपना दल (सोनेलाल) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और मिर्जापुर से सांसद अनुप्रिया पटेल ने दिल्ली में गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की तो वहीं शुक्रवार को उनकी छोटी बहन पल्लवी पटेल ने लखनऊ में पूर्व CM अखिलेश यादव से मुलाकात की.

माना जा रहा है कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में पल्लवी पटेल अखिलेश की सपा के साथ मिलकर चुनाव में उतर सकती हैं.

छोटे-छोटे दलों पर अखिलेश की नजर

दरअसल, बीजेपी को मात देने के लिए अखिलेश की समाजवादी पार्टी छोटी-छोटी पार्टियों के साथ मिलकर एक मजबूत गठबंधन बनाने में जुटी है. उसकी नजर अनुप्रिया पटेल के अपना दल (एस) पर भी है, लेकिन अनुप्रिया पटेल के सपा के साथ जाने की फिलहाल तो कोई गुंजाइश नहीं दिख रही है. हाल में ही अनुप्रिया पटेल ने अमित शाह से मुलाकात की और ऐसा माना जा रहा है कि जल्द ही उनकी पार्टी से दो लोगों को यूपी कैबिनेट में मंत्री बनाया जा सकता है. 

मनमुटाव, टकराव या अफवाह... UP में CM योगी को लेकर आखिर चल क्या रहा है?

2017 में अखिलेश के साथ चुनाव लड़ चुकी हैं पल्लवी

हालांकि, उनकी छोटी बहन और अपना दल (कृष्णा) गुट की नेता पल्लवी पटेल अखिलेश के साथ आ सकती हैं. 2017 के विधानसभा चुनाव में भी पल्लवी पटेल की पार्टी ने सपा-कांग्रेस के गठबंधन के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था. हालांकि, उनकी पार्टी एक भी सीट नहीं जीत सकी थी. ऐसे में माना जा रहा है कि इस बार भी पल्लवी पटेल की पार्टी अखिलेश के साथ जा सकती है.

 

अनुप्रिया को ही विरासत नहीं देना चाहती पल्लवी

अनुप्रिया पटेल और पल्लवी पटेल दोनों सगी बहनें हैं. उनके पिता सोनेलाल यूपी के बड़े नेता थे और मायावती के करीबी माने जाते थे. उन्होंने ही अपना दल की स्थापना की थी. 2009 में सोनेलाल के निधन के बाद उनकी पत्नी कृष्णा पटेल ने पार्टी की कमान संभाली. 

2014 में मिर्जापुर से लोकसभा चुनाव जीतने के बाद अनुप्रिया पटेल ने बगावत कर दी. जिसके बाद अनुप्रिया पटेल और उनके पति आशीष सिंह को पार्टी से निकाल दिया गया था. इसके बाद दिसंबर 2016 में अनुप्रिया पटेल ने एक नई पार्टी अपना दल (सोनेलाल) बनाई. दूसरा गुट कृष्णा पटेल का है, जिसकी कमान कृष्णा पटेल और उनकी बेटी पल्लवी पटेल के पास है.

पल्लवी ने मां का संदेश अखिलेश को दिया

यूपी में अपना खाता खोलने की तैयारी कर रहीं कृष्णा पटेल ने अपने संदेशे के साथ छोटी बेटी को अखिलेश से मिलने भेजा. दोनों के बीच लगभग 45 मिनट तक बात हुई. इस दौरान सियासी हालात पर चर्चा हुई. माना जा रहा है कि पटेल समुदाय के वोटों में सेंध लगाने अखिलेश कुछ सीटें कृष्णा गुट को दे सकते हैं. 

 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें