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Rasra Assembly Seat: बीजेपी की लहर में भी कायम रही BSP की बादशाहत, उमाशंकर लगा पाएंगे हैट्रिक?

रसड़ा विधानसभा सीट पर पिछले कुछ समय से बसपा का प्रभुत्व है. बसपा के उमाशंकर सिंह लगातार दूसरी दफे रसड़ा सीट से विधायक हैं. बसपा के घूरा राम भी इस सीट से तीन दफे विधायक रहे थे.

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यूपी Assembly Election 2022 रसड़ा विधानसभा सीट
यूपी Assembly Election 2022 रसड़ा विधानसभा सीट
स्टोरी हाइलाइट्स
  • बलिया जिले की एक सीट है रसड़ा विधानसभा
  • बसपा के उमाशंकर सिंह हैं रसड़ा से विधायक

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की एक विधानसभा सीट है रसड़ा विधानसभा सीट. ये विधानसभा सीट घोसी लोकसभा क्षेत्र में आती है. रसड़ा विधानसभा क्षेत्र में श्रीनाथ बाबा मठ है जहां हर साल होने वाला रोट पूजन और लठ्ठ प्रदर्शन विश्व प्रसिद्ध है. ये विधानसभा सीट पहले सुरक्षित सीट हुआ करती थी. 2008 के परिसीमन के बाद ये सीट सामान्य हो गई.

राजनीतिक पृष्ठभूमि

रसड़ा विधानसभा की राजनीतिक पृष्ठभूमि की बात करें तो यहां करीब दो दशक से समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के बीच टक्कर रही है. पिछले कुछ समय से इस सीट पर बसपा का ही प्रभुत्व है. रसड़ा विधानसभा सीट के चुनावी अतीत की बात करें तो साल 1985 में कांग्रेस के हरदेव यहां से विधायक निर्वाचित हुए थे. 1989 में कांग्रेस के राम बचन विधानसभा पहुंचे. 1991 में ये सीट जनता दल के पास चली गई.

रसड़ा विधानसभा सीट से साल 1993, 2002 और 2007 में बसपा के घूरा राम, 1996 में बीजेपी के अनिल कुमार विधायक बने. 2008 के परिसीमन में ये सीट सामान्य हो गई. इस सीट के सामान्य होने के बाद साल 2012 में पहली दफे चुनाव हुए. रसड़ा विधानसभा सीट से बसपा के ही टिकट पर उमाशंकर सिंह विधायक निर्वाचित हुए.

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2017 का जनादेश

रसड़ा विधानसभा सीट से साल 2017 के चुनाव में भी बसपा ने उमाशंकर सिंह पर ही दांव लगाया. उमाशंकर सिंह ने बीजेपी की प्रचंड लहर के बावजूद चुनावी बाजी जीतकर ये सीट बसपा के पाले में डाल दिया. बसपा के उमाशंकर सिंह ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी बीजेपी के राम इकबाल सिंह को करीब 34 हजार वोट से हराया था. सपा के सनातन पांडेय तीसरे स्थान पर रहे थे.

सामाजिक ताना-बाना

रसड़ा विधानसभा सीट के सामाजिक समीकरणों की बात करें तो यहां हर जाति वर्ग के लोग अच्छी तादाद में रहते हैं. सवर्ण मतदाताओं की तादाद अधिक है. इस विधानसभा सीट का चुनाव परिणाम निर्धारित करने में एससी-एसटी और अन्य पिछड़ा वर्ग के मतदाता भी निर्णायक भूमिका निभाते हैं. ये इलाका सांप्रदायिक सौहार्द के लिए भी अपनी पहचान रखता है. यहां श्रीनाथ बाबा के रोट पूजन में प्रसाद पहले रोशन शाह की दरगाह पर चढ़ता है. रोशन शाह के सालाना उर्स में चादर श्रीनाथ बाबा पर भी चढ़ाई जाती है. इस विधानसभा क्षेत्र में साढ़े तीन लाख से अधिक वोटर हैं.

विधायक का रिपोर्ट कार्ड

रसड़ा विधानसभा क्षेत्र से विधायक बसपा के उमाशंकर सिंह पेशे से ठेकेदार हैं. ये सामूहिक विवाह के जरिए चर्चा में आए थे. उमाशंकर सिंह की गिनती उन नेताओं में होती है जो जरूरतमंदों की सहायता के लिए हर समय तत्पर रहते हैं. इनका दावा है कि रसड़ा विधानसभा क्षेत्र के हर इलाके का इनके कार्यकाल में चहुंमुखी विकास हुआ है.

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