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Phephna Assembly Seat: अंबिका चौधरी को हरा विधानसभा पहुंचे थे उपेंद्र तिवारी, लगा पाएंगे 'हैट्रिक'?

फेफना विधानसभा सीट से सपा के कद्दावर नेता अंबिका चौधरी चार बार विधायक रहे. अंबिका को 2012 और 2017 के चुनाव में बीजेपी के उपेंद्र तिवारी ने शिकस्त दी. उपेंद्र तिवारी प्रदेश सरकार में मंत्री हैं.

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स्टोरी हाइलाइट्स
  • बलिया जिले की एक सीट है फेफना विधानसभा
  • चार बार विधायक रहे हैं सपा के अंबिका चौधरी

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की एक विधानसभा सीट है फेफना विधानसभा सीट. इस विधानसभा क्षेत्र का नाम पहले कोपाचीट विधानसभा सीट हुआ करता था. ये विधानसभा सीट समाजवादी पार्टी (सपा) के संस्थापक सदस्य रहे अंबिका चौधरी का गढ़ रही है. बीते दो चुनाव से इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का कब्जा है.

राजनीतिक पृष्ठभूमि

फेफना विधानसभा सीट की राजनीतिक पृष्ठभूमि की बात करें तो सूबे की सियासत में इस विधानसभा क्षेत्र का महत्वपूर्ण स्थान रहा है. इस सीट से सपा के कद्दावर नेता अंबिका चौधरी लगातार चार बार विधायक रहे हैं. अंबिका चौधरी पहली दफे 1993 में इस सीट से विधानसभा पहुंचे थे. अंबिका चौधरी 1993 के बाद 1996, 2002 और 2007 में भी इस सीट से विधायक रहे.

फेफना से चार बार विधायक रहे अंबिका सपा की सरकार में मंत्री भी रहे. अंबिका चौधरी के सियासी रसूख का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 2012 में चुनाव हारने के बावजूद सपा की सरकार बनने पर अखिलेश यादव ने उन्हें विधान परिषद भेजकर अपने मंत्रिमंडल में जगह दिया था. 2012 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के टिकट पर मैदान में उतरे उपेंद्र तिवारी ने अंबिका की जीत का पंजा लगाने की उम्मीदों पर पानी फेर दिया था. उपेंद्र तिवारी 2012 में अंबिका को हराकर पहली बार विधानसभा सदस्य निर्वाचित हुए थे.

2017 का जनादेश

फेफना विधानसभा सीट से 2017 के विधानसभा चुनाव में भी बीजेपी ने अपने निवर्तमान विधायक उपेंद्र तिवारी पर ही भरोसा जताया. वहीं, सपा में चल रही उठा-पटक के बीच अखिलेश सरकार में मंत्री रहे अंबिका चौधरी ने पार्टी छोड़ दी और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरे. बीजेपी के उपेंद्र तिवारी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी बसपा के अंबिका चौधरी को 17 हजार से अधिक वोट के अंतर से पराजित कर दिया और लगातार दूसरी दफे विधायक निर्वाचित हुए. सपा के संग्राम सिंह यादव तीसरे स्थान पर रहे थे. अंबिका चौधरी हाल ही में सपा में लौट आए हैं.

सामाजिक ताना-बाना

फेफना विधानसभा सीट के जातिगत समीकरणों की बात करें तो इस विधानसभा क्षेत्र में हर जाति-वर्ग के मतदाता रहते हैं. इस विधानसभा क्षेत्र को यादव बाहुल्य सीट माना जाता है. भूमिहार बिरादरी के मतदाता भी इस सीट का चुनाव परिणाम निर्धारित करने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं. इस विधानसभा क्षेत्र में ब्राह्मण, ठाकुर के साथ ही अन्य पिछड़ी जाति के मतदाता भी अच्छी तादाद में हैं. निर्वाचन आयोग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक इस विधानसभा क्षेत्र में करीब सवा तीन लाख मतदाता हैं.

विधायक का रिपोर्ट कार्ड

फेफना विधानसभा सीट से विधायक बीजेपी के उपेंद्र तिवारी योगी सरकार में मंत्री हैं. 10 जनवरी 1973 को बलिया के बिगही बहुआरा गांव में जन्में उपेंद्र तिवारी इलाहाबाद यूनिवर्सिटी की छात्र राजनीति के प्रोडक्ट हैं. उन्होंने छात्रसंघ से सियासी दांव-पेच सीखे. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के करीबियों में गिने जाने वाले उपेंद्र तिवारी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े रहे. वे बीजेपी के बलिया में जिलाध्यक्ष भी रहे. उन्होंने पार्टी संगठन में भी विभिन्न पदों पर कार्य किया. उपेंद्र तिवारी और उनके समर्थकों का दावा है कि उनके कार्यकाल में इलाके का चहुंमुखी विकास हुआ है.

 

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