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'चाय-नाश्ता खत्म होने से पहले पैसे खाते में आ जाएंगे', मंत्री का बयान BRS को पड़ा महंगा, EC ने रायथु बंधु योजना पर लगाई रोक

तेलंगाना में निर्वाचन आयोग ने रायथु बंधु योजना के तहत रबी फसलों के लिए किसानों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता की किश्त बांटने के लिए सरकार को दी गई अनुमति वापस ले ली. आयोग ने यह कदम राज्य के वित्त मंत्री की सार्वजनिक घोषणा के बाद उठाया है.

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सीएम केसीआर की पार्टी बीआरएस को लगा चुनाव आयोग से झटका
सीएम केसीआर की पार्टी बीआरएस को लगा चुनाव आयोग से झटका

तेलंगाना के मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव की पार्टी भारत राष्ट्र समिति (BRS) को चुनाव आयोग की तरफ से झटका लगा है.  आयोग ने तेलंगाना सरकार को चुनाव पूरा होने तक रायथु बंधु योजना के वितरण को तुरंत रोकने का आदेश दिया है. डीबीटी के वितरण के लिए पहले दी गई अनुमति को आयोग ने वापस लेते हुए इसकी अनुपालन रिपोर्ट आज दोपहर 3 बजे तक जमा करने को कहा है.

दरअसल राज्य के वित्त मंत्री ने चुनाव प्रचार के दौरान इस योजना का सार्वजनिक ऐलान कर आचार संहिता का उल्लंघन कर दिया था. वहीं बीआरएस ने एक बार फिर चुनाव आयोग को पत्र लिखकर इस फैसले को वापस लेने की मांग की है.

आयोग ने उठाया सख्त कदम

चुनाव आयोग ने कहा, 'इस योजना के तहत तब तक कोई वितरण नहीं किया जाएगा जब तक कि तेलंगाना राज्य में सभी रूपों में आदर्श आचार संहिता लागू है.' चुनाव पैनल ने केसीआर के नेतृत्व वाली तेलंगाना सरकार को कुछ शर्तों के आधार पर आदर्श आचार संहिता की अवधि के दौरान रबी किस्त का भुगतान करने की मंजूरी दे दी थी. शर्त के तहत राज्य सरकार को चुनाव आचार संहिता तक इस योजना के भुगतान का प्रचार नहीं करने को कहा गया था. 

मंत्री का यह बयान बना बीआरएस के लिए मुसीबत

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आयोग की शर्तों का उल्लंघन करते हुए राज्य के वित्त मंत्री ने रबी किस्तों के भुगतान जारी करने के बारे में सार्वजनिक घोषणा कर दी. उन्होंने कथित तौर पर कहा था, 'वितरण सोमवार को किया जाएगा. किसानों का नाश्ता और चाय खत्म होने से पहले ही, धनराशि उनके खाते में जमा कर दी जाएगी.'

कांग्रेस ने की थी शिकायत

रविवार को कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त से इसे लेकर शिकायत की थी. सीईसी राजीव कुमार को लिखे पत्र में कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बीआरएस नेता चुनाव आयोग की मंजूरी को मतदाताओं को "प्रभावित करने" के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं और इसे ऐसे प्रचारित कर रहे हैं जैसे वो इसे अपनी जेब से दे रहे हों. वहीं बीआरएस नेता कांग्रेस नेताओं का कहना है कि कांग्रेस उनके काम में अडंगा लगा रही है.

बीआरएस का पलटवार

बीआरएस नेता के कविता ने कहा, 'यह कोई ऐसी योजना नहीं है जो अभी चुनाव के दौरान शुरू की गई है. यह स्कीम तो पिछले कई वर्षों से चली आ रही है. सवाल उठाया जा रहा है कि चुनाव आयोग ने पहली बार इस पर रोक क्यों लगाई? कांग्रेस पार्टी ने बार-बार चुनाव आयोग से इसे रोकने के लिए कहा है. हमारे कानूनी तरीके ने चुनाव आयोग को इसके बारे में समझाने की कोशिश की है. पिछले 10 वर्षों में अब तक हमने 65 लाख से अधिक किसानों को रायथु बंधु लाभ दिया है. हमारी योजनाओं के कारण किसान और जनता हमारे साथ है, यह बात कांग्रेस पचा नहीं पा रही है और शिकायत कर रही है.'

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क्या है रायथु बंधु स्कीम

रायथु बंधु योजना को किसान निवेश सहायता योजना (FISS) के रूप में भी जाना जाता है, और यह 2018 में तेलंगाना सरकार द्वारा शुरू किया गया किसानों का एक कल्याण कार्यक्रम है. योजना के तहत, राज्य सरकार किसान के बैंक खाते में 5000 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से पैसे साल में दो बार ट्रांसफर करती है. एक बार ख़रीफ़ की फ़सल के लिए और एक बार रबी की फ़सल के लिए के लिए पैसा दिया जाता है.

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