लालू प्रसाद पटना की सड़कों पर उतरे और जाति की सियासत को फिर से शोला दिखा दिया. जिस मंडलवाद की राजनीति के बूते लालू 15 सालों तक बिहार की सत्ता के सिरमौर रहे उसे एक नई शक्ल में फिर उछाल दिया है.
लालू के राजभवन मार्च के दौरान दोनों बेटे उनके साथ रहे. इसके पूर्व राजद अध्यक्ष ने खुली जीप में सवार होकर रैली का नेतृत्व किया. उनके साथ सैकड़ों कार्यकर्ता थे.
लालू के जाति राग में नीतीश कुमार का भी भरपूर साथ है.
पटना के आर ब्लॉक चौराहा पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए लालू ने कहा कि केंद्र सरकार ने जातिगत जनगणना कर ली है, तो जातियों की संख्या बताने में पीछे क्यों हट रही है.
अपने पुराने अंदाज में नजर आ रहे लालू ने कार्यकर्ताओं को गांव-गांव जाने का निर्देश देते हुए कहा कि सभी कार्यकर्ता गांव-गांव जाएं और 'कांव-कांव' कर लोगों को भाजपा सरकार की हकीकत बताएं.
लालू ने कहा कि सरकार को जातियों की संख्या सार्वजनिक करनी चाहिए.
राजभवन मार्च की शुरुआत गांधी मैदान के जेपी गोलंबर से हुई. यह मार्च डाकबंगला चौराहा, पटना रेलवे स्टेशन होते हुए आर ब्लॉक चौराहा पहुंचा.
आरजेडी काफिले को राजभवन की तरफ बढ़ने की इजाजत नहीं मिली, जिस कारण आर ब्लॉक चौराहे पर ही जनसभा का आयोजन किया गया.
राजभवन मार्च में राजद के सांसद, विधायक, विधान पार्षद, पार्टी पदाधिकारी एवं सभी जिलाध्यक्ष और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल रहे.