लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजों का काउंटडाउन शुरू हो गया है, 23 मई को आने वाले नतीजों से पहले नेताओं की धड़कनें तेज हो गई हैं. इसी बीच पूरे चुनाव प्रचार में अपने बयान के कारण चर्चा में रहने वालीं और आलोचना झेलने वालीं साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर अब मौन धारण करने वाली हैं. उन्होंने अपने बयानों को लेकर माफी मांगी है और बताया कि वह अब तपस्या करने जा रही हैं.
भोपाल से भारतीय जनता पार्टी की प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा ने सोमवार को ट्वीट किया कि चुनाव प्रक्रिया के खत्म होने के बाद अब समय चिंतन मनन का है. उन्होंने लिखा कि अगर मेरे किसी बयान से किसी भी देशभक्त को ठेस पहुंचती हैं, तो वह क्षमा प्रार्थी हैं.
चुनावी प्रक्रियाओ के उपरान्त अब समय है चिंतन मनन का,
इस दौरान मेरे शब्दों से समस्त देशभक्तों को यदि ठेस पहुंची है तो मैं क्षमा प्रार्थी हूँ और सार्वजनिक जीवन की मर्यादा के अंतर्गत प्रयश्चित हेतु 21 प्रहर के मौन व कठोर तपस्यारत हो रही हूं।
Advertisementहरिः ॐ
— Sadhvi Pragya Official (@SadhviPragya_MP)
इसी के साथ उन्होंने 21 पहर तक (करीब ढाई दिन) के मौन धारण करने और तपस्या करने का ऐलान किया है. आपको बता दें कि एग्जिट पोल के अभी तक जो नतीजे सामने आए हैं, उनमें भोपाल से साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर जीतती हुई नज़र आ रही हैं.
चुनाव के दौरान साध्वी प्रज्ञा ने कई ऐसे बयान दिए हैं, जो भारतीय जनता पार्टी के लिए संकट का विषय बने हैं. इसमें राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताने वाला बयान भी शामिल है.
PM मोदी ने भी की बयान की निंदा
इस बयान की काफी निंदा हुई थी, खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस बयान की निंदा की थी. पीएम मोदी ने कहा था कि भले ही साध्वी ने माफी मांग ली हो, लेकिन वह अपने दिल से उन्हें कभी माफ नहीं कर पाएंगे. जिसके बाद साध्वी प्रज्ञा को हर किसी ने कोसा था.
इस बयान के अलावा साध्वी की ओर से मुंबई हमले में शहीद हुए हेमंत करकरे को लेकर भी विवादित बयान दिया गया था, जिसमें उन्होंने हेमंत करकरे की मौत का कारण उनका श्राप बताया था.
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