मध्य प्रदेश की उज्जैन सीट पर रविवार को लोकसभा चुनाव के लिए वोट डाले गए. यहां पर सातवें और आखिरी चरण के तहत लोगों ने अपने वोट का इस्तेमाल किया. चुनाव आयोग के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक उज्जैन संसदीय सीट पर कुल 74.93 फीसदी वोटिंग दर्ज की गई. अंतिम चरण की वोटिंग के तहत देश में कुल 64.77 फीसदी मतदाताओं ने मतदान किया. वहीं मध्य प्रदेश में कुल 75.52 फीसदी वोट पड़े.
2019 के आम चुनाव में उज्जैन संसदीय सीट से चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों में बाबू लाल मालवीय(कांग्रेस), अनिल फिराजिया(भारतीय जनता पार्टी), सतीश परमार(बहुजन समाज पार्टी), महेश मर्मट(शिवसेना) और रामचंद्र परमार(बहुजन मुक्ति पार्टी) हैं. वहीं निर्दलीय उम्मीदवारों में अंबाराम परमार, तिलकराज अहरिवार, बानेसिंह परमार और डॉ. सागर सोलंकी शामिल हैं.
उज्जैन लोकसभा सीट पर बीजेपी के सत्यनारायण जटिया ने सबसे ज्यादा बार जीत हासिल की है. वे सात चुनावों में यहां पर जीत दर्ज कर चुके हैं. फिलहाल इस सीट पर बीजेपी का कब्जा है और प्रो. चिंतामणि मालवीय यहां के सांसद हैं.2014 का जनादेश
2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के प्रो. चिंतामणि मालवीय ने कांग्रेस के प्रेमचंद गुड्डू को मात दी थी. इस चुनाव में चिंतामणि को 6,41,101(63.08फीसदी) वोट मिले थे और प्रेमचंद को 3,31,438 (32.61 फीसदी) वोट मिले थे. दोनों के बीच जीत हार का अंतर 3,09,663 वोटों का था. वहीं बसपा उम्मीदवार रामप्रसाद .98 फीसदी वोटों के साथ तीसरे स्थान पर थे.
2009 का जनादेश
इससे पहले 2009 के चुनाव में कांग्रेस के प्रेमचंद गुड्डू को जीत मिली थी. उन्होंने बीजेपी के सत्यनारायण जटिया को हराया था. प्रेमचंद को 3,26,905 (48.97 फीसदी) वोट मिले थे तो वहीं सत्यनारायण को 3,11,064( 46.6 फीसदी वोट मिले थे. दोनों के बीच हार जीत का अंतर 15,841 वोटों का था. वहीं बसपा 1.38 फीसदी वोटों के साथ तीसरे स्थान पर थी.
सामाजिक ताना-बाना
2011 की जनगणना के मुताबिक उज्जैन की जनसंख्या 22,90,606 है. यहां की 63.49 फीसदी आबादी ग्रामीण क्षेत्र और 36.51 फीसदी आबादी शहरी क्षेत्र में रहती है. यहां पर अनुसूचित जाति के लोगों की संख्या अच्छी खासी है. 26 फीसदी आबादी यहां की अनुसूचित जाति के लोगों की है और 2.3 फीसदी आबादी अनुसूचित जनजाति की है.
चुनाव आयोग के आंकड़े के मुताबिक 2014 के चुनाव में उज्जैन में 15,25,481 मतदाता थे. इसमें से 7,34,592 महिला मतदाता और 7,90,889 पुरूष मतदाता थे.2014 के लोकसभा चुनाव में इस सीट पर 66.63 फीसदी मतदान हुआ था.
बता दें कि 2019 के आम चुनावों के लिए चुनाव आयोग ने देश की 543 सीटों पर 7 चरणों में चुनाव संपन्न कराए जाने का फैसला किया है. सातवें और आखिरी चरण के लिए नोटिफिकेशन के लिए 22 अप्रैल और नामांकन के लिए 29 अप्रैल की तारीख तय की गई थी. 30 अप्रैल को स्क्रूटनी के बाद 23 मई को वोटिंग की तारीख तय की गई. सातों चरणों के मतदान के नतीजे 23 मई को आएंगे.
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