आजतक-एक्सिस माय इंडिया के लोकसभा चुनाव-2019 पर सबसे सटीक, सबसे विश्वसनीय और सबसे बड़े एग्जिट पोल के नतीजों में केरल में कांग्रेस नीत यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) गठबंधन को फायदा होता दिख रहा है. उसे यहां इस बार 15 से 16 सीटें मिलने की उम्मीद है. बता दें कि साल 2014 के आम चुनाव में यूडीएफ ने केरल की 20 लोकसभा सीटों में से 12 सीट पर कब्जा किया था. अगर विधानसभा चुनाव 2016 की बात करें तो यूडीएफ को इस बार यहां 9 सीटें मिलने की उम्मीद थी.
एग्जिट पोल के मुताबिक केरल में सीपीआई/सीपीएम के लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) की सीटें घट सकती हैं. एलडीएफ को यहां 3 से 5 सीटें मिलने की आशा है. बता दें कि लोकसभा चुनाव-2014 में एलडीएफ ने यहां 8 जीते पर परचम लहराया था. अगर विधानसभा चुनाव 2016 का जिक्र करें तो यहां एलडीएफ को 11 सीटें मिलने की आशंका थी. लेकिन एग्जिट पोल में एलडीएफ को झटका लगता दिख रहा है.
वहीं एनडीए का केरल में खाता खुल सकता है. एग्जिट पोल में बीजेपी नीत एनडीए को 0 से एक सीट मिलने की आशंका जताई है. गौर करने वाली बात ये है कि 2014 के आम चुनाव में केरल में एनडीए को एक भी सीट नहीं मिली थी. तो वहीं 2016 विधानसभा चुनाव के प्रदर्शन के आधार पर भी एनडीए को शून्य सीट मिलने को अनुमान था. तो वहीं अन्य को 2014 के लोकसभा चुनाव की तरह ही इस बार भी कोई शीट नहीं मिलने की आशा जताई गई है.
अगर पार्टी वाइज वोट शेयर प्रतिशत के आधार पर बात करें तो एग्जिट पोल में यूडीएफ को 46 फीसदी वोट शेयर मिलने की उम्मीद जताई है जोकि पिछले चुनाव से 4 फीसदी ज्यादा है. 2014 के आम चुनाव में यूडीएफ को 42 फीसदी मतदान मिले थे. तो वहीं विधानसभा चुनाव 2016 के आधार पर यूडीएफ को इस बार 38 फीसदी वोट शेयर मिलने की आशंका थी.
एलडीएफ को 2014 के लोकसभा चुनाव में 31 फीसदी वोट शेयर मिला था. लेकिन एग्जिट पोल में इस बार उसे 38 फीसदी वोट शेयर मिलने की बात कही गई है. अगर 2016 विधानसभा चुनाव की बात करें तो एलडीएफ को इस बार 40 फीसदी वोट शेयर मिलता लेकिन इस आधार पर एलडीएफ के वोट शेयर में कमी होती दिख रही है.
वहीं, बीजेपी नीत एनडीए का वोट शेयर केरल में बढ़ा है. एग्जिट पोल के आंकड़ों में एनडीए को केरल में 13 फीसदी वोट शेयर मिलने की उम्मीद है. वहीं साल 2014 के लोकसभा चुनाव में एनडीए को यहां 11 फीसदी वोट शेयर मिला था. हालांकि 2016 विधानसभा चुनाव के आधार पर एनडीए को केरल में इस 11 फीसदी वोट शेयर मिलने की आशंका जताई गई थी.
हालांकि एग्जिट पोल में अन्य के वोट शेयर में भारी कमी आने का जिक्र है. 2014 के लोकसभा चुनाव में केरल में अन्य पार्टियों का वोट शेयर 16 फीसदी थी लेकिन इस बार उसका वोटर घटकर 3 फीसदी रहने की आशंका है. तो वहीं 2016 के विधानसभा चुनाव के आधार पर बात करें तो अन्य दलों को केरल में इस बार 11 फिसदी वोट शेयर मिलने की आशा थी.