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Kalyan Lok Sabha Chunav Result 2019: शिवसेना के श्रीकांत एकनाथ शिंदे ने 3 लाख से ज्यादा वोटों से दर्ज की जीत

Lok Sabha Chunav Kalyan Result 2019 : महाराष्ट्र की कल्याण लोकसभा सीट पर शिवसेना के प्रत्याशी डॉ. श्रीकांत एकनाथ शिंदे ने जीत का परचम लहराया है. उन्होंने अपने सबसे करीबी प्रतिद्वंदी और एनसीपी के प्रत्याशी बाबाजी बलराम पाटिल को 344343 वोटों से शिकस्त दी है.

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Kalyan Lok Sabha Election Result 2019 : मतगणना केंद्र (फाइल फोटो- गैटी इमेजेज्)
Kalyan Lok Sabha Election Result 2019 : मतगणना केंद्र (फाइल फोटो- गैटी इमेजेज्)

महाराष्ट्र की कल्याण लोकसभा सीट पर शिवसेना के प्रत्याशी डॉ. श्रीकांत एकनाथ शिंदे ने जीत का परचम लहराया है. उन्होंने अपने सबसे करीबी प्रतिद्वंदी और एनसीपी के प्रत्याशी बाबाजी बलराम पाटिल को 344343 वोटों से शिकस्त दी है. इस चुनाव में शिवसेना के डॉ. श्रीकांत एकनाथ शिंदे को 559723 वोट हासिल हुए, जबकि एनसीपी के बाबाजी बलराम पाटिल को 215380 वोटोंं से संतोष करना पड़ा.

महाराष्ट्र की कल्याण  लोकसभा सीट पर चौथे चरण में 29 अप्रैल को वोट डाले गए थे. चुनाव आयोग के मुताबिक, कल्याण लोकसभा सीट पर 42.99 फीसदी मतदान हुआ था. एक नजर में देखिए कि इस लोकसभा चुनाव में आखिर किसको कितने वोट मिले.

क्रम संख्याअभ्यर्थीदल का नामई.वी.एम. मतडाक द्वारा मतकुल मत% मत
1बाबाजी बलराम पाटिलनेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी21501436621538024.19
2रविंद्र (पिन्टू) केणेबहुजन समाज पार्टी96042396271.08
3डॉ. श्रीकांत एकनाथ शिंदेशिवसेना558023170055972362.87
4गौतम बाबुराव वाघचौरेबहुजन मुक्ति पार्टी2660226620.3
5मिलिंद कांबळेभारत जन आधार पार्टी79357980.09
6मुनीर अहमद अंंसारीइंडियन यूनियन मुस्लिम लीग1302013020.15
7मोहम्मद अहमद खान (अहमद नेता)बहुजन महा पार्टी1030110310.12
8साळवे विनोद मनोहरभारतीय किसान पार्टी3260132610.37
9डॉ. सुरेश अभिमान गवईभारत प्रभात पार्टी84128430.09
10संजय हेडाऊवंचित बहुजन अघाडी65362210655727.37
11संतोष भिकाजी भालेरावअम्‍बेडकराइट पार्टी ऑफ इंडिया1078310810.12
12हबिबुर रहमानपीस पार्टी1073010730.12
13हरेश संभाजी ब्राम्हणेबहुजन रिपब्लिकन सोशलिस्ट पार्टी72117220.08
14अजयश्याम रामलखन मौर्यानिर्दलीय1274012740.14
15अमरीश राज मोरजकरनिर्दलीय91509150.1
16अस्मिता पुष्कर पुराणिकनिर्दलीय2511125120.28
17चंद्रकांत रंभाजी मोटेनिर्दलीय1365013650.15
18जफरुल्लाह गुलाम रब सय्यदनिर्दलीय49504950.06
19दिनकर रंगनाथ पालकेनिर्दलीय1389013890.16
20नफीस अन्सारीनिर्दलीय43404340.05
21नरेंद्रभाई मोरेनिर्दलीय69006900.08
22यास्मीन बानू मोहम्मद सलिमनिर्दलीय41214130.05
23मो. युसुफ मो. फारुख खाननिर्दलीय42904290.05
24विनय दुबेनिर्दलीय47104710.05
25शिवा कृष्णमूर्ती अय्यरनिर्दलीय76527670.09
26सय्यद वसीम अली नजीर अलीनिर्दलीय1093010930.12
27सुहास धनंजय बोंडेनिर्दलीय1186111870.13
28सोनाली अशोक गंगावणेनिर्दलीय79027920.09
29NOTAइनमें से कोई नहीं1297537130121.46

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कौन-कौन थे प्रमुख उम्मीदवार

इस सीट पर कुल 28 उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं. शिवसेना ने यहां से श्रीकांत शिंदे को टिकट दिया है, तो वहीं बाबाजी बलराम पाटिल एनसीपी के प्रत्याशी हैं. बहुजन समाज पार्टी ने यहां से रवींद्र केने को उम्मीदवार बनाया है.

सामाजिक ताना-बाना

कल्याण लोकसभा क्षेत्र में उत्तर भारतीय, सिंधी समाज, मुस्लिम मतदाताओं की संख्या ज्यादा है. इसके अलावा मराठा और सवर्ण समाज के लोगों का भी अच्छा ख़ासा दबदबा है. लेकिन उत्तर भारतीय और मुस्लिम समुदाय का वोट यहां निर्णायक साबित होता रहा है.

कल्याण लोकसभा के अंतर्गत छह विधानसभा क्षेत्र आते हैं. इनमें से अधिकतर विधानसभा सीटों पर बीजेपी और शिवसेना का दबदबा है. अंबरनाथ विधानसभा क्षेत्र पर शिवसेना, उल्हासनगर में एनसीपी, कल्याण पूर्व में निर्दलीय विधायक का कब्ज़ा है. वहीं, डोंबिवली में बीजेपी, कल्याण ग्रामीण सीट पर शिवसेना और मुम्ब्रा कलवा में एनसीपी का कब्ज़ा है.

सीट का इतिहास

कल्याण लोकसभा सीट 2008 में परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई थी. इसके पहले यह ठाणे लोकसभा के अंतर्गत आती थी. कल्याण लोकसभा सीट के इतिहास पर नजर डालें तो यह सीट शिवसेना-बीजेपी का गढ़ माना जाता है. यहां से बीजेपी के राम कापसे 1989 से 1996 तक चुनाव जीतते आए.

महाराष्ट्र में बीजेपी शिवसेना के गठबंधन होने के बाद यह सीट शिवसेना के खाते में चली गई. शिवसेना ने प्रकाश परांजपे को टिकट दिया वो जीतकर भी आए. वो 1996 से 2008 तक लगातार जीते और सांसद रहे. उनके निधन के बाद शिवसेना ने प्रकाश परांजपे के बेटे आनंद परांजपे को टिकट दिया. आनंद ने पिता की विरासत को संभाला और चुनाव जीते.

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आनंद परांजपे कल्याण से सांसद चुने गए लेकिन कुछ ही समय बाद शिवसेना के साथ उनकी कटुता पैदा हो गई. इसका असर यह हुआ कि शिवसेना से वो दूर हो गए और उन्होंने एनसीपी की सदस्यता ले ली. 2014 में आनंद एनसीपी से चुनाव में उतरे और हार गए.

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