लोकसभा चुनाव 2019 के तहत राजस्थान की झालावाड़-बारां लोकसभा सीट पर बीजेपी ने परचम लहराया है. वसुंधरा राजे के बेटे और सिटिंग सांसद दुष्यंत सिंह 453928 वोटों के बड़े अंतर से अपने नजदीकी प्रतिद्वंदी को शिकस्त देने में कामयाब रहे. बता दें कि इस सीट पर चौथे चरण के तहत 29 अप्रैल को मतदान हुआ था.
2019 का जनादेश
भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी)प्रत्याशी दुष्यंत सिंह को 887400 वोट मिले. वहीं, कांग्रेस के प्रमोद शर्मा 433472 वोटों के साथ दूसरे, 17080 वोटों के साथ नोटा तीसरे और बीएसपी के बद्रीलाल 13338 वोटों के साथ चौथे नंबर पर रहे.
2014 का चुनाव
साल 2014 के लोकसभा चुनाव में झालावाड़-बारां सीट पर 67.5 फीसदी वोटिंग हुई थी. जिसमें बीजेपी को 59 फीसदी और कांग्रेस को 34.4 फीसदी वोट मिले थे. इस चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के बेटे दुष्यंत सिंह ने लगातार तीसरी बार जीत दर्ज करते हुए कांग्रेस के प्रमोद जैन भाया को 2,81,546 मतों के भारी अंतर से पराजित किया. बीजेपी से दुष्यंत सिंह को 6,76,102 और कांग्रेस के प्रमोद जैन भाया को 3,94,556 वोट मिले थे. बता दें कि इस सीट पर चौथे चरण के तहत 29 अप्रैल को मतदान हुआ था. मतदान का प्रतिशत 71.94 रहा है. यहां कुल 7 प्रत्याशी मैदान में हैं.
सामाजिक ताना-बाना
झालावाड़-बारां सीट पर गुर्जरों का खासा प्रभाव है, इसके बाद अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, जैन और मुस्लिम समुदायों का वोट निर्णायक माना जाता है. राजस्थान की सबसे हाई-प्रोफाइल सीट झालावाड़-बारां लोकसभा क्षेत्र है. क्योंकि यह पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का गृह क्षेत्र है और वर्तमान में राजे के पुत्र दुष्यंत सिंह यहां से सांसद हैं.
सीट का इतिहास
आजादी के बाद यह सीट सिर्फ झालावाड़ थी, लेकिन 2008 के परिसीमन में झालावाड़ जिले की 4 और बारां जिले की 4 विधानसभा सीटों को मिलाकर झालावाड़ा-बारां संसदीय क्षेत्र का गठन किया गया. 2019 से पहले हुए कुल 16 लोकसभा चुनाव में सबसे ज्यादा बीजेपी ने 8 बार जीत दर्ज की. 1989 से लगातार इस सीट पर बीजेपी का कब्जा है. वहीं कांग्रेस ने 4 बार, भारतीय जनसंघ ने 2 बार, भारतीय लोकदल ने 1 बार और जनता पार्टी ने 1 बार इस सीट पर कब्जा जमाया.
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