Israeli Prime Minister Benjamin Netanyahu. अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच युद्ध रविवार को 16वें दिन में प्रवेश कर चुका है. इस दौरान अमेरिकी हमले खासतौर पर ईरान के खर्ग द्वीप पर केंद्रित रहे हैं. रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका ने यहां 90 से अधिक सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है. इन हमलों में हवाई रक्षा प्रणाली, नौसैनिक अड्डे और हवाई अड्डे शामिल हैं, लेकिन तेल से जुड़े बुनियादी ढांचे को अभी तक बचा रखा गया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों के आवागमन को बाधित करता है, तो तेल संबंधी ठिकानों को भी निशाना बनाया जाएगा. उन्होंने अन्य देशों से युद्धपोत भेजकर होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आह्वान किया है. ट्रंप का दावा है कि ईरान की सैन्य क्षमता लगभग पूरी तरह नष्ट कर दी गई है, लेकिन ड्रोन हमलों का खतरा अब भी बना हुआ है.
वहीं, ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए हिजबुल्लाह के साथ मिलकर इजरायल पर मिसाइलें दागीं. इसके अलावा बगदाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर दूसरी बार हमला हुआ है. खाड़ी क्षेत्र में सऊदी अरब और कतर पर भी हमलों की खबरें आई हैं. अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ईरान का नया नेता गंभीर रूप से घायल हो गया है.
यह युद्ध 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था, जब अमेरिका और इजरायल ने तेहरान में बड़े पैमाने पर हमले किए थे. इन हमलों में कई ठिकानों को नुकसान पहुंचा और कई अमेरिकी सैनिक भी मारे गए. युद्ध के चलते तेहरान में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और सड़कों पर सन्नाटा पसरा है. संयुक्त राष्ट्र ने इस संघर्ष में नागरिक हताहतों पर चिंता जताई है.
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात को देखते हुए यह युद्ध लंबा और जटिल खिंच सकता है. प्रभावी कूटनीति और वैश्विक सहयोग ही इस संघर्ष को समाप्त करने का रास्ता हो सकता है.
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अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली विमानों ने दक्षिणी लेबनान में कई स्थानों पर हमले किए, जिनमें तैबेह शहर और आसपास के इलाके शामिल हैं. इन हमलों में ऐतारौन और शबरीहा शहरों को भी निशाना बनाया गया, क्योंकि इजरायल-लेबनान सीमा पर तनाव जारी है.
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य पर समुद्री ट्रैफिक जाम हो गया है. यहां करीब 1,000 जहाज फंसे हैं, जिनमें 200 तेल टैंकर शामिल हैं. ईरानी सैन्य गतिविधियों के खतरे को देखते हुए सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं. इस रुकावट से वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित हुई है, जिसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की कीमतें तेजी से बढ़ने लगी हैं.
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि उनका देश होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षा को लेकर बातचीत के लिए तैयार है. कई देशों ने इस जलमार्ग पर बढ़ते हमलों के बाद ईरान से संपर्क किया है. परमाणु कार्यक्रम पर उन्होंने कहा कि फिलहाल परमाणु केंद्रों को फिर से शुरू करने की कोई योजना नहीं है. उन्होंने पुरानी रियायतों का जिक्र करते हुए साफ किया कि मौजूदा संघर्ष ने हालात बदल दिए हैं.
ईरान युद्ध की वजह से दुनिया में तेल की कमी न हो, इसलिए कई देशों की सरकारों ने मिलकर अपने आपातकालीन कोटे से 388 मिलियन बैरल तेल बाजार में निकालने का फैसला किया है. अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के मुताबिक, इस तेल का सबसे बड़ा हिस्सा अमेरिका और एशिया के देशों से आएगा. मार्च के आखिर तक यह तेल मार्केट में पहुंच जाएगा, ताकि पेट्रोल-डीजल की किल्लत न हो और कीमतें काबू में रहें.
मिडिल ईस्ट में जारी भारी तनाव के बीच अमेरिका से एक राहत भरी खबर आई है. अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने उम्मीद जताई है कि ईरान के साथ जारी यह युद्ध अगले कुछ हफ्तों में खत्म हो सकता है. एबीसी न्यूज के एक प्रोग्राम में बात करते हुए उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि यह लड़ाई अगले कुछ हफ्तों में, या शायद उससे पहले ही थम जाएगी. राइट ने यह भी भरोसा दिलाया कि जंग खत्म होने के बाद दुनिया भर में तेल और गैस की सप्लाई बेहतर होगी, जिससे तेल की बढ़ती कीमतों में गिरावट आएगी और लोगों को राहत मिलेगी.
इजरायल के विदेश मंत्रालय ने आरोप लगाया है कि बेल्जियम और नीदरलैंड में यहूदी ठिकानों पर हुए बम हमलों के पीछे ईरान का हाथ है. इजरायल का कहना है कि ईरान से जुड़ा एक जिहादी गुट इन हमलों को अंजाम दे रहा है. मंत्रालय ने सोशल मीडिया (X) पर कहा कि ईरान की सेना पूरी दुनिया में आतंकवाद को बढ़ावा दे रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, 'इस्लामिक मूवमेंट ऑफ द कंपैनियंस ऑफ द राइट' नाम के एक अनजान गुट ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है. इस ग्रुप ने दावा किया है कि 9 मार्च को बेल्जियम के लीज में एक यहूदी प्रार्थना स्थल पर हुआ धमाका उन्होंने ही किया था. इसके बाद 11 मार्च को ग्रीस में हुए एक और हमले के पीछे भी इसी गुट का नाम सामने आ रहा है.
ईरान के साथ जारी युद्ध के बीच पोप लियो चौदहवें ने एक बार फिर शांति की अपील की है. वेटिकन में अपनी साप्ताहिक प्रार्थना के दौरान पोप ने अमेरिका, इजरायल और ईरान से जंग खत्म कर बातचीत का रास्ता अपनाने को कहा. उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि पिछले दो हफ्तों से वहां के लोग भारी हिंसा झेल रहे हैं, जिसमें हजारों बेकसूर लोग मारे गए और लाखों को अपना घर छोड़ना पड़ा. पोप ने स्कूलों और अस्पतालों पर हुए हमलों में जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और लेबनान के बिगड़ते हालातों पर भी चिंता जाहिर की.
संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक बयान के अनुसार, उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान की ओर से दागी गई 4 बैलिस्टिक मिसाइलों और 6 ड्रोनों को हवा में ही नष्ट कर दिया है. 28 फरवरी को शुरू हुई इस जंग के बाद से यूएई अब तक कुल 298 बैलिस्टिक मिसाइलों, 15 क्रूज मिसाइलों और 1,606 ड्रोनों को मार गिरा चुका है. अधिकारियों के मुताबिक, इस संघर्ष के दौरान हुए ईरानी हमलों में यूएई में अब तक कम से कम 6 लोगों की मौत हुई है और 142 लोग घायल हुए हैं.
मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच बहरीन ने ईरान के लिए जासूसी करने के आरोप में 5 लोगों को गिरफ्तार किया है. बहरीन के गृह मंत्रालय के मुताबिक, इन लोगों पर आरोप है कि इन्होंने देश के कई होटलों और संवेदनशील ठिकानों की तस्वीरें और उनकी लोकेशन ईरान की सेना को भेजी थीं. पकड़े गए लोगों की उम्र 25 से 39 साल के बीच है. अधिकारियों का दावा है कि इनमें से एक शख्स ने तो ईरान के सैन्य कैंपों में बाकायदा ट्रेनिंग भी ली थी. शक है कि इन तस्वीरों और जानकारियों का इस्तेमाल उन जगहों पर हमला करने के लिए किया जाना था.
इजरायली मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरान के साथ जारी जंग के तीसरे हफ्ते में इजरायल ने अपनी सेना के लिए खजाना खोल दिया है. सरकार ने रक्षा जरूरतों और हथियारों की खरीद के लिए करीब 827 मिलियन डॉलर के इमरजेंसी फंड को मंजूरी दी है. कैबिनेट मंत्रियों ने फोन पर हुई एक मीटिंग के दौरान इस फैसले पर मुहर लगाई. वित्त मंत्रालय के मुताबिक, लड़ाई की बढ़ती तीव्रता को देखते हुए सेना की तत्काल जरूरतों को पूरा करने के लिए यह भारी-भरकम राशि जारी करना जरूरी हो गया था.
इजरायल से आ रही मीडिया खबरों के मुताबिक, रविवार को एक ईरानी मिसाइल का टुकड़ा इजरायल में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास की एक रिहायशी इमारत पर जा गिरा. जिस इमारत पर यह मलबा गिरा, उसका इस्तेमाल अमेरिकी दूतावास के कर्मचारी रहने के लिए करते हैं. हालांकि, इस घटना में कितना नुकसान हुआ है या कोई घायल हुआ है या नहीं, इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है.
ईरान युद्ध के दौरान तेल का एक्सपोर्ट दोबारा शुरू करने को लेकर इराक में आपसी मतभेद गहरा गया है. इराक के संघीय तेल मंत्रालय का कहना है कि वह तुर्की के सेहान बंदरगाह तक जाने वाली पाइपलाइन के जरिए रोजाना 3 लाख बैरल तेल भेजने के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन, कुर्दिस्तान क्षेत्रीय सरकार के प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय ने फिलहाल इसे शुरू करने से मना कर दिया है. इराक आमतौर पर होर्मुज और तुर्की के रास्तों से तेल बाहर भेजता है, लेकिन दोनों पक्षों की इस असहमति की वजह से तेल की सप्लाई रुकी हुई है.
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध का असर अब उद्योगों पर भी दिखने लगा है. बहरीन की मशहूर एल्युमीनियम कंपनी अल्बा ने अपनी उत्पादन क्षमता में करीब 19% की कटौती कर दी है और अपनी तीन बड़ी लाइनों को बंद कर दिया है. होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी तनाव की वजह से कंपनी को यह फैसला लेना पड़ा है. इस संकट के कारण पूरी दुनिया में एल्युमीनियम की कमी का डर बढ़ गया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमतें पिछले चार साल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई हैं.
पश्चिम एशिया में जारी जंग के बीच भारत के लिए राहत की बड़ी खबर है. यूएई के फुजैराह पोर्ट पर हमले के बावजूद भारतीय तेल टैंकर 'जग लाडकी' वहां से सुरक्षित निकल गया है. इसके साथ ही, शनिवार को दो और भारतीय जहाज शिवालिक और नंदा देवी भी खतरे वाले होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित पार कर चुके हैं. ये जहाज एलपीजी (LPG) लेकर भारत आ रहे हैं. सरकार ने कहा है कि सभी क्रू मेंबर्स सुरक्षित हैं और देश में ईंधन की सप्लाई पर लगातार नजर रखी जा रही है.
ईरान और इजराइल के बीच जारी तनाव के कारण 'होर्मुज जलडमरूमध्य' के बंद होने से दुनिया भर में तेल और गैस की कीमतें आसमान छू रही हैं. इस संकट के बीच ब्रिटेन के ऊर्जा सचिव एड मिलिबैंड ने कहा कि वे इस समुद्री रास्ते को दोबारा खुलवाने के लिए अपने सहयोगियों के साथ मिलकर ठोस योजना बना रहे हैं. ब्रिटेन का कहना है कि दुनिया की ऊर्जा जरूरतों के लिए इस रास्ते का खुलना बेहद जरूरी है.
अमेरिकी वायु सेना के A-10 थंडरबोल्ट II लड़ाकू विमानों ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया है. 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के दौरान इन विमानों को उड़ते हुए ही हवा में ईंधन (तेल) भरते देखा गया. इस विमान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह घंटों तक आसमान में एक ही जगह डटा रह सकता है. चाहे कैसा भी मुश्किल मिशन हो, यह विमान पलक झपकते ही उसे पूरा करने के लिए हमेशा तैयार रहता है.
मिडिल-ईस्ट में चल रही जंग के चलते बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में कक्षा 12वीं की CBSE बोर्ड की परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं. ये परीक्षाएं 16 मार्च 2026 से 10 अप्रैल 2026 के बीच होनी थीं.
ईरान के विदेश मंत्री अरागची ने युद्ध खत्म करने का समर्थन किया है. उन्होंने कहा है कि तेहरान ऐसी किसी भी पहल या कोशिश का स्वागत करता है जिससे युद्ध पूरी तरह खत्म हो जाए.
IRGC ने संकल्प लिया है कि वो नेतन्याहू का पीछा करना और उन्हें मारना जारी रखेंगे. ईरानी सैन्य संगठन ने नेतन्याहू को 'बच्चों का हत्यारा' बताते हुए कहा कि जब तक वो जिंदा हैं, उनका पीछा किया जाएगा.
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने घोषणा की है कि यूक्रेन को इस साल एक नया SAMP-T मिसाइल डिफेंस सिस्टम मिलने वाला है. ये एक अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणाली है जिसका इस्तेमाल दुश्मन की मिसाइलों को हवा में ही तबाह करने के लिए किया जाता है.
फुजैरह पोर्ट पर कच्चे तेल की लोडिंग का काम फिर से शुरू हो गया है. मिडिल-ईस्ट में चल रहे युद्ध की वजह से पिछले कुछ समय से तेल की सप्लाई रुकी हुई थी, लेकिन अब काम दोबारा शुरू होने से वैश्विक बाजारों में तेल की आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद है.
दक्षिण लेबनान के सैदा शहर में इजरायली सेना ने एक हवाई हमला किया है. इस हमले में हमास के टॉप कमांडर विसम ताहा के मारे जाने की खबर है.
अमेरिकी सेना ने ईरानी सैन्य ठिकानों पर किए गए हमलों का वीडियो जारी किया है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, ये हमले सीधे तौर पर ईरान की सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाकर किए गए हैं. अमेरिकी सेना ने इस वीडियो को शेयर करते हुए ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करने का दावा किया.
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सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी है कि उसने रियाद और देश के पूर्वी इलाकों में 10 ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया है. इसी के साथ UAE पर भी ईरान की ओर से बड़ा हमला हुआ है. यूएई के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि उनकी वायु सेना ने ईरान से आ रही बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों को तबाह कर दिया है. देश के विभिन्न हिस्सों में सुनाई दे रही धमाकों की आवाजें सुरक्षा प्रणालियों के मिसाइलों और आत्मघाती ड्रोनों को रोकने के कारण हो रही हैं.
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के कारण फॉर्मूला 1 (F1) ने अप्रैल में होने वाली अपनी दो बड़ी रेस रद्द कर दी हैं. खेल संगठन ने शनिवार को घोषणा की कि सुरक्षा कारणों से बहरीन और सऊदी अरब में होने वाली ग्रैंड प्रिक्स रेस अब आयोजित नहीं की जाएंगी.
मिडिल-ईस्ट संकट के बीच यूएई एयरपोर्ट अधिकारियों के निर्देशों के बाद एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ानें बड़े स्तर पर प्रभावित हुई हैं. 15 मार्च 2026 के लिए एयरलाइंस को अपने परिचालन में भारी कटौती करनी पड़ी है. दुबई जाने वाली एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस की 11 में से 9 उड़ानें रद्द कर दी गई हैं. दोनों एयरलाइंस दिल्ली-दुबई मार्ग पर सिर्फ एक-एक रिटर्न उड़ान संचालित करेंगी. अबू धाबी कीएयर इंडिया एक्सप्रेस की सभी पांच उड़ानें रद्द हैं. शारजाह और रास अल खैमाह से दिल्ली, कोच्चि और मुंबई समेत कुछ शहरों के लिए उड़ानें जारी रह सकती हैं. सभी उड़ानें स्लॉट की उपलब्धता और मौजूदा स्थितियों पर निर्भर करेंगी.
हाल ही में इराक में हुए एक हमले के दौरान इन छह जवानों की जान चली गई थी. अमेरिकी सेना ने इन छह सैनिकों की पहचान कर ली है.
ईरानी हमलों के बीच अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने ओमान में मौजूद अपने उन सरकारी कर्मचारियों को देश छोड़ने का आदेश दिया है, जिनकी वहां आपातकालीन ड्यूटी नहीं है. कर्मचारियों के साथ-साथ उनके परिवार के सदस्यों को भी ओमान से तुरंत निकलने के लिए कहा गया है.
ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी हमलों ने खार्ग द्वीप के बड़े हिस्से को पूरी तरह तबाह कर दिया है. उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में खार्ग द्वीप पर और भी हमले हो सकते हैं. ट्रंप ने कही, 'हम मनोरंजन के लिए भी इसे कुछ और बार निशाना बना सकते हैं.' उनकी इस धमकी के बाद ईरान ने हमले तेज कर दिए हैं. ईरान ने यूएई, बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलों और ड्रोनों से हमला किया.
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि शांति का दिखावा करने वाले एक व्यक्ति ने स्कूल, अस्पताल और सांस्कृतिक केंद्रों जैसी जगहों पर बेरहमी से हमले किए हैं. उसने मीनाब में 160 से ज्यादा मासूम बच्चों की जान ले ली. ऐसी भयानक हिंसा को देखकर भी जो लोग चुप हैं, वो भी उस अपराधी की मदद करने के बराबर ही दोषी हैं.
यूएई ने सोशल मीडिया पर भ्रामक और फर्जी युद्ध वीडियो फैलाने के आरोप में 10 लोगों की गिरफ्तारी और त्वरित मुकदमे का आदेश दिया है. अधिकारियों का कहना है कि इन वीडियो का उद्देश्य लोगों को गुमराह करना और राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित करना था.
दुबई के व्यस्त टूरिस्ट प्लेस सूने पड़ गए हैं क्योंकि अमेरिका-ईरान युद्ध अपनी तीसरी सप्ताह में प्रवेश कर चुका है. इस युद्ध का प्रभाव सिर्फ मध्य पूर्व के हवाई मार्गों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यूएई में हुए ड्रोन और मिसाइल हमलों ने इस देश की क्षेत्रीय सुरक्षित पर्यटन स्थल के रूप में छवि को गंभीर रूप से प्रभावित किया है.





फोटो क्रेडिट - AP
यूएई ने ईरान के खार्ग द्वीप पर संयुक्त राज्य अमेरिका के हमले को अपने क्षेत्र से लॉन्च किए जाने के ईरान के आरोप को खारिज कर दिया है. संयुक्त अरब अमीरात ने इस आरोप को निराधार और बिना किसी ठोस प्रमाण के बताया है. ईरान ने खर्ग द्वीप पर हुए अमेरिकी हमले के लिए यूएई की जमीन से हमले को लॉन्च किए जाने का दावा किया था, लेकिन यूएई ने इसे पूरी तरह झूठा करार दिया है.
फॉर्मूला वन ने घोषणा की है कि इस साल अप्रैल में होने वाले बहरीन और सऊदी अरब ग्रांड प्रिक्स आयोजित नहीं किए जाएंगे. यह फैसला मिडिल ईस्ट में चल रहे राजनीतिक और सुरक्षा संकट को देखते हुए लिया गया है.
इनपुट: रॉयटर्स
मिडिल ईस्ट के तनावपूर्ण माहौल के बीच अबू धाबी से एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है. अबू धाबी के अधिकारियों ने बताया है कि रूवैस इंडस्ट्रियल कॉम्पलेक्स में हुए ड्रोन हमले के बाद लगी आग पर काबू पा लिया है. इस घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता को लेकर चिंता बढ़ा दी थी, लेकिन त्वरित कार्रवाई से बड़ी तबाही टल गई.
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रमुख टेड्रोस अधानोम ने पुष्टि की कि लेबनान के बोरज कालाुइये प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर शुक्रवार देर रात हुए हमले में 12 डॉक्टर, पैरामेडिक्स और नर्सों की मौत हो गई है. यह घटना मध्य पूर्व क्षेत्र में हाल ही में बढ़ती हिंसा के बीच एक दुखद डेवलपमेंट के रूप में देखी जा रही है.
तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने कहा कि ईरान ने तुर्की की ओर फायर की गई मिसाइलों की जिम्मेदारी से इंकार किया है. इसके बावजूद, तुर्की के पास मिसाइल हमलों के संबंध में तकनीकी डेटा मौजूद है, जो ईरानी दावों से मेल नहीं खाता. इस मामले को लेकर अंकारा और तेहरान के बीच विवाद कायम है.
बगदाद में स्थित अमेरिकी दूतावास ने एक सुरक्षा अलर्ट जारी करते हुए कहा कि अमेरिकी नागरिकों को तुरंत इराक छोड़ देना चाहिए. यह चेतावनी दूतावास की इमारत पर हुई रात्रिकालीन मिसाइल हमले के बाद दी गई है. इस हमले ने क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति को और भी जटिल बना दिया है.
इनपुट: रॉयटर्स