अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध 15वें दिन में पहुंचा (Photo: AP) अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच युद्ध रविवार को 15वें दिन में प्रवेश कर चुका है. इस दौरान अमेरिकी हमले खासतौर पर ईरान के खर्ग द्वीप पर केंद्रित रहे हैं. रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका ने यहां 90 से अधिक सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है. इन हमलों में हवाई रक्षा प्रणाली, नौसैनिक अड्डे और हवाई अड्डे शामिल हैं, लेकिन तेल से जुड़े बुनियादी ढांचे को अभी तक बचा रखा गया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों के आवागमन को बाधित करता है, तो तेल संबंधी ठिकानों को भी निशाना बनाया जाएगा. उन्होंने अन्य देशों से युद्धपोत भेजकर होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आह्वान किया है. ट्रंप का दावा है कि ईरान की सैन्य क्षमता लगभग पूरी तरह नष्ट कर दी गई है, लेकिन ड्रोन हमलों का खतरा अब भी बना हुआ है.
वहीं, ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए हिजबुल्लाह के साथ मिलकर इजरायल पर मिसाइलें दागीं. इसके अलावा बगदाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर दूसरी बार हमला हुआ है. खाड़ी क्षेत्र में सऊदी अरब और कतर पर भी हमलों की खबरें आई हैं. अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ईरान का नया नेता गंभीर रूप से घायल हो गया है.
यह युद्ध 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था, जब अमेरिका और इजरायल ने तेहरान में बड़े पैमाने पर हमले किए थे. इन हमलों में कई ठिकानों को नुकसान पहुंचा और कई अमेरिकी सैनिक भी मारे गए. युद्ध के चलते तेहरान में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और सड़कों पर सन्नाटा पसरा है. संयुक्त राष्ट्र ने इस संघर्ष में नागरिक हताहतों पर चिंता जताई है.
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात को देखते हुए यह युद्ध लंबा और जटिल खिंच सकता है. प्रभावी कूटनीति और वैश्विक सहयोग ही इस संघर्ष को समाप्त करने का रास्ता हो सकता है.
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यूएई ने ईरान के खार्ग द्वीप पर संयुक्त राज्य अमेरिका के हमले को अपने क्षेत्र से लॉन्च किए जाने के ईरान के आरोप को खारिज कर दिया है. संयुक्त अरब अमीरात ने इस आरोप को निराधार और बिना किसी ठोस प्रमाण के बताया है. ईरान ने खर्ग द्वीप पर हुए अमेरिकी हमले के लिए यूएई की जमीन से हमले को लॉन्च किए जाने का दावा किया था, लेकिन यूएई ने इसे पूरी तरह झूठा करार दिया है.
फॉर्मूला वन ने घोषणा की है कि इस साल अप्रैल में होने वाले बहरीन और सऊदी अरब ग्रांड प्रिक्स आयोजित नहीं किए जाएंगे. यह फैसला मिडिल ईस्ट में चल रहे राजनीतिक और सुरक्षा संकट को देखते हुए लिया गया है.
इनपुट: रॉयटर्स
मिडिल ईस्ट के तनावपूर्ण माहौल के बीच अबू धाबी से एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है. अबू धाबी के अधिकारियों ने बताया है कि रूवैस इंडस्ट्रियल कॉम्पलेक्स में हुए ड्रोन हमले के बाद लगी आग पर काबू पा लिया है. इस घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता को लेकर चिंता बढ़ा दी थी, लेकिन त्वरित कार्रवाई से बड़ी तबाही टल गई.
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रमुख टेड्रोस अधानोम ने पुष्टि की कि लेबनान के बोरज कालाुइये प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर शुक्रवार देर रात हुए हमले में 12 डॉक्टर, पैरामेडिक्स और नर्सों की मौत हो गई है. यह घटना मध्य पूर्व क्षेत्र में हाल ही में बढ़ती हिंसा के बीच एक दुखद डेवलपमेंट के रूप में देखी जा रही है.
तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने कहा कि ईरान ने तुर्की की ओर फायर की गई मिसाइलों की जिम्मेदारी से इंकार किया है. इसके बावजूद, तुर्की के पास मिसाइल हमलों के संबंध में तकनीकी डेटा मौजूद है, जो ईरानी दावों से मेल नहीं खाता. इस मामले को लेकर अंकारा और तेहरान के बीच विवाद कायम है.
बगदाद में स्थित अमेरिकी दूतावास ने एक सुरक्षा अलर्ट जारी करते हुए कहा कि अमेरिकी नागरिकों को तुरंत इराक छोड़ देना चाहिए. यह चेतावनी दूतावास की इमारत पर हुई रात्रिकालीन मिसाइल हमले के बाद दी गई है. इस हमले ने क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति को और भी जटिल बना दिया है.
इनपुट: रॉयटर्स