Five state election dates भारत निर्वाचन आयोग पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी के विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान कर रहा है. पांचों विधानसभाओं का कार्यकाल मई में खत्म हो रहा है. प्रेस कॉन्फ्रेंस के साथ ही आचार संहिता लागू हो जाएगी और अप्रैल-मई में चुनावी प्रक्रिया पूरी की जाएगी.
2021 में इन सभी पांच राज्यों के चुनाव का ऐलान 26 फरवरी को किया गया था. पिछली बार बंगाल विधानसभा का चुनाव आठ चरणों में कराया गया था. 2021 में सबसे पहले पश्चिम बंगाल का 7 मई, तमिलनाडु का 10 मई, असम का 20 मई और केरल विधान सभा का कार्यकाल 23 मई को पूरा हो रहा है. पुडुचेरी विधान सभा का कार्यकाल सबसे बाद यानी 15 जून को समाप्त हो रहा है.
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| राज्य | मतदान | नतीजे |
| असम | 9 अप्रैल, 2026 | 4 मई, 2026 |
| केरल | 9 अप्रैल, 2026 | 4 मई, 2026 |
| पुडुचेरी | 9 अप्रैल, 2026 | 4 मई, 2026 |
| तमिलनाडु | 23 अप्रैल, 2026 | 4 मई, 2026 |
| पश्चिम बंगाल | 23 और 29 अप्रैल, 2026 | 4 मई, 2026 |
बंगाल में 2 चरणों में 23 और 29 अप्रैल को मतदान, मतगणना 4 मई को. तमिलनाडु में एक चरण में 23 अप्रैल को मतदान और मतगणना 4 मई को.
असम में एक चरण में 9 अप्रैल को चुनाव, 4 मई को नतीजे
केरल में एक चरण में 9 अप्रैल को चुनाव, 4 मई को नतीजे
पुडुचेरी में एक चरण में 9 अप्रैल को चुनाव, 4 मई को नतीजे
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि आयोग मतदान प्रक्रिया में पारदर्शिता और निगरानी को मजबूत करने के लिए चारों राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में 2026 के विधानसभा चुनावों के दौरान सभी मतदान केंद्रों पर 100 प्रतिशत वेबकास्टिंग की सुविधा प्रदान करेगा.
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, 'किसी भी लोकतंत्र की नींव पारदर्शी मतदाता सूची होती है. इसी उद्देश्य से संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत विशेष गहन पुनरीक्षण किया जा रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी पात्र मतदाता छूट न जाए और कोई भी अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो. मैं इस कार्य के सुचारू संचालन और पूर्णता को सुनिश्चित करने के लिए सभी बूथ स्तरीय अधिकारियों, सहायक मतदाता पंजीकरण अधिकारियों, मतदाता पंजीकरण अधिकारियों, जिला निर्वाचन अधिकारियों और इस कार्य में शामिल सभी चुनाव अधिकारियों को बधाई देता हूं.'
पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग की तैयारियां तेज हो गई हैं. इन राज्यों में कुल 17.4 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे. चुनाव के लिए 824 विधानसभा सीटों पर मतदान कराया जाएगा. इसके लिए करीब 2.19 लाख मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां सुरक्षा और पारदर्शिता के साथ मतदान की व्यवस्था की जाएगी. पूरे चुनावी प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए लगभग 25 लाख चुनाव अधिकारी और कर्मचारी तैनात किए जाएंगे, जो मतदान से लेकर मतगणना तक की जिम्मेदारी संभालेंगे.

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि आयोग ने एसआईआर के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले बीएलओ को भी प्रोत्साहित किया. आयोग ने युवा और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं से भी संवाद किया, साथ ही हमारे स्वीप आइकॉन से भी बातचीत की, जो मतदाता जागरूकता गतिविधियों में सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं. उन्होंने आगे कहा, 'जैसा कि आप सभी जानते हैं, ये पांच राज्य और केंद्र शासित प्रदेश भारत के अलग-अलग भौगोलिक और सांस्कृतिक परिदृश्यों का प्रतिनिधित्व करते हैं. ये चुनाव केवल एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया नहीं हैं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक समृद्धि को भी दर्शाते हैं और हमारे देश की एकता और विविधता को सच्चे रूप में प्रतिबिंबित करते हैं.'

भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि पिछले कुछ दिनों के दौरान आयोग ने आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों की समीक्षा करने के लिए सभी चुनावी राज्यों का दौरा किया. इस दौरान आयोग ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से मुलाकात की और उनके सुझाव प्राप्त किए. उन्होंने आगे कहा कि आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों, एसपी, आईजी, डीआईजी और सभी प्रवर्तन एजेंसियों के नोडल अधिकारियों से भी मुलाकात की. इसके अलावा आयोग ने संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों, मुख्य सचिवों और डीजीपी के साथ भी बैठकें कीं. निर्वाचन आयोग कुछ ही देर में असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा करने वाला है.

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के विधानसभा चुनावों में 17.4 करोड़ मतदाता भाग लेंगे. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में आगामी विधानसभा चुनावों में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव का आश्वासन दिया.
चुनावी राज्यों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को सफलता पूर्वक पूरा करने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इलेक्शन कमीशन द्वारा नियुक्त सभी कर्मचारियों को बधाई दी और उनकी प्रशंसा की.
केरल, तमिलनाडु, बंगाल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के लिए भारत निर्वाचन आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू हो गई है. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे हैं. कुछ देर में पांचों राज्यों में चुनाव की तारीखों का ऐलान होगा.
भारत निर्वाचन आयोग कुछ देर में असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनावों का कार्यक्रम घोषित करेगा. मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे.
चुनावी तारीखों के ऐलान से पहले पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा, 'मुझे यह घोषणा करते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि हमारे पुरोहितों और मुअज़्ज़िनों को दिए जाने वाले मासिक मानदेय में ₹500 की वृद्धि की गई है. इनकी सेवा ही हमारे समुदायों के आध्यात्मिक और सामाजिक जीवन को बनाए रखती है. इस संशोधन के साथ, अब उन्हें प्रति माह ₹2,000 प्राप्त होंगे.'
भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव की तारीखों की घोषणा से पहले निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर Central Armed Police Forces के कथित दुरुपयोग को लेकर चिंता जताई है. भाजपा ने कोलकाता में सीएपीएफ की तैनाती को लेकर विशेष सवाल उठाए हैं. पार्टी का आरोप है कि प्रधानमंत्री मोदी की ब्रिगेड रैली के दौरान गिरीश पार्क इलाके में हिंसा की आशंका संबंधी इनपुट होने के बावजूद कोलकाता पुलिस ने वहां सीएपीएफ को तैनात नहीं किया. भाजपा ने कोलकाता में सीएपीएफ तैनात न करने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की है.
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पिछले 15 सालों से बंगाल की सत्ता पर काबिज हैं. अगर इस बार टीएमसी जीतती है, तो ममता बनर्जी देश की पहली महिला मुख्यमंत्री बनेंगी जो लगातार चौथी बार शपथ लेंगी. उनकी चुनौती के रूप बीजेपी मुख्य प्रतिद्वंद्वी के रूप में खड़ी है.
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आयोग में उच्च पदस्थ सूत्रों, के मुताबिक अप्रैल में अलग-अलग तारीखों पर मतदान हो सकते हैं. मतगणना संभव है कि अप्रैल के अंत तक या मई के शुरुआती दिनों में हो जाए. पांच विधानसभाओं का कार्यकाल मई और जून में अलग-अलग तारीखों पर समाप्त हो रहा है. (इनपुट- संजय शर्मा)
सूत्रों के मुताबिक, इस बार आयोग चरणों की संख्या कम रख सकता है. पश्चिम बंगाल में इस बार 3 से 4 चरणों में चुनाव संपन्न कराए जा सकते हैं. 2021 में यहां 8 चरणों में वोटिंग हुई थी. असम में संभवत: दो चरण और केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में पहले की तरह एक ही चरण में मतदान संपन्न होगा. (इनपुट- संजय शर्मा)