लोकसभा चुनाव 2019 के तहत राजस्थान की अजमेर लोकसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी के भगीरथ चौधरी ने कांग्रेस के रिजू झुनझुनवाला को 416424 से हरा दिया. भगीरथ चौधरी को 815076 वोट मिले. वहीं कांग्रेस के रिजू झुनझुनवाला 398652 वोटों के साथ दूसरे, बहुजन समाज पार्टी के दुर्गा लाल 13618 वोटों के साथ तीसरे नंबर पर हैं.
कब और कितनी हुई वोटिंग
अजमेर लोकसभा सीट पर चौथे चरण (29 अप्रैल) के तहत वोटिंग हुई है. इस सीट पर कुल मतदान 67.10 फीसदी रिकॉर्ड दर्ज किया गया. इस संसदीय सीट पर 1872816 मतदाता हैं जिसमें 954240 पुरुष और 918564 महिला मतदाता शामिल हैं. 1872816 मतदाताओं में से 1256710 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया.
कौन-कौन रहे प्रमुख उम्मीदवार
अजमेर लोकसभा सीट पर 7 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे, लेकिन मुख्य मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच रहा. बीजेपी ने भगीरथ चौधरी को चुनाव मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस ने रिजू झुनझुनवाला को टिकट दिया.
2014 का चुनाव
साल 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के सांवर लाल जाट ने कांग्रेस सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री सचिन पायलट को 1 लाख 71 हजार 983 मतों के भारी अंतर से पराजित किया. बीजेपी के सांवरलाल जाट को 6 लाख 37 हजार 874 और कांग्रेस से सचिन पायलट को 4 लाख 65 हजार 891 वोट मिले थे. केंद्रीय मंत्री सांवर लाल जाट के निधन के बाद इस सीट पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस ने एक बार फिर वापसी की.
केंद्रीय मंत्री सांवरलाल जाट के देहांत के बाद इस सीट पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार रघु शर्मा ने बीजेपी प्रत्याशी और सांवर लाल जाट के पुत्र राम स्वरूप लांबा को 84 हजार 414 मतों से पराजित किया था. कांग्रेस को इस सीट पर 51 फीसदी और बीजेपी को 44 फीसदी वोट मिले थे. सांसद रघु शर्मा फिलहाल केकड़ी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीतकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं.
सीट का इतिहास
राजस्थान में विधानसभा चुनाव के कुछ ही महीने बाद लोकसभा चुनाव हुए. पिछले साल दिसंबर में 200 सदस्यीय राजस्थान विधानसभा के लिए चुनाव हुए थे, जिनमें से कांग्रेस ने 99 सीटों पर जीत दर्ज करते हुए सरकार बनाई थी.
साल 2013 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी भारी बहुमत से जीतकर सत्ता में आई थी, जिसके बाद साल 2014 में लोकसभा चुनाव हुए थे और बीजेपी ने राजस्थान की सभी 25 लोकसभा सीटों पर कब्जा जमाया था. हालांकि 2018 के शुरुआत में हुए अजमेर और अलवर के उपचुनाव में बीजेपी को कांग्रेस के सामने हार का सामना करना पड़ा था.
अजमेर लोकसभा सीट पर साल 1998-99 में हुए चुनावों को छोड़ दें, तो साल 1989 से बीजेपी के रासा सिंह रावत पांच बार सांसद रहे, लेकिन साल 2009 के आम चुनावों में कांग्रेस के सचिन पायलट ने बीजेपी की किरण माहेश्वरी को हराकर इस सीट पर कब्जा जमा लिया. वहीं, साल 2014 की मोदी लहर में पायलट यह सीट बीजेपी के जाट नेता सांवर लाल जाट के हाथों गंवा बैठे थे.
सामाजिक ताना-बाना
अजमेर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र संख्या-13 की बात की जाए तो यह सीट हिंदू और मुस्लिम समुदाय की धार्मिक आस्था का केंद्र है. जहां एक तरफ अजमेर में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह है, तो वहीं पुष्कर में ब्रह्मा का एकमात्र मंदिर है. अजमेर के जातीय समीकरण की बात की जाए तो इस सीट पर SC/ST की आबादी लगभग 22 फीसदी है. इसके बाद जाट आते हैं, जो लगभग 16-17 प्रतिशत हैं. यहां मुस्लिमों की आबादी भी करीब 12 फीसदी है, जबकि कुछ क्षेत्रों में राजपूत और वैश्य समुदाय का दबदबा है.
साल 2018 के शुरुआत में हुए लोकसभा उपचुनाव के आंकड़ों के मुताबिक अजमेर लोकसभा सीट पर मतदाताओं की संख्या करीब 18 लाख 42 हजार है, जिसमें 9 लाख 43 हजार 546 पुरुष और 8 लाख 99 हजार 424 महिला मतदाता हैं.
अजमेर संसदीय क्षेत्र में 7 विधानसभा सीटे हैं, जिनमें पुष्कर, अजमेर नॉर्थ, अजमेर साउथ और नसीराबाद लोकसभा सीट पर बीजेपी ने जीत हासिल की थी. वहीं मसूदा और केकड़ी सीट पर कांग्रेस, जबकि किशनगढ़ सीट और जयपुर की दूदू सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार ने कब्जा जमाया.
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