झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 के नतीजे सामने आ गए हैं. झारखंड में 30 नवंबर से 20 दिसंबर तक पांच चरणों में 81 सीटों पर मतदान हुआ था. इन चुनाव में जेएमएम-कांग्रेस गठबंधन को लोगों ने जमकर वोट दिया है. वहीं सत्ताधारी बीजेपी को लोगों ने नकार दिया है. राज्य के रांची जिले की 7 विधानसभा सीटों में से 3 पर बीजेपी को जीत मिली है. वहीं, एक पर जेएमएम, एक पर आजसू, एक पर जेवीएम और एक पर कांग्रेस को जीत मिली है.
रांची जिले में तामार, सिल्ली, खिजरी, रांची, हटिया, कांके और मंदार विधानसभा सीट आती हैं. यहां सिल्ली से आजसू पार्टी ने जीत हासिल की है. वहीं खिजरी से कांग्रेस ने जीत हासिल की. इसके साथ ही तामार विधानसभा सीट जेएमएम के खाते में गई. इसके अलावा झारखंड विकास मोर्चा ने मंदार सीट पर कब्जा जमाया. वहीं बीजेपी को रांची, कांके और हटिया विधानसभा सीट पर जीत मिली.
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यहां देखें रांची जिले की विधानसभा सीटों से जुड़े अपडेट्स
रांची
झारखंड चुनाव 2019 में इस बार भी रांची विधानसभा सीट से बीजेपी के चंद्रेश्वर प्रसाद सिंह (सीपी सिंह) ने जीत हासिल की है. सीपी सिंह ने 5904 वोटों से चुनाव जीता. इस चुनाव में सीपी सिंह को 79646 वोट हासिल हुए. वहीं जेएमएम के महुआ मांझी को 73742 वोट हासिल हुए. यहां पर मतदान 12 दिसंबर को हुआ था. पिछले चुनाव में बीजेपी के चंद्रेश्वर प्रसाद सिंह ने जीत हासिल की थी. हालांकि पिछले चुनाव में सीपी सिंह ने 58863 वोटों के मार्जिन से चुनाव जीता था.
सिल्ली
झारखंड चुनाव 2019 में इस बार सिल्ली विधानसभा सीट से आजसू पार्टी के सुदेश कुमार ने जीत दर्ज की है. सुदेश कुमार ने जेएमएम की सीमा देवी को 20195 वोटों से मात दी. सुदेश कुमार को जहां 83700 वोट हासिल हुए तो वहीं सीमा देवी को 63505 वोट मिले. तीसरे चरण में 12 दिसंबर को यहां मतदान हुआ था. पिछले चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा के अमित कुमार ने यहां जीत दर्ज की थी.
हटिया
झारखंड चुनाव 2019 में इस बार हटिया विधानसभा सीट से बीजेपी के नवीन जयसवाल ने जीत दर्ज की है. नवीन ने कांग्रेस के अजय नाथ को 16264 वोटों के अंतर से मात दी. यहां तीसरे चरण में मतदान हुआ था. नवीन जायसवाल पिछले चुनाव में भी इसी सीट से जीते थे. हालांकि उस दौरान उन्होंने झारखंड विकास मोर्चा की टिकट पर चुनाव लड़ा था.
मंदार
झारखंड चुनाव 2019 में इस बार मंदार विधानसभा सीट पर झारखंड विकास मोर्चा के बंधू तिरके ने जीत हासिल की है. बंधू तिरके ने 23127 वोटों से बीजेपी के देव कुमार धान को मात दी. इस चुनाव में बंधू तिरके को 92491 वोट मिले तो वहीं बीजेपी के देव कुमार को 69364 वोट हासिल हुए. वहीं पिछले विधानसभा चुनाव में यहां बीजेपी की गंगोत्री कुजूर ने जीत हासिल की थी.
खिजरी
झारखंड चुनाव 2019 में इस बार खिजरी विधानसभा सीट पर बीजेपी के राम कुमार को कड़ी टक्कर मिली. आखिर में राम कुमार इस सीट पर कांग्रेस के राजेश कच्छप से 5469 वोटों से हार गए. इस चुनाव में राजेश कच्छप को 83829 वोट मिले तो वहीं बीजेपी के राम कुमार को 78360 वोट हासिल हुए. यहां मतदान 12 दिसंबर को हुआ था. पिछले चुनाव में बीजेपी के राम कुमार ने 64912 वोटों के बड़े मार्जिन से इस सीट पर जीत दर्ज की थी.
कांके
झारखंड चुनाव 2019 में इस बार बीजेपी के सम्मारी लाल ने कांके विधानसभा सीट से जीत दर्ज की है. सम्मारी लाल ने कांग्रेस के सुरेश कुमार को 22540 वोटों से मात दी. इस चुनाव में सम्मारी लाल को जहां 111975 वोट हासिल हुए तो वहीं कांग्रेस के सुरेश कुमार को 89435 वोट मिले. यहां तीसरे चरण में 12 दिसंबर को मतदान हुआ था. पिछले चुनाव में बीजेपी के जीतू चरण राम ने इस सीट से जीत दर्ज की थी.
तामार
झारखंड चुनाव 2019 में इस बार तामार विधानसभा सीट पर जेएमएम के विकास कुमार मुंडा ने जीत हासिल की है. विकास कुमार मुंडा ने आजसू पार्टी के राम दुर्लभ सिंह मुंडा को 30971 वोटों से शिकस्त दी. इस चुनाव में विकास कुमार को जहां 55491 वोट हासिल हुए तो वहीं राम दुर्लभ सिंह को 24520 वोट हासिल हुए. यहां दूसरे चरण में 7 दिसंबर को मतदान हुआ था. पिछले विधानसभा चुनाव में विकास कुमार मुंडा ने ही इस सीट से जीत हासिल की थी. हालांकि उस चुनाव में विकास कुमार आजसू पार्टी के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरे थे. पिछले चुनाव में विकास कुमार 26006 वोटों के मार्जिन से चुनाव जीते थे.
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झारखंड की राजधानी रांची को जलप्रपातों का शहर कहा जाता है. रांची जिला मुख्यालय से 70 से 100 किलोमीटर के दायरे में कई झरने, जंगल और पहाड़ियां हैं. एक समय में रांची गर्मियों के मौसम में संयुक्त बिहार की राजधानी हुआ करती थी. रांची में 18 ब्लॉक और 305 पंचायत शामिल हैं. साथ ही इसे पूर्व भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के लिए भी जाना जाता है. रांची में बीआईटी मेसरा, आईआईएम, एनआईएफएफटी, एनयूएरआरएल, सीआईपी जैसे प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान भी हैं.
झारखंड की सबसे अधिक आबादी रांची में, साक्षरता दर 76.06 फीसदी
2011 की जनगणना के अनुसार झारखंड की राजधानी रांची की कुल आबादी 2,914,253 है. झारखंड में रांची इकलौता जिला है जहां सबसे ज्यादा लोग रहते हैं. इनमें से 1,494,937 पुरुष और 1,419,316 महिलाएं हैं. जिले का औसत लिंगानुपात 949 है. रांची की 43.1 फीसदी आबादी शहरी और 56.9 फीसदी ग्रामीण इलाकों में रहती है. जिले की साक्षरता दर 76.06 फीसदी है. पुरुषों में शिक्षा दर 72.59 प्रतिशत और महिलाओं में 58.21 प्रतिशत है.
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रांची की जातिगत गणित
अनुसूचित जातिः 152,943
अनुसूचित जनजातिः 1,042,016
जानिए...रांची में किस धर्म के कितने लोग रहते हैं
हिंदूः 1,612,239
मुस्लिमः 410,759
ईसाईः 193,974
सिखः 4,826
बौद्धः 932
जैनः 2,733
अन्य धर्मः 677,445
जिन्होंने धर्म नहीं बतायाः 11,345
रांची में कामगारों की स्थिति
रांची में 1,142,867 लोग किसी न किसी तरह के रोजगार में लगे हुए हैं. इनमें 66.2 फीसदी लोग या तो स्थाई रोजगार में हैं या साल में 6 महीने से ज्यादा कमाई करते हैं.
मुख्य कामगारः 756,176
किसानः 208,011
कृषि मजदूरः 103,770
घरेलू उद्योगः 23,609
अन्य कामगारः 420,786
सीमांत कामगारः 386,691
जो काम नहीं करतेः 1,771,386
इतिहासः भगवान बिरसा मुंडा से लेकर परमवीर चक्र विजेता अलबर्ट एक्का तक
गांधीवादी विचारधारा को मानने वाले ताना भगत देश की आजादी की लड़ाई के प्रथम सेनानियों में से एक थे. ताना भगत 1922 में कांग्रेस के गया सत्र में शामिल हुए. फिर 1926 में राजेंद्र प्रसाद द्वारा खोली गई खादी प्रदर्शनी में शामिल हुए. इसके बाद 1927 में इन्होंने साइमन कमीशन का बहिष्कार किया. रांची का इतिहास गवाह रहा है कि यहां सामाजिक और आर्थिक क्रांतियां बहुत हुई हैं. 1895 में यहां सामाजिक-धार्मिक नेता बिरसा मुंडा ने आजादी की लड़ाई लड़ी. झारखंड में बिरसा मुंडा का इतना महत्व है कि लोग इनके नाम के आगे भगवान लगाते हैं. 1971 की लड़ाई में लांस नायक अलबर्ट एक्का ने बहादुरी का परिचय देते हुए अपने बंकर की सुरक्षा की और अंत में शहीद गए. मरणोपरांत उन्हें परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया.
रांची का पर्यटन, धार्मिक और सांसकृतिक विरासत
रांची बौद्ध, जैन, ईसाई, मुगल और हिंदू राजाओं से प्रभावित रहा है. यहां देश के सभी त्योहार मनाए जाते हैं. सरहुल त्योहार में जनजातीय समुदाय के लोग जुलूस निकालते हैं. छऊ नृत्य प्रसिद्ध है. आदिवासी लोग करमा त्योहार धूमधाम से मनाते हैं. इसके अलावा क्रिसमस, बसंत पंचमी, छठ, होली, दिवाली सभी त्योहार मनाए जाते हैं.
रांची से 34 किलोमीटर दूर दशम जलप्रपात है. रांची-टाटा रोड पर स्थित इस झरने पर हमेशा पर्यटकों की भीड़ लगी रहती है. यहां 144 फीट की ऊंचाई से झरना गिरता है. बारिश के दिनों में यहां झरने की 10 धाराएं दिखती हैं. इसके अलावा 47 किमी की दूरी पर है हुंडरू जलप्रपात जो 320 फीट की ऊंचाई से गिरता है. 45 किमी दूर है जोन्हा जलप्रपात है. इसे गौतमधारा भी कहते हैं क्योकि यहां नजदीक ही भगवान बुद्ध का एक मंदिर है. इसके अलावा रॉक गार्डन और टैगोर हिल भी प्रसिद्ध पर्यटक स्थल हैं.