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गुजरात मॉडल नहीं, नया गुजरात बनाना पड़ेगा...आदिवासियों के बीच राहुल गांधी की हुंकार

गुजरात में 27 साल से कांग्रेस सत्ता का वनवास झेल रही है. ऐसे में राहुल गांधी ने दाहोद में आदिवासी सत्याग्रह रैली को संबोधित करते हुए मोदी के विकास मॉडल को नकार दिया और नया गुजरात बनाने का वादा किया. ऐसा गुजरात बनाने का, जो कॉपरेटिव मॉडल पर आधरित हो और जनता की आवाज पर सरकार चल सके. साथ ही उन्होंने राजस्थान और छत्तीसगढ़ के विकास मॉडल को भी लोगों के समाने रखा.

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गुजरात में राहुल गांधी आदिवासी सत्याग्रह रैली गुजरात में राहुल गांधी आदिवासी सत्याग्रह रैली
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पीएम मोदी के विकास मॉडल पर राहुल गांधी ने खड़े किए सवाल
  • राहुल का नया गुजरात बनाने का वादा
  • आदिवासी समुदाय को साधने के लिए राहुल ने किए वादे

गुजरात विधानसभा चुनाव अभियान को सियासी धार देने के लिए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी मंगलवार को आदिवासी बहुल दाहोद पहुंचे. दाहोद की आदिवासी सत्याग्रह रैली में राहुल ने पीएम नरेंद्र मोदी के विकास मॉडल पर सवाल खड़े करते हुए लोगों से 'नया गुजरात' बनाने का वादा किया. राहुल ने कहा कि मोदी के विकास मॉडल सिर्फ चंद बड़े उद्योगपति और ब्यूरोक्रेट्स के लिए हैं, जिनमें आम नागरिक, आदिवासी और गरीबों के लिए कोई जगह नहीं है जबकि हम नया गुजरात बनाना चाहते हैं जो कॉपरेटिव मॉडल पर हो और जनता की आवाज पर सरकार चले. राहुल ने राजस्थान और छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार के विकास मॉडल का भी उदाहारण रखा. 

राहुल गांधी ने अपने पूरे भाषण में नरेंद्र मोदी और गुजरात मॉडल को निशाने पर रखा. मोदी के विकास मॉडल पर सवाल खड़े करते हुए राहुल ने कहा कि 2014 में नरेंद्र मोदी देश के पीएम बने. इससे पहले वे गुजरात के सीएम थे, जो काम उन्होंने गुजरात में शुरू किया, उसे आज हिंदुस्तान में कर रहे हैं. गुजरात मॉडल के नाम पर पहले उन्होंने दो गुजरात बनाए और अब दो हिंदुस्तान बना दिए, एक अमीरों का हिंदुस्तान और दूसरा गरीबों और आम हिंदुस्तान. अमीरों के हिंदुस्तान में चुने हुए अरबपति और ब्यूरोक्रेट्स हैं, जिनके पास सत्ता, धन और अहंकार है. पहले गुजरात में टेस्ट किया गया और फिर देश में लागू कर दिया गया. 

आदिवासी को जमीन का अधिकार दिया

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि हमें दो हिंदुस्तान नहीं चाहिए. हम सिर्फ एक भारत चाहते हैं, जिसमें सभी लोगों का आदर, सभी को शिक्षा और सभी को स्वास्थ्य का अधिकार हो. राहुल ने कहा कि यूपीए की सरकार थी तो हमने कोशिश कि देश का  धन, जल, जंगल, जमीन आम नागरिक को मिले. हम इस दिशा में कानून लाए, जिसके माध्यम से आदिवासी समुदाय को जमीन का अधिकार, मनरेगा से 100 दिन काम की गारंटी दी. भूमि अधिग्रहण बिल लाए जबकि पहले आप से बिना पूछे जमीन छीन ला जाती थी और बिना इजाजत नहीं ली जा सकती है. जमीन अगर ली जाती है तो मार्केट रेट से चार गुना अधिक रेट मुआवजे के रूप में दिया जाता है. 

मोदी के विकास मॉडल पर सवाल खड़े करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि गुजरात में आदिवासी के साथ क्या हो रहा है. जल, जंगल, जमीन का फायदा आज आदिवासी को नहीं मिल रहा, जिसे गुजरात के अदिवासी बेहतर तरीके के समझ रहे हैं. गुजरात में कॉलेज, युनिवर्सिटी में जाना मुश्किल है. सरकारी कॉलेज, शिक्षण संस्थान और हॉस्पिटल को बंद कर उद्योगपतियों के हवाले कर दिया. 

राहुल ने कहा कि इन्फ्रस्ट्रचर बनाने की बात होती है. हर ईंट पर आदिवासी का हाथ लगता है. राहुल ने आदिवासी समुदाय से कहा कि आपने गुजरात बनाया है, गुजरात की सड़कें बनाई हैं, लेकिन आपको क्या मिला. न आपको शिक्षा मिली, न रोजगार मिला, न इलाज मिला. इसीलिए कांग्रेस सत्याग्रह करने जा रही है ताकि आपकी आवाज को जमीन पर उतर सके. आदिवासी के दिल की बात को गुजरात नहीं बल्कि हिंदुस्तान और पीएम मोदी तक को सुनाना चाहते हैं.

राजस्थान-छत्तीसगढ़ सरकार के मॉडल को सामने रखा

राजस्थान और छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार के विकास मॉडल को भी राहुल गांधी ने रखा. उन्होंने कहा कि राजस्थान और छत्तीसगढ़ में जो गारंटी दी थी, उसके तहत किसानों का कर्ज माफ किया. किसान अपने धान की फसल को 2500 रुपये प्रति क्विटंल बेच रहे हैं. राहुल ने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस की सरकार ने स्वास्थ्य सेवा का मॉडल तैयार किया है. सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल खोल रहे हैं. 10 लाख रुपये का हेल्थ इंश्योरेंस दिया जा रहा है. दवाओं से लेकर सारी जांच और इलाज पूरी तरह से मुफ्त सेवा दी जा रही है जबकि गुजरात में स्वास्थ्य सेवा को प्राइवेट किया जा रहा. राजस्थान की तर्ज पर गुजरात में भी हम स्वास्थ्य और शिक्षा फ्री देना चाहते हैं. 

गुजरात में शिक्षा पर बोले राहुल गांधी

राहुल ने छत्तीसगढ़ के शिक्षा मॉडल का भी उदाहारण दिया. राहुल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में इंग्लिश मीडियम स्कूलों का पूरी तरह से जाल बिछा दिया गया है. ये इंग्लिश स्कूल प्राइवेट नहीं बल्कि सरकारी स्कूल हैं, जहां सभी को समान मुफ्त शिक्षा दी जा रही है. ऐसे ही गुजरात में भी हम इंग्लिश स्कूल स्थापित करना चाहते हैं.  इस दौरान उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार कुछ नहीं देने वाली है, आपको लेना पड़ेगा और छीनना पड़ेगा. ऐसे में हमें अब गुजरात मॉडल नहीं बल्कि नया गुजरात बनाना पड़ेगा. 

राहुल गांधी ने कहा कि नया गुजरात ऐसा बनाना होगा, जहां रोजगार मिले और शिक्षा-स्वास्थ्य फ्री हो. युवाओं को भविष्य के लिए लड़ाई लड़नी होगा. नया गुजरात पूरी तरह कॉपरेटिव मॉडल आधारित होगा, जिस प्रकार अमूल को स्थापित किया गया है. नया गुजरात ऐसा होगा, जहां जनता की आवाज पर सरकार चले. एक साथ मिलकर चलाए. आज हालत ये है कि दो तीन लोग मिलकर सरकार चलाते हैं. ऐसे में अब जनता को एक साथ खड़े होना पड़ेगा और बिना डरे लड़ना होगा, जिसके बाद ही नया गुजरात बनाना होगा. 

गुजरात में कांग्रेस की सरकार बनने का दावा करते हुए राहुल ने कहा कि कांग्रेस सरकार में गरीब, आदिवासी की आवाज होगी और आदिवासी विधायक होंगे. आदिवासी जो चाहेंगे तो वो काम सरकार करेगी. सरकार आदिवासी के धन, जल जंगल जमीन की रक्षा करेगी. राहुल ने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी का जिक्र करते हुए कहा कि मोदी ने नोटबंदी और जीएसटी लागू कर अरबपतियों को फायदा पहुंचाने का काम किया. 
 
राहुल गांधी ने कहा कि कोरोना के समय अस्पताल में गरीबों को न आक्सीजन मिला और न ही वेंटिलेटर. प्रधानमंत्री कहते हैं थाली बजाओ उसके बाद कहते हैं कि मोबाइल की लाइट जलाओ. गुजरात में तीन लाख लोग मरे हैं और गंगा मां लाशों से भर गई थी. हिंदुस्तान में 50-60 लाख लोग मरे. लेकिन ये लोग इस पर बात नहीं करते. ये लोग कहते हैं थाली बजाओ. लाइट जलाओ. 

राहुल गांधी ने मोदी के विकास मॉडल पर सवाल खड़ा किया तो नया गुजरात बनाने का वादा किया है. ऐसे में अब देखना है कि गुजरात की जनता किसे पसंद करती है? 

 

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