बिहार की कुटुंबा विधानसभा सीट (Kutumba Assembly Seat) औरंगाबाद जिले में आती है. यह सीट SC समुदाय के लिए आरक्षित है. बिहार में विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो गई है, अब 10 नवंबर को नतीजों का इंतजार है. बिहार की कुटुंबा विधानसभा सीट पर इस बार 28 अक्टूबर को वोट डाले गए, यहां कुल 51.76% मतदान हुआ.
कुटुंबा विधानसभा सीट पर 2015 के चुनाव में कांग्रेस के राजेश कुमार ने जीत हासिल की थी. कुटुंबा विधानसभा सीट एनडीए की ओर से हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के खाते में है. इस सीट पर पहले चरण में चुनाव होगा.
कब वोटिंग और कौन उम्मीदवार?
एनडीए गठबंधन से हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) ने श्रवण भुइंया को अपना उम्मीदवार बनाया है. वहीं, महागठबंधन में कांग्रेस ने राजेश कुमार को चुनाव मैदान में उतारा है. जबकि जन अधिकार पार्टी लोकतांत्रिक ने अरुण कुमार और लोजपा ने सुरुण पासवान, बसपा से कृष्ण कुमार पासवान को अपना प्रत्याशी बनाया है. जबकि पप्पू यादव की पार्टी जाप ने अनिल कुमार पर भरोसा जताया है. इस सीट पर पहले चरण में 28 अक्टूबर को वोटिंग हुई थी.
बता दें कि इस साल बिहार विधानसभा चुनाव 3 चरणों में संपन्न हुए. पहले चरण के लिए 28 अक्टूबर, दूसरे चरण के लिए 3 नवंबर को वोट डाले गए. जबकि तीसरे यानी आखिरी चरण का चुनाव 7 नवंबर को हुआ. बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे 10 नवंबर को आएंगे.
सीट का इतिहास
औरंगाबाद जिले के अंतर्गत आने वाली यह एससी समुदाय के लिए आरक्षित है. 2008 के परिसीमन के बाद कुटुंबा विधानसभा सीट अस्तित्व में आई थी. 2010 में यहां पहली बार विधानसभा चुनाव हुए थे. 2010 के चुनाव में JDU के ललन राम ने जीत हासिल की थी. उन्होंने RJD के सुरेश पासवान को हराया था.
2015 के चुनावी नतीजे
2015 के विधानसभा चुनाव में कुटुंबा विधानसभा सीट से कांग्रेस के राजेश कुमार ने हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के संतोष कुमार को 10 हजार से अधिक वोटों से हराया था. बता दें कि 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन (आरजेडी-जेडीयू-कांग्रेस) बनाम बीजेपी-एलजेपी मुकाबला हुआ था. विधानसभा की कुल 243 सीटों में से महागठबंधन के दलों को 178 सीटें हासिल हुई थीं. RJD को 80, जेडीयू को 71 और कांग्रेस को 27 सीटों पर जीत मिली थी. जबकि बीजेपी को सिर्फ 53 सीटें मिली थीं. वहीं सहयोगी एलजेपी को 2 सीटें मिली थीं.