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नोखा विधानसभा सीट: BJP के गढ़ में RJD ने लगाई थी सेंध, क्या फिर पलटेगी बाजी?

बिहार की नोखा विधानसभा सीट (Nokha Assembly Seat) पर आरजेडी को 2015 में पहली बार जीत मिली थी. आरजेडी की अनीता देवी ने भाजपा नेता रामेश्वर प्रसाद को हराया था. अनीता देवी को 72780 वोट मिले थे जबकि रामेश्वर प्रसाद को कुल 49783 वोटों से ही संतोष करना पड़ा.

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स्टोरी हाइलाइट्स
  • BJP नेता रामेश्वर प्रसाद इस सीट पर चार बार रहे विधायक
  • 2015 के चुनाव में RJD की अनीता देवी को मिली थी जीत

बिहार का नोखा विधानसभा क्षेत्र (Nokha Assembly Seat) महत्वपूर्ण निर्वाचन क्षेत्रों में से एक है. नोखा विधानसभा क्षेत्र को एक समय में राज्य की सबसे अधिक राइस मिल होने का गौरव प्राप्त था लेकिन मौजूदा वक्त में स्थिति बदल गई है. आज के समय में अधिकतर राइस मिल बंद हो गई हैं. वर्ष 2000 से बीजेपी का गढ़ रही नोखा विधानसभा सीट पर 2015 के चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने जीत हासिल की थी.

बिहार में विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो गई है, अब 10 नवंबर को नतीजों का इंतजार है. बिहार की नोखा विधानसभा सीट पर इस बार 28 अक्टूबर को वोट डाले गए, यहां कुल 50.88% मतदान हुआ.

कब हुई वोट‍िंंग, क‍ितने प्रत्‍याशी?

नोखा विधानसभा सीट पर पहले चरण में 28 अक्टूबर को ही मतदान हुआ. इस विधानसभा क्षेत्र से 15 प्रत्याशी ताल ठोक रहे हैं. मुख्‍य लड़ाई राजद बनाम जेडीयू है. राजद ने निवर्तमान विधायक पूर्व मंत्री अनिता देवी को एक बार फिर टिकट दिया है. वहीं जदयू ने अपने जिलाध्यक्ष नागेंद्र चंद्रवंशी को उम्मीदवार बनाया है. लोजपा से डॉ. कृष्ण कबीर प्रत्याशी हैं. अगर रालोसपा की बात करें तो अखिलेश्‍वर प्रसाद सिंह उम्‍मीदवार हैं. 

बता दें कि इस साल बिहार विधानसभा चुनाव 3 चरणों में संपन्न हुए. पहले चरण के लिए 28 अक्टूबर, दूसरे चरण के लिए 3 नवंबर को वोट डाले गए. जबकि तीसरे यानी आखिरी चरण का चुनाव 7 नवंबर को हुआ. बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे 10 नवंबर को आएंगे.

नोखा विधानसभा का राजनीतिक समीकरण
रोहतास जिले के अंतर्गत आने वाली नोखा विधानसभा सीट पर 1951 में पहला चुनाव हुआ था. कांग्रेस के रघुनाथ प्रसाद साह पहले विधायक बने थे. नोखा विधानसभा सीट पर 1967 तक लगातार कांग्रेस का राज रहा. इसके बाद हुए विधानसभा चुनावों में सियासी समीकरण बदलता रहा. भाजपा नेता रामेश्वर प्रसाद ने नोखा विधानसभा क्षेत्र का लगातार 4 बार प्रतिनिधित्व किया है. 2015 के चुनाव के पहले नोखा विधानसभा सीट पर बीजेपी का एकतरफा कब्जा रहा है. बीजेपी नेता रामेश्वर प्रसाद साल 2000 से लेकर 2015 तक लगातार नोखा के विधायक रहे हैं. वहीं, 2015 के विधानसभा चुनाव में नोखा सीट पर पासा पलटा और आरजेडी को पहली बार जीत मिली.
   

सामाजिक ताना-बाना
कृषि पर आधारित नोखा विधानसभा क्षेत्र काराकाट (Karakat) लोकसभा के अंतर्गत आता है. नोखा विधानसभा क्षेत्र को चावल उद्योग के लिए जाना जाता है. 2011 की जनगणना के अनुसार नोखा की कुल जनसंख्या 387476 में से 86.81% ग्रामीण जबकि 13.19% शहरी आबादी है. जिसमें 17.29 फीसदी अनुसूचित जाति (SC) और  0.07 फीसदी अनुसूचित जनजाति (ST) क आबादी है. 2019 की वोटर लिस्ट के अनुसार, नोखा निर्वाचन क्षेत्र में 288868 मतदाता और 289 मतदान केंद्र हैं.  2015 में नोखा विधानसभा क्षेत्र में 52.51% मतदान हुआ था. 

2015 के चुनावी नतीजे
बिहार की नोखा विधानसभा सीट पर 2015 के चुनाव में कुल 268607 मतदाताओं में से 140995 वोटरों ने मतदान किया था. नोखा सीट पर आरजेडी को 2015 में पहली बार जीत मिली थी. जिसमें आरजेडी की अनीता देवी ने भाजपा नेता रामेश्वर प्रसाद को हराया था. अनीता देवी को 72780 वोट मिले थे जबकि रामेश्वर प्रसाद को कुल 49783 वोटों से ही संतोष करना पड़ा. इसके अलावा बसपा प्रत्याशी राजेंद्र सिंह को 4101 वोट मिले थे.

विधायक अनीता देवी का रिपोर्ट कार्ड
आरजेडी विधायक अनीता देवी की बात करें तो वो बिहार सरकार के पूर्व मंत्री रहे स्वर्गीय जंगी चौधरी की पुत्रवधू और स्वर्गीय आनंद मोहन सिंह की पत्नी हैं. पेशे से शिक्षिका अनीता देवी ने 2015 में आरजेडी-जेडीयू गठबंधन की तरफ से जब बीजेपी के रामेश्वर चौरसिया को हराया था तो नीतीश कुमार की सरकार में उन्हें पर्यटन मंत्री बनाया गया. हालांकि, बाद में आरजेडी-जेडीयू गठबंधन टूट गया. अनीता देवी को राजनीति विरासत में मिली है.

 

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