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वोट भी-विधायकी भी: 4 से बढ़कर 9 हुईं बिहार BJP की महिला MLA

बिहार चुनाव में इस बार कुल 26 महिला उम्मीदवारों को जीत मिली. सबसे ज्यादा महिलाएं बीजेपी के टिकट पर जीत दर्ज कर सकी हैं जबकि आरजेडी और जेडीयू दूसरे नंबर पर रहे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला वोटरों को धन्यवाद देते हुए कहा कि नारी शक्ति हमारे लिए साइलेंट वोटर हैं. इस बार के चुनाव में भले ही महिला विधायकों की संख्या पिछली बार की तुलना में घट गई हो, लेकिन बीजेपी में महिला प्रतिनिधित्व दोगुना हो गया है.

बिहार विधानसभा में महिला प्रतिनिधित्व बिहार विधानसभा में महिला प्रतिनिधित्व
स्टोरी हाइलाइट्स
  • बिहार में महिला प्रतिनिधित्व इस बार घट गया है
  • बिहार में 26 महिला विधायक जीतने में सफल रहीं
  • बीजेपी से सबसे ज्यादा 9 महिलाओं ने दर्ज की जीत

बिहार विधानसभा चुनाव नतीजों में कांटे की टक्कर के बाद एनडीए बहुमत के जादुई आंकड़े को पार कर गया. एनडीए की जीत में महिलाओं की अहम भूमिका रही है, जिनके सहारे नीतीश कुमार का एक बार फिर मुख्यमंत्री बनने का सपना साकार होता दिख रहा है. यही वजह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला वोटरों को धन्यवाद देते हुए कहा कि नारी शक्ति हमारे लिए साइलेंट वोटर हैं. इस बार के चुनाव में भले ही महिला विधायकों की संख्या पिछली बार की तुलना में घट गई हो, लेकिन बीजेपी में महिला प्रतिनिधित्व दोगुना हो गया है.  

बिहार चुनाव में इस बार कुल 26 महिला उम्मीदवारों को जीत मिली. सबसे ज्यादा महिलाएं बीजेपी के टिकट पर जीत दर्ज कर सकी हैं जबकि आरजेडी और जेडीयू दूसरे नंबर पर रहे. हालांकि, 2015 में विभिन्न दलों से 28 महिलाएं चुनाव जीत कर विधानसभा पहुंची थीं. इस लिहाज से इस बार महिला विधायकों की संख्या में पिछले चुनाव की तुलना में कमी आई है. 

बीजेपी में सबसे ज्यादा महिला MLA
बीजेपी से सबसे ज्यादा महिलाएं विधानसभा पहुंची हैं. बीजेपी ने इस बार के चुनाव में 13 महिलाओं को टिकट देकर मैदान में उतारा था, जिनमें से 9 महिला जीतकर विधानसभा पहुंची हैं. 2015 में बीजेपी से महज चार महिला विधायक ही जीत हासिल कर सकी थीं जबकि पार्टी ने 14 सीटों पर उन्हें उतारा था. इस बार बीजेपी के महिला विधायकों के जीतने का स्ट्राइक रेट पिछली बार से काफी बेहतर है. 

जेडीयू से 6 महिला विधायक बनीं
बिहार विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा महिलाओं को टिकट जेडीयू ने दिया था. जेडीयू ने 22 सीटों पर महिला प्रत्याशी उतारे थे, जिनमें से 6 महिलाएं ही विधायक बन सकी है. वहीं, जेडीयू ने 2015 के चुनाव में 10 महिलाओं को टिकट दिया था, जिनमें 9 को जीत मिली थी. इस लिहाज से जेडीयू ने इस बार महिलाओं को दोगुना टिकट दिए थे, इसके बाद भी पिछली बार से कम महिलाएं जीती हैं. जेडीयू से महज 25 फीसदी ही महिलाएं जीत सकी हैं. 

आरजेडी में घट गईं महिला MLA
बिहार विधानसभा चुनाव में तेजस्वी यादव अपने पुराने आरजेडी के आंकड़े के आसपास सीटें बचाने में सफल रहे हैं, लेकिन महिला विधायकों की संख्या घट गई है. आरजेडी ने इस बार 16 महिलाओं को टिकट देकर मैदान में उतारा था, जिनमें से 7 महिला ही विधानसभा पहुंच सकी हैं. वहीं, 2015 के चुनाव में 10 महिलाओं को टिकट दिया था और सभी जीतकर विधानसभा पहुंची थीं. ऐसे में आरजेडी के महिला विधायकों का आंकड़ा कम हो गया है. 

कांग्रेस से दो महिला विधायक बनीं
महागठबंधन में आरजेडी की जूनियर पाटर्नर कांग्रेस ने अपने कोटे की 70 सीटों में से 7 पर महिला प्रत्याशी उतारे थे, जिनमें से महज दो ही जीत सकीं. वहीं, 2015 के चुनाव में कांग्रेस ने पांच महिला प्रत्याशी बनाए थे, जिनमें से 4 जीतकर विधानसभा पहुंची थी. वामदलों ने सिर्फ एक महिला को प्रत्याशी बनाया था, लेकिन वो जीत नहीं सकी. हालांकि, वामपंथी दलों का जीत का ट्रैक रिकॉर्ड काफी बेहतर रहा है. 

HAM-VIP से एक-एक महिला जीती
एनडीए में शामिल जीतनराम मांझी ने एक सीट पर महिला प्रत्याशी उतारा था और वो जीत दर्ज करने में सफल रहीं. ऐसे ही मुकेश सहनी ने वीआइपी के टिकट पर दो महिलाओं को प्रत्याशी बनाया था, जिनमें से एक महिला प्रत्याशी ने जीत हासिल की है. इसके अलावा एलजेपी, AIMIM सहित बाकी दलों से एक भी महिला प्रत्याशी नहीं जीत सकी है. 

एनडीए की महिला विधायक 
बीजेपी के टिकट पर परिहार से गायत्री देवी, रामनगर से भागीरथी देवी, बेतिया से रेणु देवी, जमुई से श्रेयसी सिंह, कटोरिया से डॉ निक्की हैंब्रम, नरकटियागंज से रश्मि वर्मा, प्राणपुर से निशा सिंह, कोरहा से कविता देवी और वारसिलीगंज से अरुणा देवी जीतकर विधानसभा पहुंची हैं. वहीं, जेडीयू के टिकट पर बाबूबरही से मीना कुमारी, केसरिया से शालिनी मिश्रा, त्रिवेणीगंज से बीना भारती, रुपौली से बीमा भारती, धमदाहा से लेसी सिंह और फुलपरास सीट से शीला कुमारी जीती हैं. हिंदुस्तान आवाम मोर्चा के टिकट पर बाराचट्टी से ज्योति देवी और वीआईपी के टिकट पर गौरा बौराम से सवर्णा सिंह जीत हासिल की हैं. 

महागठबंधन की महिला विधायक
वहीं, आरजेडी के टिकट पर संदेश सीट से किरण देवी, शेरघाटी से मंजू अग्रवाल, महनार से बीना सिंह, मसौढ़ी से रेखा देवी, मोहनिया से संगीता देवी, नवादा से विभा देवी और नोखा से अनिता देवी जीती हैं. वहीं, कांग्रेस से हिसुआ से नीतू कुमारी और राजा पाकर से प्रतिमा कुमारी जीत दर्ज कर सकी हैं. 

बिहार में महिला प्रतिनिधित्व 

बता दें कि बिहार के चुनावी इतिहास में 2020 तक महिला प्रत्याशियों के जीतने की संख्या बढ़ कर 258 हो गई है. 2015 के  बिहार विधानसभा चुनाव में महिला विधायकों की संख्या 28 थी जबकि 2010 में 34 महिला विधायक चुनी गयी थीं. दिलचस्प बात यह है कि 2015 के विधानसभा चुनावों में जीती 28 महिला विधायकों में से 25 ने पुरुष उम्मीदवारों को हराया था. इस बार भी अधिकतर महिलाओं ने पुरुषों को ही पराजित कर विधानसभा पहुंचने में सफलता पाई. 

बिहार की राजनीति में 1972 का चुनाव ऐसा था जब 45 महिलाएं चुनाव मैदान में उतरीं, लेकिन एक भी चुनाव नहीं जीत सकीं. वहीं, इससे पहले 1969 में केवल तीन महिला उम्मीदवारों ने चुनाव में जीत दर्ज की थी. झारखंड बनने के बाद सबसे कम 2005 में केवल चार महिलाओं ने चुनाव जीता दर्ज कर सकी थी. 


 

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