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बिहार जीत के बहाने पीएम मोदी ने साधा बंगाल, कैसा रहेगा इस बार नीतीश का मंत्रिमंडल, सुनें 'आज का दिन'

बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए भले ही फिर से सत्ता में आ गई लेकिन इस बार नीतीश का रोल बदला है. अब वो गठबंधन में छोटे भाई हैं. दो दशक में पहली बार नीतीश कुमार की सीटें बीजेपी से कम आई हैं.

कैसा रहेगा नीतीश का मंत्रिमंडल? कैसा रहेगा नीतीश का मंत्रिमंडल?

बिहार की जीत के 18 घंटे बाद पीएम मोदी ने बीजेपी हेडक्वार्टर से भाषण दिया. बिहार पर बात की, बंगाल की सियासत पर भी टीकाएँ कीं.  प्रधानमंत्री ने बंगाल की राजनीतिक हत्याओं का ज़िक्र भी छेड़ा. धन्यवाद बिहार नाम से आयोजित कार्यक्रम में पीएम ने अपनी सरकार की उपलब्धियों और योजनाओं का बख़ान किया. माहौल जश्न का था तो पार्टी के दिग्गज नेता जेपी नड्डा, राजनाथ सिंह, अमित शाह वग़ैरह तो जुटे ही…. बड़ी संख्या में लोग भी मुख्यालय में जमा थे. बिहार को फ़ोकस में रखकर दिए गए इस भाषण के और क्या मायने हैं बता रहे हैं आजतक डॉट इन के संपादक पाणिनी आनंद.

बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए भले ही फिर से सत्ता में आ गई लेकिन इस बार नीतीश का रोल बदला है. अब वो गठबंधन में छोटे भाई हैं. दो दशक में पहली बार नीतीश कुमार की सीटें बीजेपी से कम आई हैं. ऐसे में नीतीश कुमार के सिर भले ही मुख्यमंत्री का ताज सज रहा है लेकिन कहा ये जा रहा है कि मंत्रिमंडल में नीतीश को थोड़ा दबकर रहना पड़ेगा. ज़्यादा सीट वाली भाजपा का वर्चस्व रहनेवाला है. तो कैसा रह सकता है बिहार में मंत्रिमंडल का फ़ॉर्मूला यही बता रहे हैं आजतक डॉट इन के हमारे साथी पत्रकार और बिहार की राजनीति को बेहतर तरीक़े से समझने वाले कुबूल अहमद.

RBI के पूर्व गवर्नर बिमल जालान ने 3 दिन पहले कहा था धराशायी इकॉनोमी को वापस पटरी पर लाने के लिए किसी Fiscal stimulus य़ानि प्रोत्साहन पैकेज की ज़रूरत नहीं है बल्कि राजकोषीय घाटे को और बढ़ाने के बजाय सरकार ने पहले से जिन पैकेज की घोषणा की है, उसे खर्च किया जाना ज़्यादा ज़रूरी है. सरकार एक बार फिर अर्थव्यवस्था को सुधारने के नाम पर पैकेज ले आई है. इस बार इंडस्ट्रीज के लिए पैकेज घोषित हुआ. सरकार 10 सेक्टर्स को उत्पादन आधारित प्रोत्साहन यानि PLI देगी. क़रीब 2 लाख करोड़ रुपये दिए जाएंगे. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को प्रस्ताव पर मंज़ूरी दे दी है.. तो ये पैकेज उद्योगों को पहले दिए गए राहत पैकेजों से कैसे अलग है? बता रहे हैं इंडिया टुडे हिंदी पत्रिका के एडिटर अंशुमान तिवारी.

दुनिया की दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनी एप्पल अब पहली ऐसी कंपनी बन गई है जो अपना कंप्यूटर तो खुद बना ही रही है अब इसका प्रोसेसर भी खुद बना रही है. हाल ही में एप्पल ने  जो  MacBook Pro 13 इंच, MacBook Air और Mac mini लॉन्च किए उनमें Apple का नया इन हाउस प्रोसेसर Apple M1 इस्तेमाल किया गया है. इससे पहले कंपनी अपने कंप्यूटर्स में इंटेल के प्रोसेसर इस्तेमाल करती थी. हालांकि इंटेल प्रोसेसर वाले जो पुराने MacBook हैं वो अभी बंद नहीं किए जाएंगे. ऐसा कंपनी ने कहा है. तो सवाल ये है कि अन्य कंपनियों के प्रोसेसर को छोड़कर एप्पल को ख़ुद के प्रोसेसर पर 'आत्मनिर्भर' होने की ज़रूरत क्यों आन पड़ी. ये समझा रहे हैं टेक एक्सपर्ट दीपक धींगरा.

और ये भी जानिए कि 12 नवंबर की तारीख इतिहास के लिहाज़ से अहम क्यों है.. क्या घटनाएं इस दिन घटी थीं. अख़बारों का हाल भी चंद मिनटों में सुनिए और खुद को अप टू डेट कीजिए. इतना कुछ महज़ आधे घंटे के न्यूज़ पॉडकास्ट 'आज का दिन' में नितिन ठाकुर के साथ.
 

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