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‘PK’ के विनिंग फॉर्मूले पर ममता, आज से 'दुआरे-दुआरे सरकार' मुहिम

पश्चिम बंगाल में बीजेपी की चुनावी सक्रियता को भांपकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अब खुद कमान संभाल ली है. ममता बनर्जी ने चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (PK) के विंनिंग फॉर्मूले के जरिए अपनी महत्वाकांक्षी योजनाओं को घर-घर पहुंचाने का प्लान बनाया है. यह अभियान मंगलावर से शुरू होकर दो महीने तक यानी 30 जनवरी 2021 तक जारी रहेगा.

पश्चिम बंगाल सीएम ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल सीएम ममता बनर्जी
स्टोरी हाइलाइट्स
  • ममता सरकार अपनी योजनाओं को घर-घर पहुंचाएगी
  • ममता सरकार ने शुरू किया दुआरे-दुआरे सरकार कैंपेन
  • प्रशांत किशोर का यह विनिंग फॉर्मूला माना जाता है

ममता बनर्जी ने आज से 'दुआरे-दुआरे पश्चिम बोंगो सरकार' (हर द्वार बंगाल सरकार) अभियान का आगाज किया हैं. टीएमसी का यह अभियान एक दिसंबर से 30 जनवरी यानी चुनाव की घोषणा तक जारी रहेगा. सरकार इस अभियान के तहत राज्य भर में अगले दो महीने तक सभी ग्राम पंचायतों और शहरी क्षेत्रों में नगर निगम-पालिकाओं के वार्डों में करीब 20 हजार शिविरों का आयोजन करेगी. इन शिविरों के जरिए 11 महत्वपूर्ण योजनाओं को घर-घर पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है. 

बंगाल में 'दुआरे-दुआरे सरकार' अभियान को ममता बनर्जी ने चार चरणों में बांटा है. पहला चरण एक दिसंबर से शुरू होगा और 11 दिसंबर तक चलेगा. दूसरा चरण 15 दिसंबर से 24 दिसंबर तक जारी रहेगा. इसके बाद तीसरा चरण दो जनवरी 2021 से 12 जनवरी तक और चौथा चरण 18 जनवरी से 30 जनवरी तक चलेगा. इस दौरान सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक प्रशासन और टीएमसी वर्कर ममता सरकार की योजनाओं को लोगों तक पहुंचाएंगे. 

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी का चुनाव प्रबंधन प्रशांत किशोर संभाल रहे हैं. माना जा रहा है कि 'दुआरे-दुआरे सरकार' अभियान प्रशांत किशोर के ही दिमाग की उपज है. इससे पहले वे कई राज्यों में ऐसा ही फॉर्मूला अपना चुके हैं, जिसके राजनीतिक नतीजे काफी सकारात्मक रहे हैं. पिछले साल दिल्ली विधानसभा चुनाव में प्रशांत किशोर ने आम आदमी पार्टी के लिए चुनावी रणनीति बनाई थी. 

केजरीवाल सरकार ने भी अपनी योजनाओं को घर-घर पहुंचाने के लिए डोर-टू-डोर कैंपेन शुरू करवाया था. इससे पहले आंध्र प्रदेश में भी वाईएसआर प्रमुख जगन मोहन रेड्डी की राज्यभर की पैदल यात्रा की रूपरेखा प्रशांत किशोर ने ही खींची थी. जगन रेड्डी ने अपनी यात्रा के जरिए टीडीपी के खिलाफ ऐसा माहौल बनाया कि चुनाव में वाईएसआर कांग्रेस का डंका बज गया. 

2014 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी और बीजेपी के लिए चुनाव प्रबंधन का काम प्रशांत किशोर ने ही किया था. अच्छे दिन के नारे और चाय पर चर्चा जैसे उनके कार्यक्रम जबरदस्त हिट रहे. 2015 के बिहार चुनाव में नीतीश कुमार की योजनाओं को घर-घर पहुंचाने के लिए प्रशांत किशोर ने सरकार आपके द्वार अभियान शुरू करवाया. इसके अलावा बिहार में बाहर है और नीतीशे कुमार हैं जैसे नारे प्रशांत किशोर ने ही गढ़े थे. 

पीके के इसी विनिंग फॉर्मूले को अब ममता बनर्जी जमीन पर उतारने निकली हैं. इस अभियान के जरिए बंगाल की प्रत्येक ग्राम पंचायत, नगर पालिका के प्रत्येक वार्ड पर शिविर आयोजन कर लाभार्थियों और उपस्थित लोगों से चुनाव से पहले फीडबैक भी जुटाया जाएगा. 

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पिछले दिनों राज्य के सभी नागरिकों को स्वास्थ्य बीमा के दायरे में लाने के लिए राज्य सरकार द्वारा संचालित 'स्वास्थ्य साथी' योजना का लाभ एक दिसंबर, 2020 से प्रत्येक परिवार और व्यक्ति को देने की घोषणा की थी. इस अभियान के तहत स्वास्थ्य साथी योजना के साथ-साथ खाद्य साथी, कन्याश्री, रूपश्री, शिक्षाश्री सहित 11 योजनाओं को घर-घर पहुंचाया जाएगा और पंजीकरण किया जाएगा. 

'दुआरे-दुआरे सरकार' अभियान के दौरान एससी-एसटी और ओबीसी समुदाय से जुड़े लोगों के जाति प्रमाण पत्र भी जारी किया जाएंगे. जिनके प्रमाणपत्रों में कोई खामियां हैं, उन्हें भी सुधारा जाएगा. इस तरह से ममता सरकार जनता के दरवाजे पर जाकर लोगों की सहायता करती दिखेगी.


 

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