Manjula Singh
SP
Dheeraj Prakash
BSP
Hanuman Das
JANADIP
Nota
NOTA
Laxminarayan
INC
Devnath Yadav
CPI
Gulab Chandra Kushwaha
BSCP
Ram Prasad Singh
AJPI
बसपा चीफ मायावती ने बसपा में पीढ़ीगत बदलाव के संकेत दे दिए हैं. उन्होंने संगठन में युवाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं. साथ ही, मायावती ने ये भी साफ किया है कि उनके भाई आनंद कुमार के बेटों को BSP में राजनीतिक जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी.
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस यूपी में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर विचार कर रही है. कहा जा रहा है कि राज्य के नेतृत्व परिवर्तन और किसी ब्राह्मण या OBC चेहरे को लाने पर विचार किया जा रहा है.
BSP के पूर्व नेता अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने के बाद भी मायावती का गुस्सा शांत नहीं हो रहा. उन्होंने आकाश आनंद की सिसायी दूर्दशा के लिए भी अशोक सिद्धार्थ को ही जिम्मेदार ठहराया है.
प्रयागराज में बाढ़ के पानी में प्रेरणा स्थल के डूबने को लेकर सियासत तेज हो गई है. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि नाम बदलने वालों के लिए सुनहरा मौका है, अरबों की लागत से बने प्रेरणा स्थल का नाम प्रेरणा जल-स्थल कर दें. उन्होंने बीजेपी नेताओं से अपने महापुरुषों के प्रति ईमानदार रहने की अपील की.
उत्तर प्रदेश में 2024 के लोकसभा चुनावों में मिले झटके के बाद भाजपा 'हाइपर-लोकल' मोड में आ गई है और 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए 'रिकवरी प्लान' पर काम कर रही है. इसके तहत पार्टी ने उन 18,900 बूथों की पहचान की है जहां उसका जनाधार खिसका है, ताकि ग्रामीण इलाकों और सामाजिक समीकरणों को सुधारकर वापसी की जा सके.
बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ को निशाने पर लेते हुए सपा और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने विपक्षी दलों द्वारा नीले रंग और अंबेडकरवादी सोच के दिखावे पर सवाल उठाते हुए बसपा से निकाले गए नेताओं को पनाह देने और राजनीतिक षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया.
यूपी चुनाव से पहले मूंछों को लेकर बीजेपी और सपा आमने-सामने हैं. अखिलेश यादव के मूंछों पर ताव दिलाने के बाद बीजेपी ने अतीक और मुख्तार की तस्वीर के जरिए पलटवार किया. सपा ने अधिकारियों के व्यवहार और हाईकोर्ट की टिप्पणियों का हवाला देते हुए बीजेपी पर निशाना साधा.
यूपी में राजनीतिक पार्टियों ने चुनाव की तैयारी जोर शोर से शुरू कर दी हैं. इसी सिलसिले में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच सीट बंटवारे पर बातचीत शुरू हो चुकी है. दोनों ओर से सीटों के ऑफर और डिमांड को लेकर शुरुआती आंकड़े सामने आए हैं. सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर है कि समाजवादी पार्टी यूपी में कांग्रेस को 85-88 सीटें ही देना चाहती है जबकि कांग्रेस ने कम से कम 105 से 115 सीटों की डिमांड रखी है.
विधान सभा चुनाव से पहले कांग्रेस पिछड़ा वर्ग के मतदाताओं को अपने साथ जोड़ने की तैयारी में है. पार्टी हर 10 जिले में विशेष वार रूम बनाएगी और सामाजिक न्याय, आरक्षण व 'जितनी आबादी उतना अधिकार' जैसे मुद्दों पर अभियान चलाएगी. तीन माह में मंडल और जिला स्तर पर सम्मेलन भी होंगे.
भाजपा ने 2027 यूपी विधानसभा चुनाव से पहले अपनी रणनीति तेज कर दी है. लखनऊ में हुई मीडिया विभाग की कार्यशाला में पार्टी ने विपक्ष के भ्रामक प्रचार का तुरंत जवाब देने के लिए क्विक रिस्पांस टीम बनाने का फैसला लिया. प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि 2024 लोकसभा चुनाव के अनुभव से सीखते हुए अब पार्टी नैरेटिव सेट करने वाली भूमिका निभाएगी.